Budaun News: ऑपरेशन के दौरान गर्भवती की मौत, छह घंटे तक परिजनों ने किया हंगामा, अस्पताल सील
बदायूं के दातागंज में निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान गर्भवती महिला की मौत हो गई। उसके परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर छह घंटे तक हंगामा किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया है।
विस्तार
गांव कनकपुर निवासी पति अजयपाल ने बताया कि 29 जनवरी को पत्नी कुसुम (26 साल) की तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने उसे डॉ. जोहरा फात्मा के पास भर्ती कराया था। आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज के नाम पर 7500 रुपये जमा करा लिए, लेकिन दवा देकर खुद अपने आवास पर चली गईं।
रात में जब मरीज की हालत बिगड़ी तो परिजनों ने स्टाफ से डॉक्टर को बुलाने की बार-बार मिन्नतें कीं, लेकिन डॉक्टर मरीज को देखने नहीं पहुंचीं। इसी दौरान अप्रशिक्षित स्टाफ ने उसका ऑपरेशन शुरू कर दिया। लापरवाही व उचित इलाज न मिलने के कारण शुक्रवार सुबह पांच बजे कुसुम की मौत हो गई। पीड़ित ने चिकित्साधीक्षक को पत्र लिखकर आरोपी डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तीन बार पहले भी सील हो चुका है अस्पताल
दातागंज के सिटी अस्पताल में महिला की कोई पहली मौत नहीं है। इससे पहले भी यहां कई गर्भवतियां अपनी जान गवां चुकी हैं। तीन बार अस्पताल को विभाग ने सील किया, लेकिन बार-बार अस्पताल संचालित होता रहा।

मृतका का फाइल फोटो
कोर्ट में मामला विचाराधीन, बाबू ने मोटी रकम लेकर खुलवा दिया था अस्पताल
जिले में मात्र 53 अस्पतालों के ही रजिस्ट्रेशन हैं। करीब चार सौ से अधिक फर्जी अस्पताल संचालित होते आ रहे हैं। इन अस्पताल के संचालकों को रजिस्ट्रेशन नहीं, बल्कि हर महीने बाबू के कमरे में हाजिरी देनी होती है। जिस महीने संचालक नहीं पहुंचता उसी महीने में उसका अस्पताल फर्जी दिखाकर कार्रवाई कर दी जाती है। इसके बाद मोटी रकम लेकर उसे खोल दिया जाता है। बताया जाता है कि बाबू बिना पंजीकृत अस्पतालों से 20 हजार रुपये माह लेता है।
आयुर्वेद की डॉक्टर, संचालित नर्सिंग होम
जिस डॉक्टर को इंजेक्शन लगाने तक का अधिकार नहीं है वह ऑपरेशन करती आ रहीं हैं। अस्पताल को इस तरह से बना रखा है कि जैसे कोई बहुत ही नामचीन अस्पताल हो। अस्पताल के अंदर ही अल्ट्रासाउंड से लेकर सभी जांचें व दवा के लिए मेडिकल स्टोर भी संचालित है। जांच में अस्पताल पूरी तरह फर्जी पाया गया है। उसका सरकारी अभिलेखों में पंजीकरण नहीं है।
सील अस्पताल कैसे खुला, होगी जांच
महिला की मौत की सूचना मिलने के बाद टीम को मौके पर भेजा गया है। अस्पताल बिना पंजीकरण संचालित था, उसे टीम ने सील कर दिया है। एमओआईसी ने आरोपी डॉ. जोहरा फात्मा के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पहले सील अस्पताल किस आधार पर खुला, इसकी विभागीय जांच कराई जाएगी। - डॉ.रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ बदायूं
इस मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अवनीश राय, डीएम
