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Budaun News: ऑडिट में 3.34 करोड़ का घपला, 52 पूर्व प्रधानों को आरसी जारी
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बदायूं। विकास कार्यों को लेकर पूर्व प्रधानों की मनमानी उन पर भारी पड़ गई। जिले में 2010-11 से लेकर 20118 तक विकास कार्यों में ऑडिट न कराने वाले 52 पूर्व प्रधानों और सचिवों के खिलाफ जिला पंचायती राज विभाग की ओर से आरसी जारी की गई है। ऑडिट में 52 पूर्व प्रधानों का 3.34 करोड़ का घपला सामने आया है। अब इन पूर्व प्रधानों और तत्कालीन सचिवों से रकम की वसूली की जाएगी।
गांव में होने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे इसके लिए ऑडिट कराया जाता है। विकास कार्य कराने के बाद संबंधित सचिवों से प्रत्येक कार्य से जुड़ा लेखा-जोखा व क्रय-विक्रय के कागजात लिए जाते हैं। इसके लिए पूर्व में शासन की ओर पंचायती राज के विकास के कार्यों की समीक्षा भी की गई थी। इसमें डीपीआरओ को लंंबित प्रकरणों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद डीपीआरओं ने ऑडिट न कराने वाले ग्राम प्रधानों और सचिवों को नोटिस जारी किए थे। इसके बाद भी कुछ पूर्व प्रधान और तत्कालीन सचिव कराए गए ऑडिट में विकास कार्यों के साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। अब विभाग की ओर से इनके खिलाफ आरसी जारी की गई है। बता दें कि कराए गए विकास कार्यों के साक्ष्यों को प्रस्तुत करने के लिए विभाग की ओर से पूर्व प्रधानों ओर सचिवों को तीन बार मौका दिया जा चुका है। टीम के साक्ष्य मांगने पर अधिकतर पूर्व प्रधानों ने गलत अभिलेख प्रस्तुत कर घपले को कवर करने की कोशिश की। कई पूर्व प्रधान और सचिवों की ओर से साक्ष्य ही प्रस्तुत नहीं किए गए। (संवाद)
अब आगे नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
ग्राम पंचायत का चुनाव लड़ने के लिए प्रधानों को जिला पंचायती राज विभाग की ओर नोड्यूज बनवाया जाता है, जिसे लगाने पर ही प्रधान चुनाव लड़ सकते हैं। ऑडिट न कराने वाले प्रधानों को नोड्यूज नहीं दिया जाता। ऐसे में जिन प्रधानों की आरसी जारी हो गई है वह अब भविष्य में चुनाव नहीं लड़ सकते हैं।
52 पूर्व प्रधानों को पूर्व में तीन मौके दिए गए थे, फिर भी इनकी ओर से कराए गए विकास कार्यों के अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। इस कारण इनके खिलाफ आरसी जारी की गई, जिसमें नियमानुसार धनराशि की रिकवरी की जाएगी। - यावर अब्बास, डीपीआरओ
ग्राम पंचायत साक्ष्य न प्रस्तुत न करने वाली राशि
गढिया गंगवरार 30,39,689
बरौरा 24,98,116
फतेहपुर बीरमपुर 4,66,822
हरनाथपुर तालगांव 29,15,622
मलगांव 20,78,056
बाकरपुर खरैर 33,71,278
करौलिया 21,20,570
बाड़ीखेड़ा 40,68,348
सहोरा धीमरी 52,88,753
नरेली महोरा 14,81,362
गुरूपरी चंदन 44,59,294
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गांव में होने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे इसके लिए ऑडिट कराया जाता है। विकास कार्य कराने के बाद संबंधित सचिवों से प्रत्येक कार्य से जुड़ा लेखा-जोखा व क्रय-विक्रय के कागजात लिए जाते हैं। इसके लिए पूर्व में शासन की ओर पंचायती राज के विकास के कार्यों की समीक्षा भी की गई थी। इसमें डीपीआरओ को लंंबित प्रकरणों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद डीपीआरओं ने ऑडिट न कराने वाले ग्राम प्रधानों और सचिवों को नोटिस जारी किए थे। इसके बाद भी कुछ पूर्व प्रधान और तत्कालीन सचिव कराए गए ऑडिट में विकास कार्यों के साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। अब विभाग की ओर से इनके खिलाफ आरसी जारी की गई है। बता दें कि कराए गए विकास कार्यों के साक्ष्यों को प्रस्तुत करने के लिए विभाग की ओर से पूर्व प्रधानों ओर सचिवों को तीन बार मौका दिया जा चुका है। टीम के साक्ष्य मांगने पर अधिकतर पूर्व प्रधानों ने गलत अभिलेख प्रस्तुत कर घपले को कवर करने की कोशिश की। कई पूर्व प्रधान और सचिवों की ओर से साक्ष्य ही प्रस्तुत नहीं किए गए। (संवाद)
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अब आगे नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
ग्राम पंचायत का चुनाव लड़ने के लिए प्रधानों को जिला पंचायती राज विभाग की ओर नोड्यूज बनवाया जाता है, जिसे लगाने पर ही प्रधान चुनाव लड़ सकते हैं। ऑडिट न कराने वाले प्रधानों को नोड्यूज नहीं दिया जाता। ऐसे में जिन प्रधानों की आरसी जारी हो गई है वह अब भविष्य में चुनाव नहीं लड़ सकते हैं।
52 पूर्व प्रधानों को पूर्व में तीन मौके दिए गए थे, फिर भी इनकी ओर से कराए गए विकास कार्यों के अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। इस कारण इनके खिलाफ आरसी जारी की गई, जिसमें नियमानुसार धनराशि की रिकवरी की जाएगी। - यावर अब्बास, डीपीआरओ
ग्राम पंचायत साक्ष्य न प्रस्तुत न करने वाली राशि
गढिया गंगवरार 30,39,689
बरौरा 24,98,116
फतेहपुर बीरमपुर 4,66,822
हरनाथपुर तालगांव 29,15,622
मलगांव 20,78,056
बाकरपुर खरैर 33,71,278
करौलिया 21,20,570
बाड़ीखेड़ा 40,68,348
सहोरा धीमरी 52,88,753
नरेली महोरा 14,81,362
गुरूपरी चंदन 44,59,294