UP News: बदायूं से दिल्ली-एनसीआर तक खपाया जा रहा था नकली घी, कादरी डेयरी सील; जांच जारी
बदायूं में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम ने शुक्रवार को सहसवान क्षेत्र के कोल्हाई गांव स्थित डेयरी पर छापा मारा था। प्राथमिक जांच में यहां नकली घी और दूध बनाने की बात सामने आई है। माना जा रहा है कि इस डेयरी में बना नकली घी दिल्ली-एनसीआर तक सप्लाई किया जाता था।
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बदायूं के सहसवान क्षेत्र में कोल्हाई स्थित कादरी डेयरी पर खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में नकली देसी घी बनाने का भंडाफोड़ होने के बाद अब मामला केवल एक डेयरी तक ही सीमित नहीं माना जा रहा। मौके से मिले सामान कई बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर 110 किलो तैयार नकली घी, पामोलिन ऑयल, चीनी, डिटर्जेंट और दूध का इतना बड़ा स्टॉक केवल स्थानीय बिक्री के लिए रखा गया था या इसे दिल्ली-एनसीआर तक खपाया जा रहा था।
बदायूं-दिल्ली रोड पर कोल्हाई में स्थित इस डेयरी से सहसवान होते हुए दिल्ली और एनसीआर तक पहुंचना बेहद आसान है। चर्चा है कि डेयरी से छोटे-छोटे ड्रमों और कैनों में भरकर नकली घी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के बाजारों में रोजाना भेजा जा रहा था। विभाग का कहना है कि मौके से बरामद सामग्री और उपकरण यह संकेत दे रहे हैं कि यहां नियमित रूप से काफी मात्रा में नकली घी तैयार किया जा रहा था।
अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को डेयरी पर की गई छापेमारी में विभाग को 200 लीटर दूध, 110 किलो नकली घी, 10 किलो क्रीम, 28 किलो पामोलिन/रिफाइंड ऑयल, 93 किलो चीनी और डिटर्जेंट सहित कई सामग्री बरामद हुई थीं। मौके पर विभिन्न कंपनियों के पामोलिन / रिफाइंड ऑयल के कैन के अलावा छोटे छोटे खाली कैन भी मिले थे। इतनी मात्रा में सामग्री और नकली घी तैयार होने के बावजूद लंबे समय तक किसी विभाग को भनक नहीं लगना भी सवाल खड़े कर रहा है।
जांच एजेंसियां जुटा रहीं संभावित ग्राहकों की जानकारी
अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली एनसीआर जाने वाले अधिकांश छोटे मालवाहक वाहन सहसवान मार्ग का उपयोग करते हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इसी रास्ते से तैयार नकली घी बाहर भेजा जाता रहा होगा। जांच एजेंसियां परिवहन, खरीद-विक्री और संभावित ग्राहकों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।
कई और डेयरियां भी सकती हैं जांच के दायरे में
सूत्रों के मुताबिक, कोल्हाई की कार्रवाई के बाद जिले की कई अन्य डेयरियां और खाद्य प्रतिष्ठान भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि कहीं एक ही नेटवर्क से जुड़े अन्य ठिकानों पर भी इसी तरह का कारोबार तो नहीं चल रहा था। यदि नमूनों की रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है तो आगे और बड़ी कार्रवाई संभव मानी जा रही है।
सहायक खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वितीय सीएल यादव ने बताया कि अब तक की जांच में यह सामने आया है कि कोल्हाई में डेयरी अभी हाल ही में खुली थी, लेकिन नकली उत्पाद भारी मात्रा में रोजाना ही बनाए जा रहे थे। नकली उत्पादों को दिल्ली और एनसीआर में खपाए जाने की आशंका है। संभावित ग्राहकों के बारे में जांच एजेंसियां डेटा जुटा रही हैं। डेयरी सील कर दी गई है।
नकली घी से गंभीर बीमारियों का खतरा
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एसएन कमल ने बताया कि डिटर्जेंट, पामोलिन तेल, रिफाइंड और अन्य मिलावटी पदार्थों से तैयार नकली घी का लगातार सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे पेट और आंतों में संक्रमण, उल्टी-दस्त, लीवर और किडनी पर असर, हृदय संबंधी समस्याएं व लंबे समय में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए ऐसा मिलावटी खाद्य पदार्थ अधिक नुकसानदायक माना जाता है।
डेयरी पर नकली दूध भी किया जा रहा था
कोल्हाई स्थित डेयरी पर हुई कार्रवाई में केवल नकली देसी घी ही नहीं, बल्कि नकली दूध तैयार करने का भी खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि डिटर्जेंट, रिफाइंड, पामोलिन तेल और चीनी जैसी सामग्री मिलाकर पहले नकली दूध तैयार किया जाता था। इसके बाद उसी दूध और अन्य मिलावटी सामग्री की मदद से नकली देसी घी बनाया जा रहा था। इस खुलासे के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गया है।
खाद्य विभाग की टीम को शुक्रवार को कोल्लाई में छापा मारने के दौरान 200 लीटर दूध, 80 लीटर सप्रेटा दूध, 110 किलो नकली देसी घी, क्रीम, पामोलिन तेल, रिफाइंड, चीनी और डिटर्जेंट बरामद हुआ था। प्रारंभिक पड़ताल के अनुसार, पहले रिफाइंड, पामोलिन तेल, डिटर्जेंट और अन्य सामग्री मिलाकर दूध जैसा मिश्रण तैयार किया जाता था। इसके बाद इसी प्रक्रिया से तैयार उत्पाद में वसा मिलाकर उसे देसी घी का रूप दिया जाता था। नकली दूध आसपास के क्षेत्रों में भी सप्लाई किया जा रहा था।