UP News: बदायूं में हमलावरों ने युवक को पहले वाहनों से कुचला, फिर पीटकर मार डाला; मृतक के चाचा गंभीर घायल
बदायूं के मुजरिया थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवक की वाहनों से कुचलकर मौत हो गई। उसके परिजनों ने जिन लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाया है, वे अपने वाहन मौके पर छोड़कर भाग गए। पुलिस ने कार और पिकअप वाहन को कब्जे में लिया है।
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बदायूं के मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव इस्माइलपुर मेबड़ी निवासी वीरेंद्र (30 वर्ष) की सगराय और अलीगंज के बीच वाहन से टक्कर लगने के बाद मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि चाचा राजेंद्र के साथ जाते समय वीरेंद्र के दोस्त ने अपने भाइयों के साथ मिलकर हमला किया। आरोपियों ने पहले बाइक सवार चाचा-भतीजे को पिकअप और कार से टक्कर मारकर कुचला, फिर भी जिंदा देखकर दोनों पर हॉकी और डंडे बरसाए। हमले में राजेंद्र भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
घटना बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे हुई। शिवराज का बेटा वीरेंद्र अपने चाचा राजेंद्र को बरेली से दवाई दिलाने जा रहा था। मुजरिया में बाइक खड़ी करने के बाद उन्हें बस से जाना था। राजेंद्र के ममेरे भाई रामानंद ने बताया कि आरोपी पहले भी दो बार वीरेंद्र की हत्या की कोशिश कर चुके थे। दोनों बार वह बच गया।
बुधवार को आरोपियों ने मुजरिया मार्ग पर दोनों ओर से घेर लिया। पहले पिकअप से बाइक को टक्कर मारी, फिर पीछे से आई कार ने भी कुचला, लेकिन चाचा-भतीजे बच गए। घायल चाचा-भतीजे खड़े हुए तो आरोपियों ने हॉकी-डंडों से प्रहार किया। इस दौरान राजेंद्र का फरियाद करते हुए का वीडियो भी किसी ने बना लिया, जो बाद में वायरल हो गया। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
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मौके पर मिले हॉकी-डंडे
परिजनों के मुताबिक कई राहगीरों ने यह घटना देखी। लोगों के जुटने पर आरोपी वीरेंद्र की हत्या कर वाहनों को मौके पर ही छोड़कर भाग गए। किसी ने पुलिस को घटना की सूचना दी। इसके बाद इंस्पेक्टर ज्योति सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। गंभीर हालत में घायल राजेंद्र को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने वाहनों को कब्जे में ले लिया। मौके पर हॉकी-डंडे टूटे हुए मिले, इन्हें भी पुलिस अपने साथ ले गई। अभी तहरीर नहीं दी गई है। पोस्टमॉर्टम बृहस्पतिवार को होगा, पुलिस उसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेगी।
परिवार वालों ने यह वजह बताई कत्ल की
परिजनों के मुताबिक वीरेंद्र की गांव के ही एक युवक से गहरी दोस्ती थी। सात माह पहले वीरेंद्र ने दोस्त के बहनोई का ट्रैक्टर एक कंपनी में किराये पर लगवाया था। ट्रैक्टर-ट्रॉली से लौटते समय गाजियाबाद हाईवे पर हादसे में बहनोई की मौत हो गई थी। इस हादसे में वीरेंद्र के बचने पर दोस्त उसकी साजिश समझते हुए दुश्मनी मानने लगा। दोनों के बीच बोलचाल तक बंद हो गई।
दोस्त ने वीरेंद्र को चेतावनी भी दी थी कि बहनोई और तुम्हारी होली की गमी एक साथ होगी। चाचा रामानंद का कहना है कि दोस्त से दुश्मन बने युवक ने अपने भाइयों के साथ वीरेंद्र पर पहले दो बार हमले किए तो पुलिस से शिकायत की गई, मगर पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। यही वजह रही कि आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए और हत्या कर दी।
वीरेंद्र की हत्या से परिवार का चिराग बुझ गया है। तीन बेटी व एक बेटा के सिर से पिता का साया उठ चुका है। परिवार के लोगों का एक कहना है कि मामूली विवाद में उसकी जान ले गई। वीरेंद्र के पिता शिवराज तीन भाई हैं। दो भाइयों पर कोई संतान नहीं है। पूरे परिवार में अकेला चिराग वीरेंद्र ही था। चाचा व ताऊ उसको ही अपना बेटा मानते थे। वीरेंद्र भी अपने चाचा व ताऊ को पिता का दर्जा देकर उनकी सेवा करता आ रहा था। उसकी मौत से पूरा परिवार टूट गया है। बच्चों व पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन बार-बार उसको याद कर बेसुध हो जा रहे हैं।
खेती कर पूरे परिवार को करता था पालन-पोषण
वीरेंद्र घर में अकेला था। वह खेती कर परिवार का पालन-पोषण करता आ रहा था। उसकी मौत के बाद बुजुर्ग पिता व चाचा ताऊ के सामने पेट भरने का भी संकट खड़ा हो गया है। अब चाचा की हालत भी गंभीर होने से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट गया है।
