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Budaun News: डीएम का आदेश बेअसर...सड़कों पर अब भी फैली मक्का, दस की जा चुकी है जान
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ककोड़ा से कछला मार्ग पर सूख रही मक्का। संवाद
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बदायूं। जिले की सड़कों पर सुखाई जा रही मक्का लगातार हादसों की वजह बन रही है। जून में अब तक मक्का की वजह से हुए हादसों में छह महिलाओं की सहित दस की जान जा चुकी है, बावजूद इसके प्रशासनिक मशीनरी गंभीर समस्या को लेकर उदासीन है। वहीं, डीएम ने 24 जून को सिटी मजिस्ट्रेट, सभी एसडीएम, सीओ, लेखपालों और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को अभियान चलाकर सड़कों से मक्का हटवाने के निर्देश दिए थे, आदेश जारी होने के चार दिन बाद भी अधिकांश सड़कों पर हालात जस के तस हैं।
जिले में सड़कों पर किसान मक्का सुखा रहे हैं। किसान इसके पीछे कारण मक्का सुखाने के लिए अन्य कोई जगह तय न होना बताते हैं। वहीं सड़कों पर फैली मक्का की वजह से दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं, जबकि कई मामलों में लोगाें को जान भी गंवानी पड़ी।
लगातार बढ़ रहे हादसों को लेकर डीएम अवनीश राय ने संबंधित क्षेत्रों के लेखपाल, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम और सीओ को सड़कें खाली कराने के निर्देश दिए थे। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को अवर अभियंताओं की टीमें लगाकर सड़कें खाली कराने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके कई प्रमुख मार्गों पर अब भी मक्का फैली हुई है। साफ है कि आदेशों का पालन कराने में अधिकारी गंभीर नहीं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में किसान सड़क को ही खलिहान बनाकर मक्का सुखा रहे हैं।
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दिखावे और दावे किए गए खूब
कछला में हुए हादसे के बाद एक-दो जगहों पर पुलिस ने अभियान चलाया। इसमें कादरचौक क्षेत्र के एक रोड से कुछ मक्का हटवाई गई थी। सड़क पर मक्का सुखाने के आरोपी चार किसान भी पकड़े गए थे, हालांकि बाद में हिदायत देकर उन्हें छोड़ दिया गया था। यहां से मक्का हटवाते की वीडियो, फोटो खिंचवाने के बाद अधिकारियों को भेज दी गई। ऐसा कुछ अन्य जगह भी हुआ था, लेकिन हालात जस के तस रहे।
ये हो चुके हैं हादसे
- दबतोरी-बिसौली मार्ग पर परसिया गांव के पास सूख रही मक्का पर बाइक का पहिया चढ़ जाने से वह रपट गई, जिसके बाद में सवार ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गए। इसमें बरेली के नबाबपुरा निवासी चांद बाबू, नौशाद की मौत हो गई।
- उघैती-करनपुर रोड पर छिबऊखुर्द और छिबऊकला के बीच में पड़ी मक्का पर उनकी बाइक फिसल गई, जिससे वह बाइक समेत कार से टकरा गए। इसमें बाइक सवार छिबाऊकला निवासी बाबूराम की मौत हो गई।
- कछला में एक तरफ रोड पर मक्का सूख रही थी, वहीं दूसरे रोड पर ट्रैक्टर रेस लगा रहे थे, ऐसे में ई-कार्ट में सवार छह महिलाओं की मौत गई।
इन मार्गों पर फैली है मक्का
- बदायूं-बरेली रोड।
- उझानी-बिल्सी रोड।
- ककोड़ा-भूरा भदरौल होते हुए कछला रोड।
- ककोड़ा-रैवा, मुर्गारा होते हुए उझानी रोड।
- गांव के संपर्क मार्ग का भी यही हाल है।
-- -- -किसानों ने बताई अपनी परेशानी-- -- -
गांव में इतने बड़े घर या छत नहीं है, जहां पर हम मक्का सुखा सकें। ऐसे में जहां पर भी जगह मिलती है। वहां पर मक्का सुखा रहे हैं। खेत में नमी के चलते मक्का सुखा नहीं सकते। ऐसा करने पर मक्का खराब हो जाएगी। -महेंद्र, वैन
मक्का से आस लगाए हुए हैं, उसको बेचकर अन्य जरूरी काम करेंगे। जो भी कर्जा है, वह भी उतार देंगे, लेकिन मौसम लगातार खराब हो रहा है, ऐसे में अगर मक्का भीग गई तो पूरी मेहनत बेकार हो जाएगी। ऐसे में जहां पर मक्का जल्दी सूख सकती है। वहां पर मक्का फैला देते हैं। - रामौतार, सिरासौल
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जिले में सड़कों पर किसान मक्का सुखा रहे हैं। किसान इसके पीछे कारण मक्का सुखाने के लिए अन्य कोई जगह तय न होना बताते हैं। वहीं सड़कों पर फैली मक्का की वजह से दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं, जबकि कई मामलों में लोगाें को जान भी गंवानी पड़ी।
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लगातार बढ़ रहे हादसों को लेकर डीएम अवनीश राय ने संबंधित क्षेत्रों के लेखपाल, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम और सीओ को सड़कें खाली कराने के निर्देश दिए थे। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को अवर अभियंताओं की टीमें लगाकर सड़कें खाली कराने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके कई प्रमुख मार्गों पर अब भी मक्का फैली हुई है। साफ है कि आदेशों का पालन कराने में अधिकारी गंभीर नहीं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में किसान सड़क को ही खलिहान बनाकर मक्का सुखा रहे हैं।
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कछला में हुए हादसे के बाद एक-दो जगहों पर पुलिस ने अभियान चलाया। इसमें कादरचौक क्षेत्र के एक रोड से कुछ मक्का हटवाई गई थी। सड़क पर मक्का सुखाने के आरोपी चार किसान भी पकड़े गए थे, हालांकि बाद में हिदायत देकर उन्हें छोड़ दिया गया था। यहां से मक्का हटवाते की वीडियो, फोटो खिंचवाने के बाद अधिकारियों को भेज दी गई। ऐसा कुछ अन्य जगह भी हुआ था, लेकिन हालात जस के तस रहे।
ये हो चुके हैं हादसे
- दबतोरी-बिसौली मार्ग पर परसिया गांव के पास सूख रही मक्का पर बाइक का पहिया चढ़ जाने से वह रपट गई, जिसके बाद में सवार ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गए। इसमें बरेली के नबाबपुरा निवासी चांद बाबू, नौशाद की मौत हो गई।
- उघैती-करनपुर रोड पर छिबऊखुर्द और छिबऊकला के बीच में पड़ी मक्का पर उनकी बाइक फिसल गई, जिससे वह बाइक समेत कार से टकरा गए। इसमें बाइक सवार छिबाऊकला निवासी बाबूराम की मौत हो गई।
- कछला में एक तरफ रोड पर मक्का सूख रही थी, वहीं दूसरे रोड पर ट्रैक्टर रेस लगा रहे थे, ऐसे में ई-कार्ट में सवार छह महिलाओं की मौत गई।
इन मार्गों पर फैली है मक्का
- बदायूं-बरेली रोड।
- उझानी-बिल्सी रोड।
- ककोड़ा-भूरा भदरौल होते हुए कछला रोड।
- ककोड़ा-रैवा, मुर्गारा होते हुए उझानी रोड।
- गांव के संपर्क मार्ग का भी यही हाल है।
गांव में इतने बड़े घर या छत नहीं है, जहां पर हम मक्का सुखा सकें। ऐसे में जहां पर भी जगह मिलती है। वहां पर मक्का सुखा रहे हैं। खेत में नमी के चलते मक्का सुखा नहीं सकते। ऐसा करने पर मक्का खराब हो जाएगी। -महेंद्र, वैन
मक्का से आस लगाए हुए हैं, उसको बेचकर अन्य जरूरी काम करेंगे। जो भी कर्जा है, वह भी उतार देंगे, लेकिन मौसम लगातार खराब हो रहा है, ऐसे में अगर मक्का भीग गई तो पूरी मेहनत बेकार हो जाएगी। ऐसे में जहां पर मक्का जल्दी सूख सकती है। वहां पर मक्का फैला देते हैं। - रामौतार, सिरासौल

ककोड़ा से कछला मार्ग पर सूख रही मक्का। संवाद

ककोड़ा से कछला मार्ग पर सूख रही मक्का। संवाद

ककोड़ा से कछला मार्ग पर सूख रही मक्का। संवाद