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Budaun News: दो भाइयों की मौत के बाद भी हेपेटाइटिस की जांच नहीं हुई
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गांव में लगे हैंडपंप से पानी भरते युवा। संवाद
- फोटो : Samvad
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जरीफनगर। दहगवां क्षेत्र के गांव नसीरपुर टप्पा मलसई में हेपेटाइटिस से दो भाइयों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग लापरवाह बना हुआ है। पहले दिन लगाए स्वास्थ्य शिविर में आठ लोगों में हेपेटाइटिस संक्रमण मिलने के बावजूद दूसरे दिन विभाग ने हेपेटाइटिस की जांच तक नहीं कराई। टीम केवल डेंगू और मलेरिया की जांच कर औपचारिकताएं पूरी कर लौट गई। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
शुक्रवार को ब्रजेश की हेपेटाइटिस से मौत के बाद गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप लगाया था। जांच के दौरान आठ लोगों में हेपेटाइटिस संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उम्मीद थी कि शनिवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम हेपेटाइटिस की जांच करेगी, लेकिन टीम केवल डेंगू और मलेरिया की जांच कर लौट गई।
ग्रामीण सोहन, रमेश, श्याम सिंह का कहना है कि जब गांव में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है और दो लोगों की जान भी जा चुकी है, तब सबसे जरूरी जांच को ही नजरअंदाज करना विभाग की लापरवाही को उजागर करता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग बीमारी की रोकथाम के बजाय केवल कागजी कार्रवाई में जुटा है। लोगों ने गांव में दोबारा विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर सभी संदिग्ध लोगों की हेपेटाइटिस जांच, संक्रमितों का इलाज और बीमारी के स्रोत की जांच कराने की मांग की है।
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टीम ने सिर्फ पहले ही दिन की हेपेटाइटिस की जांच
प्रधान उदय प्रताप सिंह का कहना है कि गांव में दो भाइयों की मौत हुई है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने ब्रजेश के स्वास्थ्य संबंधित अभिलेखों की जांच की। इसमें वह हेपेटाइटिस बी पॉजिटिव मिला था। टीम ने 108 मरीजाें की जांच की। इसमें आठ पॉजिटिव लोग मिले थे। शाम होने पर टीम लौट गई। उम्मीद थी कि शनिवार को भी टीम हेपेटाइटिस की जांच करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे निराशा हाथ लगी है।
12 घंटे बाद पानी होने लगता है पीला
गांव में 12 हैंडपंप लगे हैं। ग्रामीण रामसिंह, सोहन, मोनू ने बताया कि यहां पर हैंडपंप गंदा पानी दे रहे हैं। अगर किसी भी हैंडपंप का पानी 12 घंटे रख लो तो वह पीला पड़ने लगता है। इससे भी तमाम तरह की बीमारी ग्रामीणों को घेर रही हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
20 दिन से नहीं आ रहा सफाई कर्मचारी, जारी किया नोटिस
गांव में पिछले 20 दिन से सफाई कर्मचारी नहीं आ रहा है। इसको लेकर प्रधान उदय प्रताप सिंह की ओर से एडीओ से लिखित में शिकायत की थी। इस पर एडीओ ने बताया कि कर्मचारी को नोटिस जारी किया जा चुका है। अगर नहीं आया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
घर-घर जाकर लार्वा चेक करेंगे
एमओआईसी डॉ. पियूष यादव का कहना है कि रविवार से गांव में चार सीएचओ व आशा घर-घर जाकर लार्वा चेक करेंगे। कहीं पर भी पानी एकत्र मिला तो उसको हटवाएंगे। डीपीआरओ से बात हुई है। गांव में फॉगिंग कराई जाएगी। वहीं शनिवार को जिलास्तर की टीम आई थी। उन्होंने मलेरिया-डंगू की जांच की है।
स्वास्थ्य टीम को गांव जांच के लिए भेजा गया था, टीम ने डेंगू, मलेरिया की जांच की है। हेपेटाइटिस की जांच हुई है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। अगर टीम ने हेपेटाइटिस की जांच नहीं की है तो उससे स्पष्टीकरण लिया जाएगा। -डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ
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शुक्रवार को ब्रजेश की हेपेटाइटिस से मौत के बाद गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप लगाया था। जांच के दौरान आठ लोगों में हेपेटाइटिस संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उम्मीद थी कि शनिवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम हेपेटाइटिस की जांच करेगी, लेकिन टीम केवल डेंगू और मलेरिया की जांच कर लौट गई।
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ग्रामीण सोहन, रमेश, श्याम सिंह का कहना है कि जब गांव में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है और दो लोगों की जान भी जा चुकी है, तब सबसे जरूरी जांच को ही नजरअंदाज करना विभाग की लापरवाही को उजागर करता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग बीमारी की रोकथाम के बजाय केवल कागजी कार्रवाई में जुटा है। लोगों ने गांव में दोबारा विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर सभी संदिग्ध लोगों की हेपेटाइटिस जांच, संक्रमितों का इलाज और बीमारी के स्रोत की जांच कराने की मांग की है।
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टीम ने सिर्फ पहले ही दिन की हेपेटाइटिस की जांच
प्रधान उदय प्रताप सिंह का कहना है कि गांव में दो भाइयों की मौत हुई है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने ब्रजेश के स्वास्थ्य संबंधित अभिलेखों की जांच की। इसमें वह हेपेटाइटिस बी पॉजिटिव मिला था। टीम ने 108 मरीजाें की जांच की। इसमें आठ पॉजिटिव लोग मिले थे। शाम होने पर टीम लौट गई। उम्मीद थी कि शनिवार को भी टीम हेपेटाइटिस की जांच करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे निराशा हाथ लगी है।
12 घंटे बाद पानी होने लगता है पीला
गांव में 12 हैंडपंप लगे हैं। ग्रामीण रामसिंह, सोहन, मोनू ने बताया कि यहां पर हैंडपंप गंदा पानी दे रहे हैं। अगर किसी भी हैंडपंप का पानी 12 घंटे रख लो तो वह पीला पड़ने लगता है। इससे भी तमाम तरह की बीमारी ग्रामीणों को घेर रही हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
20 दिन से नहीं आ रहा सफाई कर्मचारी, जारी किया नोटिस
गांव में पिछले 20 दिन से सफाई कर्मचारी नहीं आ रहा है। इसको लेकर प्रधान उदय प्रताप सिंह की ओर से एडीओ से लिखित में शिकायत की थी। इस पर एडीओ ने बताया कि कर्मचारी को नोटिस जारी किया जा चुका है। अगर नहीं आया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
घर-घर जाकर लार्वा चेक करेंगे
एमओआईसी डॉ. पियूष यादव का कहना है कि रविवार से गांव में चार सीएचओ व आशा घर-घर जाकर लार्वा चेक करेंगे। कहीं पर भी पानी एकत्र मिला तो उसको हटवाएंगे। डीपीआरओ से बात हुई है। गांव में फॉगिंग कराई जाएगी। वहीं शनिवार को जिलास्तर की टीम आई थी। उन्होंने मलेरिया-डंगू की जांच की है।
स्वास्थ्य टीम को गांव जांच के लिए भेजा गया था, टीम ने डेंगू, मलेरिया की जांच की है। हेपेटाइटिस की जांच हुई है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। अगर टीम ने हेपेटाइटिस की जांच नहीं की है तो उससे स्पष्टीकरण लिया जाएगा। -डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ

गांव में लगे हैंडपंप से पानी भरते युवा। संवाद- फोटो : Samvad

गांव में लगे हैंडपंप से पानी भरते युवा। संवाद- फोटो : Samvad