सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Pregnant woman dies during surgery family members create a ruckus for six hours

Budaun News: ऑपरेशन के दौरान गर्भवती की मौत, छह घंटे तक परिजनों ने किया हंगामा, अस्पताल सील

संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: बरेली ब्यूरो Updated Sat, 31 Jan 2026 12:48 AM IST
विज्ञापन
सार

बदायूं के दातागंज में निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान गर्भवती महिला की मौत हो गई। उसके परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर छह घंटे तक हंगामा किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया है। 

Pregnant woman dies during surgery family members create a ruckus for six hours
महिला की मौँत के बाद सिटी अस्पताल के बाहर पहुंचे परिजन व  ग्रामीण। संवाद
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

बदायूं के दातागंज में अच्छा इलाज व ठीक करने की गारंटी लेकर 75 सौ रुपये लेकर मरीज को भर्ती कर लिया गया। लापरवाही व इलाज सही न मिलने की वजह से चार महीने की गर्भवती की अधिक रक्त बहने से मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने हंगामा शुरू किया तो डॉक्टर व स्टाफ मौका पाकर भाग गए। छह घंटे हंगामे के बाद पुलिस ने शव जिला मुख्यालय भिजवाया। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Trending Videos


गांव कनकपुर निवासी पति अजयपाल ने बताया कि 29 जनवरी को पत्नी कुसुम (26 साल) की तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने उसे डॉ. जोहरा फात्मा के पास भर्ती कराया था। आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज के नाम पर 7500 रुपये जमा करा लिए, लेकिन दवा देकर खुद अपने आवास पर चली गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन


रात में जब मरीज की हालत बिगड़ी तो परिजनों ने स्टाफ से डॉक्टर को बुलाने की बार-बार मिन्नतें कीं, लेकिन डॉक्टर मरीज को देखने नहीं पहुंचीं। इसी दौरान अप्रशिक्षित स्टाफ ने उसका ऑपरेशन शुरू कर दिया। लापरवाही व उचित इलाज न मिलने के कारण शुक्रवार सुबह पांच बजे कुसुम की मौत हो गई। पीड़ित ने चिकित्साधीक्षक को पत्र लिखकर आरोपी डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

तीन बार पहले भी सील हो चुका है अस्पताल
दातागंज के सिटी अस्पताल में महिला की कोई पहली मौत नहीं है। इससे पहले भी यहां कई गर्भवतियां अपनी जान गवां चुकी हैं। तीन बार अस्पताल को विभाग ने सील किया, लेकिन बार-बार अस्पताल संचालित होता रहा।

 

महिला की मौँत के बाद सिटी अस्पताल के बाहर पहुंचे परिजन व  ग्रामीण। संवाद

मृतका का फाइल फोटो 

 

कोर्ट में मामला विचाराधीन, बाबू ने मोटी रकम लेकर खुलवा दिया था अस्पताल
जिले में मात्र 53 अस्पतालों के ही रजिस्ट्रेशन हैं। करीब चार सौ से अधिक फर्जी अस्पताल संचालित होते आ रहे हैं। इन अस्पताल के संचालकों को रजिस्ट्रेशन नहीं, बल्कि हर महीने बाबू के कमरे में हाजिरी देनी होती है। जिस महीने संचालक नहीं पहुंचता उसी महीने में उसका अस्पताल फर्जी दिखाकर कार्रवाई कर दी जाती है। इसके बाद मोटी रकम लेकर उसे खोल दिया जाता है। बताया जाता है कि बाबू बिना पंजीकृत अस्पतालों से 20 हजार रुपये माह लेता है।

आयुर्वेद की डॉक्टर, संचालित नर्सिंग होम
जिस डॉक्टर को इंजेक्शन लगाने तक का अधिकार नहीं है वह ऑपरेशन करती आ रहीं हैं। अस्पताल को इस तरह से बना रखा है कि जैसे कोई बहुत ही नामचीन अस्पताल हो। अस्पताल के अंदर ही अल्ट्रासाउंड से लेकर सभी जांचें व दवा के लिए मेडिकल स्टोर भी संचालित है। जांच में अस्पताल पूरी तरह फर्जी पाया गया है। उसका सरकारी अभिलेखों में पंजीकरण नहीं है।

सील अस्पताल कैसे खुला, होगी जांच
महिला की मौत की सूचना मिलने के बाद टीम को मौके पर भेजा गया है। अस्पताल बिना पंजीकरण संचालित था, उसे टीम ने सील कर दिया है। एमओआईसी ने आरोपी डॉ. जोहरा फात्मा के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पहले सील अस्पताल किस आधार पर खुला, इसकी विभागीय जांच कराई जाएगी। - डॉ.रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ बदायूं

इस मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अवनीश राय, डीएम

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed