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Budaun News: 150 स्वास्थ्य सखी को मिला प्रशिक्षण, ग्रामीणों को करेंगी जागरूक
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बदायूं। समूह की महिलाएं स्वास्थ्य सखी बनकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेंगी। इसके लिए 150 महिलाओं का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया गया है। अब इन्हें ग्राम संगठनों में तैनात करने की तैयारी है। इन्हें महीने में 10 दिन काम करना होगा। इसके लिए इन्हें मानदेय भी दिया जाएगा।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में करीब 20 हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी करीब दो लाख से अधिक महिलाओं को उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। योजना के तहत समूह की 150 महिलाओं को स्वास्थ्य सखी के रूप में चयन कर आरआईआरडी की ओर से चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। इससे पहले 228 महिलाएं स्वास्थ्य सखी बनकर ग्राम संगठन स्तर पर कार्य कर रही हैं।
खाद्य, पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता की देंगीं जानकारी
स्वास्थ्य सखी ग्रामीण परिवारों में खाद्य, पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता की जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक करेंगी। इसमें गर्भवती, धात्री व पांच साल की उम्र के बच्चों का टीकाकरण व परामर्श प्राप्त करवाने के लिए प्रेरित करेंगी। इन्हें ग्राम संगठन की मासिक बैठक में स्वास्थ्य संबंधी हुई गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध करनी होगी। इसमें स्वास्थ्य विभाग से सहायता लेते हुए ग्राम स्तर पर आशा, आंगनबाड़ी व एएनएम की सहभागिता करवाई जाएगी। इन्हें 10 दिन कार्य करने पर 150 रुपये प्रतिदिन के के हिसाब से 1500 रुपये संसाधन शुल्क के रूप में दिए जाएंगे। इसके अलावा क्षेत्र में भ्रमण करने का 500 व टीकाकरण आदि के लिए दो दिन अतिरिक्त कार्य करने पर 200 रुपये अलग से दिए जाएंगे।
स्वास्थ्य सखी के माध्यम से समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। ग्राम संगठन स्तर पर पहले से कार्य कर रहीं 228 स्वास्थ्य सखी के साथ 150 अन्य महिलाओं का चयन कर प्रशिक्षित किया गया है। - अखिलेश चौबे, डीसी एनआरएलएम
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ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में करीब 20 हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी करीब दो लाख से अधिक महिलाओं को उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। योजना के तहत समूह की 150 महिलाओं को स्वास्थ्य सखी के रूप में चयन कर आरआईआरडी की ओर से चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। इससे पहले 228 महिलाएं स्वास्थ्य सखी बनकर ग्राम संगठन स्तर पर कार्य कर रही हैं।
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खाद्य, पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता की देंगीं जानकारी
स्वास्थ्य सखी ग्रामीण परिवारों में खाद्य, पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता की जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक करेंगी। इसमें गर्भवती, धात्री व पांच साल की उम्र के बच्चों का टीकाकरण व परामर्श प्राप्त करवाने के लिए प्रेरित करेंगी। इन्हें ग्राम संगठन की मासिक बैठक में स्वास्थ्य संबंधी हुई गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध करनी होगी। इसमें स्वास्थ्य विभाग से सहायता लेते हुए ग्राम स्तर पर आशा, आंगनबाड़ी व एएनएम की सहभागिता करवाई जाएगी। इन्हें 10 दिन कार्य करने पर 150 रुपये प्रतिदिन के के हिसाब से 1500 रुपये संसाधन शुल्क के रूप में दिए जाएंगे। इसके अलावा क्षेत्र में भ्रमण करने का 500 व टीकाकरण आदि के लिए दो दिन अतिरिक्त कार्य करने पर 200 रुपये अलग से दिए जाएंगे।
स्वास्थ्य सखी के माध्यम से समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। ग्राम संगठन स्तर पर पहले से कार्य कर रहीं 228 स्वास्थ्य सखी के साथ 150 अन्य महिलाओं का चयन कर प्रशिक्षित किया गया है। - अखिलेश चौबे, डीसी एनआरएलएम