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Budaun News: बिजली का स्मार्ट मीटर पोस्टपेड रखना है या प्रीपेड, तय करेंगे उपभोक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 15 Apr 2026 01:42 AM IST
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सार
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने घरों में लगने वाले बिजली के स्मार्ट मीटरों में प्रीपेड मोड की अनिवार्यता समाप्त कर दी है, जिससे बदायूं जिले के विद्युत उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। अब उपभोक्ता तय करेंगे कि उन्हें प्रीपेड मीटर लगवाना है या पोस्टपेड।
शहर में लगा स्मार्ट मीटर।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
बदायूं जिले के 4.86 लाख विद्युत उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने घरों में लगने वाले स्मार्ट मीटरों में प्रीपेड मोड की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता तय करेंगे की प्रीपेड मोड रखना है या पोस्टपेड मोड। अब बिना उपभोक्ता की सहमति से प्रीपेड में मोड में बदला नहीं जाएगा।
जिले में 4.86 लाख उपभोक्ता हैं। इसमें अब तक शहरी और नगरीय क्षेत्र में करीब 67 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से अधिकतर उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड में बदल दिए गए हैं। जिन उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड मोड में बदल गए हैं, वह उसी मोड में रहेंगे। शेष उपभोक्ता के पास अब भी पूरी तरह से विकल्प खुला है। वह अपनी सहूलियत के हिसाब से ही प्रीपेड या पोस्टपेड रख सकते हैं। इसके लिए विद्युत निगम की ओर से कोई फैसला नहीं किया जाएगा।
स्मार्ट मीटर सिर्फ एक मीटर है
विद्युत निगम के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर सिर्फ एक मीटर है, जिसका काम सिर्फ बिजली खपत की रीडिंग करना है। बिजली का टैरिफ रेट संबंधित राज्य विद्युत विनियामक आयोग हर साल तय करता है। उसी के हिसाब से बिजली बिल बनता है। इसलिए उपभोक्ताओं को गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि स्मार्ट मीटर कोई अलग तरह का मीटर है।
टेक्नीशियन का काम सिर्फ मीटर बदलना
इस नए संशोधन में अब उपभोक्ता अपनी सुविधा के हिसाब तय करेंगे कि आपको रिचार्ज करना है या महीने के अंत में बिल भरना है। ये फैसला उपभोक्ता ही करेंगे। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है टेक्नीशियन आपके घर मीटर बदलने आए, तो उसे अपना काम करने दें। टेक्नीशियन का काम सिर्फ मीटर लगाना है। वह चाहकर भी आपके बिलिंग मोड (प्रीपेड या पोस्टपेड) में बदलाव नहीं कर सकता, क्योंकि यह उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। यह अधिकार केवल विद्युत निगम के पास है।
नए स्मार्टमीटर लगवाने वाले उपभोक्ता अब खुद तय करेंगे कि वह मीटर प्रीपेड मोड में रखेंगे या पोस्टपेड में रखेंगे, जो मीटर प्रीपेड मोड में बदल चुके हैं वह नहीं बदले जाएंगे। -अरविंद कुमार, उपखंड अधिकारी पनवड़िया
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जिले में 4.86 लाख उपभोक्ता हैं। इसमें अब तक शहरी और नगरीय क्षेत्र में करीब 67 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से अधिकतर उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड में बदल दिए गए हैं। जिन उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड मोड में बदल गए हैं, वह उसी मोड में रहेंगे। शेष उपभोक्ता के पास अब भी पूरी तरह से विकल्प खुला है। वह अपनी सहूलियत के हिसाब से ही प्रीपेड या पोस्टपेड रख सकते हैं। इसके लिए विद्युत निगम की ओर से कोई फैसला नहीं किया जाएगा।
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स्मार्ट मीटर सिर्फ एक मीटर है
विद्युत निगम के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर सिर्फ एक मीटर है, जिसका काम सिर्फ बिजली खपत की रीडिंग करना है। बिजली का टैरिफ रेट संबंधित राज्य विद्युत विनियामक आयोग हर साल तय करता है। उसी के हिसाब से बिजली बिल बनता है। इसलिए उपभोक्ताओं को गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि स्मार्ट मीटर कोई अलग तरह का मीटर है।
टेक्नीशियन का काम सिर्फ मीटर बदलना
इस नए संशोधन में अब उपभोक्ता अपनी सुविधा के हिसाब तय करेंगे कि आपको रिचार्ज करना है या महीने के अंत में बिल भरना है। ये फैसला उपभोक्ता ही करेंगे। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है टेक्नीशियन आपके घर मीटर बदलने आए, तो उसे अपना काम करने दें। टेक्नीशियन का काम सिर्फ मीटर लगाना है। वह चाहकर भी आपके बिलिंग मोड (प्रीपेड या पोस्टपेड) में बदलाव नहीं कर सकता, क्योंकि यह उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। यह अधिकार केवल विद्युत निगम के पास है।
नए स्मार्टमीटर लगवाने वाले उपभोक्ता अब खुद तय करेंगे कि वह मीटर प्रीपेड मोड में रखेंगे या पोस्टपेड में रखेंगे, जो मीटर प्रीपेड मोड में बदल चुके हैं वह नहीं बदले जाएंगे। -अरविंद कुमार, उपखंड अधिकारी पनवड़िया

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