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Budaun News: होम्योपैथिक दवाओं का दिख रहा असर, बढ़ी मरीजों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Mon, 19 Jan 2026 01:41 AM IST
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होम्योपैथिक अस्पताल की बिल्डिंग। संवाद
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बदायूं। होम्योपैथिक अस्पताल में इन दिनों मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। बदलते मौसम और बीमारियों के बढ़ते प्रकोप के बीच होम्योपैथिक उपचार की ओर लोगों का रुझान तेजी से बढ़ा है।
बुखार, खांसी, जुकाम, एलर्जी, पेट संबंधी रोगों समेत अन्य सामान्य और दीर्घकालिक बीमारियों के इलाज के लिए मरीज होम्योपैथिक अस्पताल में पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के होम्योपैथिक अस्पताल से मिलने वाली दवाओं से बीते कुछ समय से मरीजों को राहत मिल रही है। इसके चलते यहां उपचार कराने वालों की संख्या में इजाफा होने लगा है। पहले जहां 100 से 120 के आसपास संख्या में मरीज पहुंचते थे, वहीं अब प्रतिदिन 150 की ओपीडी में हो रही है। सुबह से ही अस्पताल में मरीज पहुंचने लगे हैं।
डॉ. प्रमोद कुमार का कहना है कि होम्योपैथिक दवाएं बिना किसी दुष्प्रभाव के असर करती हैं। जिससे लोग इस पद्धति पर भरोसा जता रहे हैं।
विशेष रूप से बुखार, खांसी, सर्दी-जुकाम और त्वचा रोगों में मरीजों को सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में भी होम्योपैथिक उपचार को लेकर रुचि बढ़ी है।
आमगांव के हरवीर, संजरपुर के किशन का कहना है कि एलोपैथिक दवाओं से राहत न मिलने या साइड इफेक्ट के कारण उन्होंने होम्योपैथिक इलाज को अपनाया है।
नियमित दवा लेने से उनकी सेहत में सुधार हुआ है, जिसके बाद वे दोबारा भी इसी पद्धति से इलाज करा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार होम्योपैथिक इकाई में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं और दवाओं के कारण मरीज बढ़े हैं। संवाद
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बुखार, खांसी, जुकाम, एलर्जी, पेट संबंधी रोगों समेत अन्य सामान्य और दीर्घकालिक बीमारियों के इलाज के लिए मरीज होम्योपैथिक अस्पताल में पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के होम्योपैथिक अस्पताल से मिलने वाली दवाओं से बीते कुछ समय से मरीजों को राहत मिल रही है। इसके चलते यहां उपचार कराने वालों की संख्या में इजाफा होने लगा है। पहले जहां 100 से 120 के आसपास संख्या में मरीज पहुंचते थे, वहीं अब प्रतिदिन 150 की ओपीडी में हो रही है। सुबह से ही अस्पताल में मरीज पहुंचने लगे हैं।
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डॉ. प्रमोद कुमार का कहना है कि होम्योपैथिक दवाएं बिना किसी दुष्प्रभाव के असर करती हैं। जिससे लोग इस पद्धति पर भरोसा जता रहे हैं।
विशेष रूप से बुखार, खांसी, सर्दी-जुकाम और त्वचा रोगों में मरीजों को सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में भी होम्योपैथिक उपचार को लेकर रुचि बढ़ी है।
आमगांव के हरवीर, संजरपुर के किशन का कहना है कि एलोपैथिक दवाओं से राहत न मिलने या साइड इफेक्ट के कारण उन्होंने होम्योपैथिक इलाज को अपनाया है।
नियमित दवा लेने से उनकी सेहत में सुधार हुआ है, जिसके बाद वे दोबारा भी इसी पद्धति से इलाज करा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार होम्योपैथिक इकाई में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं और दवाओं के कारण मरीज बढ़े हैं। संवाद
