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Budaun News: हादसे के बाद विद्युत निगम ने रात में ही ऊंचे करा दिए मौके पर झूलते हाईटेंशन लाइन के तार
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गांव गौरामई में कछला से जल लेने जाने को ट्रॉली पर तैयार डीजे। संवाद
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बदायूं। कादरचौक के गौरामई गांव में कांवड़ियों की डीजे लगी ट्रॉली में करंट फैलने से एक युवक की मौत और 10 लोगों के झुलसने की घटना ने विद्युत निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांवड़िया रोहित के भाई सनी ने बताया कि हादसा होने के बाद विद्युत निगम के चार-पांच लाइनमैनों ने रात में दो-तीन बजे आकर पूरे गांव में नीचे झूल रहे हाईटेंशन लाइन के तारों को ऊंचा कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि पूरी घटना को सामान्य घटना दिखाने के लिए रातभर में लाइनें ठीक कर दी गईं। बोले- अगर इन तारों को पहले ही ऊंचा कर दिया गया होता तो हादसा ही न होता। प्रधान हसरत खां ने बताया कि गांव में विद्युत लाइनों के तारों को ठीक करने के लिए जब भी अधिकारियों से कहा तो किसी ने नहीं सुनी। अब हादसा होने के बाद तारों को ठीक कर दिया गया।
ऐसा करके अब अफसर जेनरेटर से करंट फैलने की बात कह रहे हैं। जेनरेटर की बात पर ग्रामीण रामवीर, ब्रजपाल आदि का कहना है कि उससे तो इतनी तेज लपटें निकलने या बच्चों के इस तरह बेहोश होकर गिरने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि डीजे या लाउडस्पीकर की ऊंचाई भी महज साढ़े नौ फुट थी। तार नीचे होने से ही यह घटना हुई।
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गांव में हुई घटना के बारे में अपने स्तर से भी जांच कराई गई और पुलिस की ओर से भी जांच की गई थी, जिसमें जनरेटर से करंट की बात सामने आ रही है। रात में किसी प्रकार की लाइन को ठीक नहीं किया गया, लाइन जैसी थी वैसी ही है। -एसके गौतम, अधिशासी अभियंता
हाईटेंशन लाइन का तार पाकड़ पेड़ से लटक रहा था। इसलिए तार दिख नहीं रहा था। उसके ट्रॉली में छूने से चिंगारी निकलने के बाद आग लग गई, जिससे सभी बच्चे एकदम वाहन से इधर-उधर जा गिरे। रात में नीचे तारों को पता नहीं कौन लाइनमैन आकर ऊपर कर गया। पाकड़ के पेड़ के पत्ते भी जल गए। -रामवीर, ग्रामीण चश्मदीद
ट्रैक्टर-ट्रॉली के पीछे बच्चे डांस करते हुए चल रहे थे। ट्रॉली हाईटेंशन लाइन की चपेट में आई तो बच्चे एकदम से नीचे गिर पड़े। जब तक लकड़ी का डंडा लेने गया, तब तक ट्रॉली आगे बढ़ चुकी थी। इसके बाद सब बच्चों के हाथ-पैर मसलने लगे। जिसने जो सही समझा घायलों की मदद करने में जुट गया। -बृजपाल, ग्रामीण चश्मदीद
परिजनों और पुलिस के बयानों में विरोधाभास, मृतक को कांवड़िया नहीं मान रही पुलिस
हादसे में बाद परिजनों और पुलिस के बयानों में विरोधाभास सामने आया है। कांवड़िया की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि गांव से 60 से 70 कांवड़ियों का जत्था कछला से जल लेने जा रहा था। इसी दौरान हादसे में कांवड़िया की मौत हो गई। इसके बाद रविवार को पुलिस ने बयान जारी कर बताया कि गांव में ग्रामीण ट्रॉली पर डीजे बांधकर डांस कर रहे थे। डीजे के जेनरेटर में करंट आ गया, जिससे यह घटना हुई। आगे कहा कि उक्त घटना कांवड़ यात्रा से संबंधित नहीं है। न ही किसी कांवड़ यात्री को कोई क्षति पहुंची है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस कांवड़ यात्रा को झुठलाकर पूरे मामले को दबाना चाह रही है।
धर्म की दीवारें टूटीं, सड़क पर तड़पते बच्चों की जान बचाने में जुटा पूरा गांव
कादरचौक। करीब 80 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले गांव में करंट से झुलसे हिंदू समुदाय के बच्चों को बचाने और उन्हें होश में लाने के लिए समुदाय की दीवारें टूट गईं।
प्रधान हसरत खां ने बताया कि हादसा होने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण बच्चों की मदद में जुट गए। कोई बच्चों के शरीर की मालिश कर रहा था तो कोई उन्हें संभालकर अस्पताल पहुंचाने में लगा था। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। बच्चे करंट लगने के बाद सड़क पर गिरकर तड़प रहे थे। ऐसे में ग्रामीणों ने बिना किसी भेदभाव के घायल बच्चों को उठाया और प्राथमिक मदद शुरू कर दी। परिजनों को ढाढ़स बंधाने के साथ उन्हें इलाज के लिए भेजने में भी ग्रामीण जुटे रहे। संवाद
पहले भी इसी जगह तार से झुलस गया था युवक
गौरामई गांव में जिस तार से शनिवार रात घटना हुई, उसी तार से तीन महीने पहले भी एक युवक झुलस गया था। वहां खड़े एक डीसीएम मिनी ट्रक से तार छू गया था। उस पर चढ़ते समय युवक उमस झुलस गया था। तीन महीने उसका इलाज चला था। वहीं जिले में भी हाईटेंशन तारों से कई और घटनाएं हो चुकी हैं।
हाल में ही सहसवान थाना क्षेत्र के सादपुर गांव में 6 जुलाई को शादी समारोह के दौरान बड़ा हादसा हो गया था। गांव में बरात संग आई रंगशाला में हाईटेंशन लाइन का तार छूने से युवक अपिल यादव की मौत हो गई थी। साथ ही पांच लोग झुलस गए थे। संवाद
एक घंटे बाद पहुंचीं एंबुलेंस
हादसे के बाद पुलिस समय से मौके पर पहुंच गई, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक एंबुलेंस करीब एक घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंचीं। बाद में तीन एंबुलेंस से घायल बच्चों को जिला अस्पताल भेजा गया।
विधायक बोले-बिजली के तार से ही हुई घटना
गांव में जाकर पीड़ित परिवार और घायलों से मिला था। वहां पता चला कि ग्रामीण कांवड़ लेकर जल भरने कछला जा रहे थे। हाईटेंशन लाइन का तार छूने से ही रोहित की मौत हुई है। -हिमांशु यादव, विधायक शेखूपुर
बच्चों को बचाने के प्रयास में खुद करंट की चपेट में आ गया रोहित
ग्रामीणों ने बताया कि गांव से पहली बार यात्रा के रूप में कांवड़िये जल भरने जा रहे थे। रोहित के मामा महेंद्र का डीजे ट्रॉली में लगाया गया था। रोहित ही इसे चला रहा था। बताते हैं कि ट्रॉली पर बैठे लोगों को तो करंट नहीं लगा, लेकिन जो लोग ट्रॉली पकड़कर चल रहे थे, उन्हें एक-दूसरे से लगता चला गया। भोलेनाथ के गीतों पर झूम रहे बच्चे करंट लगते ही बेहोश होकर सड़क पर जहां-तहां गिर गए। रोहित उन्हें बचाने के लिए जैसे ही ट्रॉली से नीचे उतरा, वैसे ही वह भी करंट का शिकार हो गया और उसकी मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। झुलसने के बाद बेहोश होकर गिरे छह बच्चों को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया, अन्य चार का गांव में ही इलाज कराया गया।
रोहित छह भाइयों में दूसरे नंबर का भाई था। उसकी शादी 8 साल पहले मूसाझाग थाने के गिधौल गांव से हुई थी। एक बेटा 5 साल का राघव और बेटी निधि 3 साल की है। वह मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार को भरण-पोषण करता था। रोहित की पत्नी नेहा का रो-रोकर बुरा हाल है।
ये युवक और बच्चे झुलसे
विपेंद्र (11), बृजेश (11), प्रशांत (14), सौरभ (8), दामेश (9) और अनुज (10) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं अंशु (12), तेजवीर (13), कामेश (13) और दिलीप (26) का गांव में ही इलाज कराया गया।
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ग्रामीणों का आरोप है कि पूरी घटना को सामान्य घटना दिखाने के लिए रातभर में लाइनें ठीक कर दी गईं। बोले- अगर इन तारों को पहले ही ऊंचा कर दिया गया होता तो हादसा ही न होता। प्रधान हसरत खां ने बताया कि गांव में विद्युत लाइनों के तारों को ठीक करने के लिए जब भी अधिकारियों से कहा तो किसी ने नहीं सुनी। अब हादसा होने के बाद तारों को ठीक कर दिया गया।
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गांव में हुई घटना के बारे में अपने स्तर से भी जांच कराई गई और पुलिस की ओर से भी जांच की गई थी, जिसमें जनरेटर से करंट की बात सामने आ रही है। रात में किसी प्रकार की लाइन को ठीक नहीं किया गया, लाइन जैसी थी वैसी ही है। -एसके गौतम, अधिशासी अभियंता
हाईटेंशन लाइन का तार पाकड़ पेड़ से लटक रहा था। इसलिए तार दिख नहीं रहा था। उसके ट्रॉली में छूने से चिंगारी निकलने के बाद आग लग गई, जिससे सभी बच्चे एकदम वाहन से इधर-उधर जा गिरे। रात में नीचे तारों को पता नहीं कौन लाइनमैन आकर ऊपर कर गया। पाकड़ के पेड़ के पत्ते भी जल गए। -रामवीर, ग्रामीण चश्मदीद
ट्रैक्टर-ट्रॉली के पीछे बच्चे डांस करते हुए चल रहे थे। ट्रॉली हाईटेंशन लाइन की चपेट में आई तो बच्चे एकदम से नीचे गिर पड़े। जब तक लकड़ी का डंडा लेने गया, तब तक ट्रॉली आगे बढ़ चुकी थी। इसके बाद सब बच्चों के हाथ-पैर मसलने लगे। जिसने जो सही समझा घायलों की मदद करने में जुट गया। -बृजपाल, ग्रामीण चश्मदीद
परिजनों और पुलिस के बयानों में विरोधाभास, मृतक को कांवड़िया नहीं मान रही पुलिस
हादसे में बाद परिजनों और पुलिस के बयानों में विरोधाभास सामने आया है। कांवड़िया की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि गांव से 60 से 70 कांवड़ियों का जत्था कछला से जल लेने जा रहा था। इसी दौरान हादसे में कांवड़िया की मौत हो गई। इसके बाद रविवार को पुलिस ने बयान जारी कर बताया कि गांव में ग्रामीण ट्रॉली पर डीजे बांधकर डांस कर रहे थे। डीजे के जेनरेटर में करंट आ गया, जिससे यह घटना हुई। आगे कहा कि उक्त घटना कांवड़ यात्रा से संबंधित नहीं है। न ही किसी कांवड़ यात्री को कोई क्षति पहुंची है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस कांवड़ यात्रा को झुठलाकर पूरे मामले को दबाना चाह रही है।
धर्म की दीवारें टूटीं, सड़क पर तड़पते बच्चों की जान बचाने में जुटा पूरा गांव
कादरचौक। करीब 80 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले गांव में करंट से झुलसे हिंदू समुदाय के बच्चों को बचाने और उन्हें होश में लाने के लिए समुदाय की दीवारें टूट गईं।
प्रधान हसरत खां ने बताया कि हादसा होने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण बच्चों की मदद में जुट गए। कोई बच्चों के शरीर की मालिश कर रहा था तो कोई उन्हें संभालकर अस्पताल पहुंचाने में लगा था। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। बच्चे करंट लगने के बाद सड़क पर गिरकर तड़प रहे थे। ऐसे में ग्रामीणों ने बिना किसी भेदभाव के घायल बच्चों को उठाया और प्राथमिक मदद शुरू कर दी। परिजनों को ढाढ़स बंधाने के साथ उन्हें इलाज के लिए भेजने में भी ग्रामीण जुटे रहे। संवाद
पहले भी इसी जगह तार से झुलस गया था युवक
गौरामई गांव में जिस तार से शनिवार रात घटना हुई, उसी तार से तीन महीने पहले भी एक युवक झुलस गया था। वहां खड़े एक डीसीएम मिनी ट्रक से तार छू गया था। उस पर चढ़ते समय युवक उमस झुलस गया था। तीन महीने उसका इलाज चला था। वहीं जिले में भी हाईटेंशन तारों से कई और घटनाएं हो चुकी हैं।
हाल में ही सहसवान थाना क्षेत्र के सादपुर गांव में 6 जुलाई को शादी समारोह के दौरान बड़ा हादसा हो गया था। गांव में बरात संग आई रंगशाला में हाईटेंशन लाइन का तार छूने से युवक अपिल यादव की मौत हो गई थी। साथ ही पांच लोग झुलस गए थे। संवाद
एक घंटे बाद पहुंचीं एंबुलेंस
हादसे के बाद पुलिस समय से मौके पर पहुंच गई, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक एंबुलेंस करीब एक घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंचीं। बाद में तीन एंबुलेंस से घायल बच्चों को जिला अस्पताल भेजा गया।
विधायक बोले-बिजली के तार से ही हुई घटना
गांव में जाकर पीड़ित परिवार और घायलों से मिला था। वहां पता चला कि ग्रामीण कांवड़ लेकर जल भरने कछला जा रहे थे। हाईटेंशन लाइन का तार छूने से ही रोहित की मौत हुई है। -हिमांशु यादव, विधायक शेखूपुर
बच्चों को बचाने के प्रयास में खुद करंट की चपेट में आ गया रोहित
ग्रामीणों ने बताया कि गांव से पहली बार यात्रा के रूप में कांवड़िये जल भरने जा रहे थे। रोहित के मामा महेंद्र का डीजे ट्रॉली में लगाया गया था। रोहित ही इसे चला रहा था। बताते हैं कि ट्रॉली पर बैठे लोगों को तो करंट नहीं लगा, लेकिन जो लोग ट्रॉली पकड़कर चल रहे थे, उन्हें एक-दूसरे से लगता चला गया। भोलेनाथ के गीतों पर झूम रहे बच्चे करंट लगते ही बेहोश होकर सड़क पर जहां-तहां गिर गए। रोहित उन्हें बचाने के लिए जैसे ही ट्रॉली से नीचे उतरा, वैसे ही वह भी करंट का शिकार हो गया और उसकी मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। झुलसने के बाद बेहोश होकर गिरे छह बच्चों को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया, अन्य चार का गांव में ही इलाज कराया गया।
रोहित छह भाइयों में दूसरे नंबर का भाई था। उसकी शादी 8 साल पहले मूसाझाग थाने के गिधौल गांव से हुई थी। एक बेटा 5 साल का राघव और बेटी निधि 3 साल की है। वह मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार को भरण-पोषण करता था। रोहित की पत्नी नेहा का रो-रोकर बुरा हाल है।
ये युवक और बच्चे झुलसे
विपेंद्र (11), बृजेश (11), प्रशांत (14), सौरभ (8), दामेश (9) और अनुज (10) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं अंशु (12), तेजवीर (13), कामेश (13) और दिलीप (26) का गांव में ही इलाज कराया गया।

गांव गौरामई में कछला से जल लेने जाने को ट्रॉली पर तैयार डीजे। संवाद

गांव गौरामई में कछला से जल लेने जाने को ट्रॉली पर तैयार डीजे। संवाद

गांव गौरामई में कछला से जल लेने जाने को ट्रॉली पर तैयार डीजे। संवाद

गांव गौरामई में कछला से जल लेने जाने को ट्रॉली पर तैयार डीजे। संवाद

गांव गौरामई में कछला से जल लेने जाने को ट्रॉली पर तैयार डीजे। संवाद

गांव गौरामई में कछला से जल लेने जाने को ट्रॉली पर तैयार डीजे। संवाद

गांव गौरामई में कछला से जल लेने जाने को ट्रॉली पर तैयार डीजे। संवाद

गांव गौरामई में कछला से जल लेने जाने को ट्रॉली पर तैयार डीजे। संवाद