HPCL Murder Case: आरोपी अजय प्रताप के ताऊ की 27 दुकानों पर चलेगा बुलडोजर, एक करोड़ रुपये जुर्माना भी लगा
बदायूं में दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी के ताऊ राकेश प्रताप सिंह की 27 अवैध दुकानों को ध्वस्त किया जाएगा। इन दुकानों पर नोटिस चस्पा किए गए हैं। तहसीलदार विजय शुक्ला ने बताया कि कार्रवाई एक सप्ताह में होगी।
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बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में 12 मार्च को हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड के बाद दातागंज तहसील प्रशासन लगातार आरोपियों और उनके परिजनों की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में अब प्रशासन ने मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के ताऊ राकेश प्रताप सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का फैसला लिया है।
ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्मित की गई 27 दुकानों को ध्वस्त करने का अंतिम आदेश तहसीलदार न्यायालय दातागंज द्वारा जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर उसका व्यावसायिक उपयोग करने के आरोप में राकेश प्रताप सिंह पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
राजस्व विभाग की इस कार्रवाई को जिले में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई माना जा रहा है। तहसीलदार विजय शुक्ला ने बताया कि ध्वस्तीकरण की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और संबंधित दुकानों पर नोटिस चस्पा करा दिए गए हैं। एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।
तीन मुकदमों के बाद आया फैसला
सैजनी गांव में सड़क किनारे स्थित ग्राम समाज की भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा कर दुकानें, जमीन और अन्य निर्माण किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। मामले की जांच के बाद क्षेत्रीय लेखपाल हेम सिंह ने राकेश प्रताप सिंह के खिलाफ तहसीलदार न्यायालय दातागंज में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए थे।
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मुकदमों की सुनवाई के दौरान राजस्व विभाग की ओर से अभिलेख, खतौनी और स्थल निरीक्षण रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की गईं। जांच में सामने आया कि जिस भूमि पर दुकानें बनाई गई हैं, वह ग्राम समाज की श्रेणी में दर्ज है। आरोप है कि इस भूमि पर कब्जा कर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, जिससे सरकारी संपत्ति का निजी लाभ के लिए उपयोग हो रहा था। वहीं जो खेती योग्य भूमि राकेश के कब्जे में थी उसे भी प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है।
बैंक शाखा कार्यालय भी ध्वस्तीकरण की जद में
ध्वस्तीकरण की जद में आने वाली दुकानों में उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की एक शाखा भी संचालित हो रही है। प्रशासन ने बैंक प्रबंधन को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर भवन खाली करने के निर्देश दिए हैं। बैंक को वैकल्पिक स्थान तलाशने और ग्राहकों को असुविधा से बचाने के लिए समय दिया गया है। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद यदि भवन खाली नहीं किया गया तो प्रशासन नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
31 मई तक नहीं दे पाए संतोषजनक जवाब
न्यायालय की ओर से राकेश प्रताप सिंह को अपना पक्ष रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त अवसर दिया गया था। उन्हें 31 मई तक जवाब दाखिल करने का समय दिया गया था। बताया जाता है कि उनकी ओर से अधिवक्ताओं ने न्यायालय में बहस भी की, लेकिन कब्जेदारी को लेकर कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार विजय शुक्ला ने दोबारा जांच कराने का निर्णय लिया। नायब तहसीलदार के नेतृत्व में लेखपाल हेम सिंह समेत पांच सदस्यीय टीम गठित कर मौके पर पुनः जांच कराई गई। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में पहले की रिपोर्टों की पुष्टि करते हुए ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जा और निर्माण को सही पाया। इसके बाद न्यायालय ने अंतिम आदेश जारी कर दिया।
एक करोड़ का जुर्माना, अवैध कमाई का भी हिसाब
राजस्व अधिकारियों के अनुसार केवल अतिक्रमण हटाने का आदेश ही नहीं दिया गया है, बल्कि सरकारी भूमि का वर्षों तक व्यावसायिक उपयोग करने के मामले को भी गंभीरता से लिया गया है। इसी आधार पर राकेश प्रताप सिंह पर लगभग एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
पहले भी 11 दुकान व एक मकान पर चल चुका बुलडोजर
एचपीसीएल प्लांट में हुई दोहरे हत्याकांड की घटना के बाद प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। इससे पहले मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह की 11 दुकानों को ध्वस्त किया जा चुका है। वहीं उसके ताऊ राकेश प्रताप सिंह के एक मकान पर भी बुलडोजर चल चुका है। अब 27 और दुकानों को ध्वस्त करने की तैयारी है।
राकेश प्रताप पर शिकंजा, गिरफ्तारी अभी बाकी
जहां एक ओर राजस्व विभाग अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस अभी हाथ न आ सके राकेश प्रताप सिंह की तलाश में दबिश दे रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय ने बताया आरोपी राकेश की पुलिस तलाश कर रही है। जल्द ही उसे पकड़ा जाएगा।