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गंगा एक्सप्रेस-वे : विकास और रोजगार का नया युग
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पत्रकार वार्ता को संबोधित करते भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता। स्रोत- पार्टी
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बदायूं। उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण 29 अप्रैल को होगा। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे प्रदेश के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरदोई से इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे, जिसका सजीव प्रसारण बदायूं के घटपुरी इंटरचेंज पर भी किया जाएगा। यह परियोजना बदायूं सहित पूरे उत्तर प्रदेश में विकास, कनेक्टिविटी और आर्थिक प्रगति का नया युग लाएगी।
मंगलवार को पार्टी कार्यालय पर पत्रकार वार्ता में जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि यह एक्सप्रेस-वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से जोड़ेगा। इससे व्यापार, निवेश, उद्योग, लॉजिस्टिक्स और कृषि क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति की मजबूत आधारशिला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 दिसंबर 2021 को शाहजहांपुर से इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। लगभग पांच वर्षों के रिकॉर्ड समय में इसका निर्माण कार्य पूरा किया गया है। यह एक्सप्रेस-वे आर्थिक विकास के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा। गढ़मुक्तेश्वर, कल्कि धाम, बेला देवी धाम, चंद्रिका देवी शक्तिपीठ और प्रयागराज के त्रिवेणी संगम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच अब अधिक सुगम हो जाएगी। यह परियोजना युवाओं, किसानों और व्यापारियों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगी।
बदायूं के लिए गंगा एक्सप्रेस-वे का विशेष महत्व
भाजपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि बदायूं में एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई लगभग 91.67 किलोमीटर है। यह जिले के व्यापक भू-भाग को कवर करती है। यह एक्सप्रेस-वे बिल्सी, बदायूं, बिसौली एवं दातागंज तहसीलों से होकर गुजरता है। इससे पूरे जनपद में कनेक्टिविटी का सशक्त नेटवर्क विकसित होगा। परियोजना के अंतर्गत जनपद के लगभग 85 गांव के 195 मजरे सीधे रूप से जुड़े हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा।
यहां बनाए गए हैं प्रमुख इंटरचेंज
बदायूं में तीन प्रमुख इंटरचेंज- घटपुरी, बनकोटा (बिसौली) एवं डहरपुर (दातागंज) में बनाए गए हैं। ये इंटरचेंज आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति देंगे। बिसौली क्षेत्र में बनकोटा इंटरचेंज इस परियोजना का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। वे-साइड सुविधाओं के विकसित होने से स्थानीय व्यापार, रोजगार और सेवाओं को विशेष बढ़ावा मिलेगा। एक्सप्रेस-वे के माध्यम से बदायूं से दिल्ली, मेरठ, प्रयागराज सहित अन्य प्रमुख शहरों तक की दूरी और समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
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मंगलवार को पार्टी कार्यालय पर पत्रकार वार्ता में जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि यह एक्सप्रेस-वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से जोड़ेगा। इससे व्यापार, निवेश, उद्योग, लॉजिस्टिक्स और कृषि क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति की मजबूत आधारशिला है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 दिसंबर 2021 को शाहजहांपुर से इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। लगभग पांच वर्षों के रिकॉर्ड समय में इसका निर्माण कार्य पूरा किया गया है। यह एक्सप्रेस-वे आर्थिक विकास के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा। गढ़मुक्तेश्वर, कल्कि धाम, बेला देवी धाम, चंद्रिका देवी शक्तिपीठ और प्रयागराज के त्रिवेणी संगम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच अब अधिक सुगम हो जाएगी। यह परियोजना युवाओं, किसानों और व्यापारियों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगी।
बदायूं के लिए गंगा एक्सप्रेस-वे का विशेष महत्व
भाजपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि बदायूं में एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई लगभग 91.67 किलोमीटर है। यह जिले के व्यापक भू-भाग को कवर करती है। यह एक्सप्रेस-वे बिल्सी, बदायूं, बिसौली एवं दातागंज तहसीलों से होकर गुजरता है। इससे पूरे जनपद में कनेक्टिविटी का सशक्त नेटवर्क विकसित होगा। परियोजना के अंतर्गत जनपद के लगभग 85 गांव के 195 मजरे सीधे रूप से जुड़े हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा।
यहां बनाए गए हैं प्रमुख इंटरचेंज
बदायूं में तीन प्रमुख इंटरचेंज- घटपुरी, बनकोटा (बिसौली) एवं डहरपुर (दातागंज) में बनाए गए हैं। ये इंटरचेंज आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति देंगे। बिसौली क्षेत्र में बनकोटा इंटरचेंज इस परियोजना का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। वे-साइड सुविधाओं के विकसित होने से स्थानीय व्यापार, रोजगार और सेवाओं को विशेष बढ़ावा मिलेगा। एक्सप्रेस-वे के माध्यम से बदायूं से दिल्ली, मेरठ, प्रयागराज सहित अन्य प्रमुख शहरों तक की दूरी और समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।

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