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Bijnor News: अमेरिका-ईरान के युद्ध से छह माह पिछड़ा सड़कों का काम
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अचल चौधरी
बिजनौर। अमेरिका-ईरान तनाव ने जिले में विकास कार्यों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। सड़क निर्माण का सबसे अहम कच्चा माल तारकोल (बिटुमेन) न केवल दोगुनी कीमत पर पहुंच गया है, बल्कि इसकी आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके चलते जिले की 20 से अधिक सड़क परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं और लोक निर्माण विभाग को उनकी समय सीमा छह महीने तक बढ़ानी पड़ गई है।
जिले में जिन सड़कों पर इस समय निर्माण या चौड़ीकरण का कार्य चल रहा था, वहां मशीनें खामोश हैं और मजदूरों की आवाजाही भी कम हो गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पहले जिस तारकोल की आपूर्ति नियमित रूप से हो रही थी, अब उसकी उपलब्धता अनिश्चित हो गई है।
निर्माण एजेंसियां मांग के अनुरूप सामग्री नहीं जुटा पा रही हैं। बताया गया कि छह हॉट मिक्स प्लांट भी बंद पड़े हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल और उससे जुड़े उत्पादों की आपूर्ति पर अंतरराष्ट्रीय हालात का सीधा असर पड़ता है। बिटुमेन भी पेट्रोलियम उत्पाद होने के कारण वैश्विक बाजार में आई उथल-पुथल से प्रभावित हुआ है।
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वहीं, मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे में बहसूमा से लेकर बिजनौर तक फोरलेन सड़क बन रही है लेकिन तारकोल की कमी के कारण इसका काम भी छह महीने लेट हो गया है। नेशनल हाईवे के एसडीओ आशीष शर्मा ने बताया कि अब तक 69 प्रतिशत काम हुआ है अगर समय से तारकोल मिलता तो यह अब तक 75 फीसदी हो जाता।
बिजनौर। अमेरिका-ईरान तनाव ने जिले में विकास कार्यों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। सड़क निर्माण का सबसे अहम कच्चा माल तारकोल (बिटुमेन) न केवल दोगुनी कीमत पर पहुंच गया है, बल्कि इसकी आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके चलते जिले की 20 से अधिक सड़क परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं और लोक निर्माण विभाग को उनकी समय सीमा छह महीने तक बढ़ानी पड़ गई है।
जिले में जिन सड़कों पर इस समय निर्माण या चौड़ीकरण का कार्य चल रहा था, वहां मशीनें खामोश हैं और मजदूरों की आवाजाही भी कम हो गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पहले जिस तारकोल की आपूर्ति नियमित रूप से हो रही थी, अब उसकी उपलब्धता अनिश्चित हो गई है।
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निर्माण एजेंसियां मांग के अनुरूप सामग्री नहीं जुटा पा रही हैं। बताया गया कि छह हॉट मिक्स प्लांट भी बंद पड़े हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल और उससे जुड़े उत्पादों की आपूर्ति पर अंतरराष्ट्रीय हालात का सीधा असर पड़ता है। बिटुमेन भी पेट्रोलियम उत्पाद होने के कारण वैश्विक बाजार में आई उथल-पुथल से प्रभावित हुआ है।
वहीं, मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे में बहसूमा से लेकर बिजनौर तक फोरलेन सड़क बन रही है लेकिन तारकोल की कमी के कारण इसका काम भी छह महीने लेट हो गया है। नेशनल हाईवे के एसडीओ आशीष शर्मा ने बताया कि अब तक 69 प्रतिशत काम हुआ है अगर समय से तारकोल मिलता तो यह अब तक 75 फीसदी हो जाता।