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Budaun News: हाईटेंशन लाइन से छूते ही कांवड़ियों की ट्रॉली में उतरा करंट, एक की मौत, 10 झुलसे
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कांवड़िया रोहित कुमार फाइल फोटो
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कादरचौक (बदायूं)। गौरामई गांव से कांवड़ लेने जा रहे लोगों के जत्थे की ट्रैक्टर-ट्रॉली के लाउडस्पीकर में हाईटेंशन लाइन का तार छूने से एक युवक की मौत हो गई। साथ ही डीजे पर डांस कर रहा एक युवक और नौ किशोर व बच्चे करंट के तेज झटके से झुलसने से बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। धमाके के साथ लपटें निकलने के बीच शनिवार रात आठ बजे हुई इस घटना से अफरातफरी फैल गई। घायल छह बच्चों का जिला अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। घटना से गांव में मातम पसर गया और कांवड़ यात्रा रोक दी गई।
जिला मुख्यालय से करीब 24 किमी दूर गौरामई गांव के लोग पहली बार यात्रा के रूप में कांवड़ लेने कछला गंगा घाट जा रहे थे। जत्थे को कछला से शाहजहांपुर के पटना देवकली मंदिर पर जलाभिषेक करने पहुंचना था। करीब 70 लोगों को कांवड़ लेने जाना था। वहां जाने से पहले यात्रा को ग्राम देवता के मंदिर पर ले जाया जा रहा था। खुशी के इस माहौल में काफी और लोग भी शामिल हुए। लगभग आठ बजे गांव की बाहरी मुख्य सड़क पर मंदिर से करीब तीन सौ मीटर पहले ट्रैक्टर-ट्रॉली पहुंचने पर यह हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शी रामवीर व अन्य के मुताबिक इनाम उल्ला के घर में लगे पाकड़ के छोटे पेड़ में छिपे नीचे झूलते हाईटेंशन लाइन से डीजे का लाउडस्पीकर (सुराही) छू गया।
भोलेनाथ के गीतों पर झूम रहे बच्चे करंट लगते ही बेहोश होकर सड़क पर जहां-तहां गिर गए। भीषण हादसे में गांव के रोहित कुमार (35) पुत्र श्रवण कुमार की मौत हो गई और 10 लोग झुलस गए। रोहित के मामा महेंद्र का डीजे किराये पर लिया गया था और रोहित ही इसे चला रहा था।बताते हैं कि ट्रॉली पर बैठे लोगों को तो करंट नहीं लगा। जो लोग ट्रॉली पकड़कर चल रहे थे, उन्हें एक-दूसरे से लगता चला गया। रोहित उन्हें बचाने के लिए जैसे ही ट्रॉली से नीचे उतरा, वैसे ही वह भी करंट का शिकार हो गया और उसकी मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। झुलसने के बाद बेहोश होकर गिरे छह बच्चों को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया, अन्य चार का गांव में ही इलाज कराया गया।
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अफसरों ने जेनरेटर से करंट फैलने का, ग्रामीणों ने तार ऊंचा कराने का किया दावा
घटना के बाद एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने और विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता एसके गौतम ने ट्रैक्टर-ट्रॉली पर डीजे चलाने के लिए लगाए गए जनरेटर से करंट फैलने की बात कही है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद रात तीन बजे तार ऊंचा करा दिया गया। गांव के लोगों ने अपने दावे के साथ पाकड़ के उन पत्तों को भी दिखाया, जो आग से जल गए।
ये युवक और बच्चे झुलसे
विपेंद्र (11), बृजेश (11), प्रशांत (14), सौरभ (8), दामेश (9) और अनुज (10) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं अंशु (12), तेजवीर (13), कामेश (13) और दिलीप (26) का गांव में ही इलाज कराया गया।
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जिला मुख्यालय से करीब 24 किमी दूर गौरामई गांव के लोग पहली बार यात्रा के रूप में कांवड़ लेने कछला गंगा घाट जा रहे थे। जत्थे को कछला से शाहजहांपुर के पटना देवकली मंदिर पर जलाभिषेक करने पहुंचना था। करीब 70 लोगों को कांवड़ लेने जाना था। वहां जाने से पहले यात्रा को ग्राम देवता के मंदिर पर ले जाया जा रहा था। खुशी के इस माहौल में काफी और लोग भी शामिल हुए। लगभग आठ बजे गांव की बाहरी मुख्य सड़क पर मंदिर से करीब तीन सौ मीटर पहले ट्रैक्टर-ट्रॉली पहुंचने पर यह हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शी रामवीर व अन्य के मुताबिक इनाम उल्ला के घर में लगे पाकड़ के छोटे पेड़ में छिपे नीचे झूलते हाईटेंशन लाइन से डीजे का लाउडस्पीकर (सुराही) छू गया।
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भोलेनाथ के गीतों पर झूम रहे बच्चे करंट लगते ही बेहोश होकर सड़क पर जहां-तहां गिर गए। भीषण हादसे में गांव के रोहित कुमार (35) पुत्र श्रवण कुमार की मौत हो गई और 10 लोग झुलस गए। रोहित के मामा महेंद्र का डीजे किराये पर लिया गया था और रोहित ही इसे चला रहा था।बताते हैं कि ट्रॉली पर बैठे लोगों को तो करंट नहीं लगा। जो लोग ट्रॉली पकड़कर चल रहे थे, उन्हें एक-दूसरे से लगता चला गया। रोहित उन्हें बचाने के लिए जैसे ही ट्रॉली से नीचे उतरा, वैसे ही वह भी करंट का शिकार हो गया और उसकी मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। झुलसने के बाद बेहोश होकर गिरे छह बच्चों को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया, अन्य चार का गांव में ही इलाज कराया गया।
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अफसरों ने जेनरेटर से करंट फैलने का, ग्रामीणों ने तार ऊंचा कराने का किया दावा
घटना के बाद एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने और विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता एसके गौतम ने ट्रैक्टर-ट्रॉली पर डीजे चलाने के लिए लगाए गए जनरेटर से करंट फैलने की बात कही है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद रात तीन बजे तार ऊंचा करा दिया गया। गांव के लोगों ने अपने दावे के साथ पाकड़ के उन पत्तों को भी दिखाया, जो आग से जल गए।
ये युवक और बच्चे झुलसे
विपेंद्र (11), बृजेश (11), प्रशांत (14), सौरभ (8), दामेश (9) और अनुज (10) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं अंशु (12), तेजवीर (13), कामेश (13) और दिलीप (26) का गांव में ही इलाज कराया गया।

कांवड़िया रोहित कुमार फाइल फोटो