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Budaun News: आयुष्मान भारत योजना में बदायूं फिसड्डी
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Thu, 19 Mar 2026 11:54 PM IST
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बदायूं। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन में जनपद की स्थिति बेहद खराब पाई गई है। मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह हकीकत सामने आई, जिसके बाद जिले को प्रदेश के 10 सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल कर लिया गया है।
जिले में कार्यरत 7205 आशा कार्यकर्ताओं के सापेक्ष केवल 5056 आशा कार्यकर्ताओं के ही आयुष्मान कार्ड बनाए जा सके हैं। जबकि 2149 आशा कार्यकर्ताओं के कार्ड अब तक लंबित हैं। इससे जमीनी स्तर पर योजना के प्रति लापरवाही और उदासीनता साफ दिखाई देती है। इसके अलावा सबसे गंभीर स्थिति यह है कि जिले में कुल 7,49,234 पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड अभी भी बनाए जाने शेष हैं। इतनी बड़ी संख्या में कार्ड लंबित होने से हजारों जरूरतमंद परिवार योजना के मुफ्त इलाज के लाभ से वंचित हैं। बैठक में अधिकारियों ने इस स्थिति पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया। निर्देश दिए गए कि जिन क्षेत्रों में प्रगति बेहद खराब है, वहां के प्रभारी चिकित्साधिकारी और चिकित्साधीक्षक का वेतन आहरित न किया जाए। साथ ही संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) का मानदेय भी रोकने के निर्देश दिए गए हैं। सीडीओ केशव कुमार ने सीएमओ डॉ. रामेश्वर मिश्रा को निर्देशित किया गया है कि विशेष अभियान चलाकर तेजी से आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं। इसके लिए घर-घर संपर्क, कैंप और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को जोड़ा जाए, ताकि योजना का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंच सके।
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जिले में कार्यरत 7205 आशा कार्यकर्ताओं के सापेक्ष केवल 5056 आशा कार्यकर्ताओं के ही आयुष्मान कार्ड बनाए जा सके हैं। जबकि 2149 आशा कार्यकर्ताओं के कार्ड अब तक लंबित हैं। इससे जमीनी स्तर पर योजना के प्रति लापरवाही और उदासीनता साफ दिखाई देती है। इसके अलावा सबसे गंभीर स्थिति यह है कि जिले में कुल 7,49,234 पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड अभी भी बनाए जाने शेष हैं। इतनी बड़ी संख्या में कार्ड लंबित होने से हजारों जरूरतमंद परिवार योजना के मुफ्त इलाज के लाभ से वंचित हैं। बैठक में अधिकारियों ने इस स्थिति पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया। निर्देश दिए गए कि जिन क्षेत्रों में प्रगति बेहद खराब है, वहां के प्रभारी चिकित्साधिकारी और चिकित्साधीक्षक का वेतन आहरित न किया जाए। साथ ही संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) का मानदेय भी रोकने के निर्देश दिए गए हैं। सीडीओ केशव कुमार ने सीएमओ डॉ. रामेश्वर मिश्रा को निर्देशित किया गया है कि विशेष अभियान चलाकर तेजी से आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं। इसके लिए घर-घर संपर्क, कैंप और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को जोड़ा जाए, ताकि योजना का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंच सके।
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