बदायूं दोहरा हत्याकांड: डीएम-एसएसपी से मिले हर्षित मिश्रा के पिता, जमीन खरीद-फरोख्त और कॉल डिटेल जांच की मांग
बदायूं दोहरा हत्याकांड में मृतक हर्षित मिश्रा के पिता सुशील मिश्रा ने बुधवार को डीएम और एसएसपी से मुलाकात की। उन्होंने सैजनी गांव में प्लांट लगने के बाद हुई जमीन खरीद-फरोख्त और आरोपियों की कॉल डिटेल की जांच कराने की मांग उठाई।
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बदायूं के सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में 12 मार्च को सुधीर गुप्ता व हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या के मामले में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। मृतक हर्षित मिश्रा के पिता सुशील मिश्रा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सैजनी क्षेत्र में प्लांट लगने के बाद हुई जमीन खरीद-फरोख्त और आरोपियों की कॉल डिटेल की गहन जांच की मांग उठाई है।
बुधवार को पीलीभीत के पूरनपुर से पुलिस सुरक्षा में सुशील मिश्रा अपने साले विवेक के साथ पहले जिला बार एसोसिएशन की लाइब्रेरी पहुंचे, जहां उन्होंने अधिवक्ता संदीप मिश्रा से मुलाकात कर केस से जुड़े दस्तावेज सौंपे और कानूनी पहलुओं पर चर्चा की। इसके बाद वह सीधे एसएसपी अंकिता शर्मा के कैंप कार्यालय पहुंचे। कैंप कार्यालय में अपराह्न करीब एक बजे एसएसपी अंकिता शर्मा से मुलाकात के दौरान ही डीएम अवनीश राय भी वहां पहुंच गए। दोनों अधिकारियों ने अब तक की पुलिस व प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी देते हुए जांच की प्रगति से अवगत कराया।
इस संबंध में एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि पीड़ित पक्ष को अब तक की कार्रवाई से अवगत करा दिया गया है। पुलिस द्वारा हत्याकांड की विवेचना गहनता से की जा रही है और हर बिंदु को जांच में शामिल किया जा रहा है। जिलाधिकारी की ओर से भी प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी दी गई है।
कॉल डिटेल खंगालने की मांग
मुलाकात के बाद सुशील मिश्रा ने कहा कि हत्या से पहले और बाद में आरोपियों ने किन-किन लोगों से बातचीत की, इसकी कॉल डिटेल निकाली जानी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिन नंबरों पर बात हुई, वे किसके हैं और उनकी भूमिका क्या है। इस पर एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी का मोबाइल अभी बरामद नहीं हुआ है।
जमीनों की खरीद-फरोख्त की जांच पर दिया जोर
सुशील मिश्रा ने सैजनी इलाके में प्लांट लगने के बाद किन-किन लोगों ने जमीन खरीदी और किन नामों पर बैनामे हुए, इसकी जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि यदि इन पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो, तो कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।हर्षित के परिजनों ने आरोप लगाया कि पूर्व में की गई शिकायतों पर पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके चलते यह जघन्य वारदात हुई। यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो सैजनी का दोहरा हत्याकांड टल सकता था।

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