UP News: बदायूं के विकास में मील का पत्थर साबित होगा गंगा एक्सप्रेसवे, औद्योगिक गलियारों से बढ़ेगा रोजगार
गंगा एक्सप्रेसवे से बदायूं जनपद के विकास को रफ्तार मिलेगी। औद्योगिक गलियारों से रोजगार भी पढ़ेगा। घटपुरा इंटरचेंज पर आयोजित कार्यक्रम के बाद केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे बदायूं के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हरदोई में आयोजित भव्य समारोह में गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। इधर, जनपद बदायूं में बरेली मार्ग पर घटपुरी-बिनावर इंटरचेंज के समीप आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा व अन्य जनप्रतिनिधियों ने किया। यहां पीएम के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी किया गया। केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे बदायूं के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि 'डबल इंजन सरकार' के कार्यकाल में जितना विकास हुआ है, उतना पिछले कई दशकों में नहीं हुआ। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने जताई खुशी, बोले- बढ़ेगी विकास की रफ्तार
भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने इसे बदायूं के लिए 'वरदान' बताते हुए कहा कि इससे जनपद की पहचान बदलेगी और यह प्रदेश के विकास का केंद्र बनेगा। विधान परिषद सदस्य वागीश पाठक ने कहा कि देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और बड़े बुनियादी प्रोजेक्ट इसका प्रमाण हैं। विधायक हरीश शाक्य, महेश गुप्ता और राजीव कुमार सिंह ने भी एक्सप्रेसवे को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे समय, ईंधन और लागत की बचत होगी तथा क्षेत्र का समग्र विकास होगा।
पूर्व सांसद धर्मेंद्र शाक्य ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत पर कार्य कर रही है, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंच रहा है। इस अवसर पर जिलाधिकारी अवनीश राय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, सहायक निदेशक सूचना आशुतोष चंदोला,शारदेंदु पाठक,अनुभव उपाध्याय, विश्वजीत गुप्ता समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, पार्टी पदाधिकारी व आमजन आदि मौजूद रहे।
समय और दूरी दोनों में होगी कमी
गंगा एक्सप्रेसवे बनने से लखनऊ और दिल्ली के बीच की दूरी कम हो जाएगी, जिससे यात्रियों को कम समय में सफर करने की सुविधा मिलेगी। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क मजबूत होगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी और किसानों को अपने उत्पादों के बेहतर दाम मिल सकेंगे।
बदायूं में 92 किलोमीटर लंबा हिस्सा, 85 गांवों से गुजरा
जिलाधिकारी अवनीश राय ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद बदायूं में इस एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 92 किलोमीटर है, जो बिसौली, बदायूं और दातागंज तहसीलों से होकर गुजरती है। इसके अंतर्गत 85 गांव प्रभावित हुए हैं और लगभग 1200 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। जनपद में तीन प्रमुख इंटरचेंज- वनकोटा (बिसौली), घटपुरी (बदायूं) और डहरपुर कलां (दातागंज) पर बनाए गए हैं, साथ ही चार फ्लाईओवर और रामगंगा नदी पर 720 मीटर लंबा सेतु भी निर्मित किया गया है।
औद्योगिक गलियारों से बढ़ेगा रोजगार
एक्सप्रेसवे के किनारे बदायूं में दो बड़े औद्योगिक गलियारों का विकास किया जा रहा है। घटपुरी इंटरचेंज के पास लगभग 108 हेक्टेयर भूमि पर और डहरपुर कलां क्षेत्र में लगभग 300 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इससे क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना होगी और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
सात हजार लोगों ने देखा सीधा प्रसारण
कार्यक्रम के दौरान हरदोई में आयोजित प्रधानमंत्री के मुख्य समारोह का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिसे जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक देखा। करीब सात हजार लोगों ने पीएम के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा। गंगा एक्सप्रेसवे का यह लोकार्पण न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो आने वाले समय में आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार और सामाजिक प्रगति की नई इबारत लिखेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे की खूबियां
- गंगा एक्सप्रेसवे को हादसा रहित बनाए जाने के लिए अलर्ट स्ट्रिप्स बनाए गए हैं। यह वाहन चालक के झपकी आने पर स्ट्रिप्स पर वाहन के आते ही कंपन से चालक को नींद से जगाने का काम करेंगे।
- गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों को डीजल, पेट्रोल और सीएनजी पंप के साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन यानी ईवी चार्जिंग सेंटर की भी सुविधा उपलब्ध होगी।
- मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर के गंगा एक्सप्रेसवे पर नौ स्थानों पर रेस्ट एरिया को विकसित किया गया है। एक एरिया का क्षेत्रफल करीब पांच हेक्टेयर रखा गया है।
- झूला पार्क भी बनवाए गए हैं। परिवार सहित सफर के लिए निकले लोगों के बच्चों के लिए एक्सप्रेसवे पर ही झूला पार्क विकसित कराए गए हैं। इससे सफर के दौरान लोग बच्चों के साथ कुछ पल बिता सकेंगे।
- एंबुलेंस की तैनाती के साथ ही ट्रॉमा सेंटर की भी स्थापना कराई गई है।
- गंगा एक्सप्रेसवे पर जिलों की पहचान के उत्पाद, भोजन और अन्य सामग्री भी उपलब्ध होगी। वहीं सफर करने वाले लोगों को गंगा भोग ढाबा के भोजन का स्वाद लेने का भी मौका मिलेगा।
- सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रहेगी। 120 किलोमीटर से अधिक गति सीमा होने पर वाहनों का आटोमैटिक चालान कट जाएगा।
- हाईटेक टोल प्लाजा बनवाए गए हैं। इससे वाहनों को कतार में नहीं लगना होगा, गति सीमा में ही वाहन के लिए ऑटोमेटेड सिस्टम से टोल की कटौती होते ही बूम खुल जाया करेगा।
- गंगा एक्सप्रेसवे पहला एक्सप्रेसवे होगा जिस पर ट्रक लेन भी बनवाई गई है।

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