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Budaun News: एसडीएम, तहसीलदार और लेखपाल को अदालत ने जारी किया नोटिस, चार फरवरी को रखना होगा पक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 31 Jan 2026 05:22 PM IST
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सार
बदायूं में मृतक किसान की पत्नी ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए आवेदन किया था, जिसे निरस्त कर दिया गया। इस पर पीड़िता ने कोर्ट में वाद दायर किया। इस मामले में कोर्ट ने सदर एसडीएम, तहसीलदार व लेखपाल को नोटिस जारी किया है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
बदायूं में सदर एसडीएम, तहसीलदार व लेखपाल को स्थायी लोक अदालत ने नोटिस जारी किया है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के बाबा कॉलोनी की रहने वाली ज्योति ने एक जनवरी को वाद दायर किया था। इसी मामले में अदालत ने नोटिस जारी किया है। एसडीएम समेत तीनों को चार फरवरी को कोर्ट में अपना पक्ष रखना होगा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद वाद का निस्तारण किया जाएगा।
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ज्योति ने बताया कि उनके पति विश्वास बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव दिधौनी में अपने रिश्तेदार महेंद्र की जमीन बटाई पर लेकर खेती करते थे। 24 नवंबर को खेती का कार्य कर बाइक से घर लौटते समय सड़क हादसे में मौत हो गई। खेती से होने वाली आय से ही उसके परिवार का पालन पोषण होता था। पति की मौत के बाद उनके सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई।
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लेखपाल पर रिश्वत मांगने का आरोप
उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए आवेदन किया था। लेखपाल ने आवेदन पास कराने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की। कहा कि रुपये न देने पर आवेदन को निरस्त कर दिया जाएगा। इसकी शिकायत तहसीलदार सदर से की। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो एसडीएम सदर से मामले की शिकायत की गई। अधिकारियों ने कहा कि योजना का लाभ मिल जाएगा। एक महीने के बाद आवेदन के बारे में जानकारी ली गई तो पता लगा कि आवेदन निरस्त कर दिया गया है।
ज्योति ने बताया कि हादसे से पहले पति खेती करके ही परिवार का भरण-पोषण करते थे। भू-स्वामी ने स्वयं खेती पर बटाई करने का प्रमाण पत्र दिया था जिसे आवेदन के साथ लगाया गया था। इसके बाद भी उसका आवेदन निरस्त कर दिया गया। उन्होंने बीमा राशि के पांच लाख रुपये 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से व 11 हजार रुपये अधिवक्ता खर्चा भी दिलाने की मांग की है। वाद दायर होने के बाद अदालत ने नोटिस जारी कर चार फरवरी को अपना पक्ष रखने की तिथि निर्धारित की है।
