Budaun Accident: हादसे में गई मां की जान, दो साल का विनोद अस्पताल में मम्मी-मम्मी कहकर रोता रहा
बदायूं जिले में बुधवार तड़के गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए एक सड़क हादसे में दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे से दो बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। जिला अस्पताल में भर्ती दो वर्षीय विनोद लगातार अपनी मां को पुकार रहा था। वहीं, दस वर्षीय सिमोन मां को खोने के सदमे में गुमसुम दिखा।
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बदायूं के कुंवरगांव थाना क्षेत्र में बुधवार तड़के गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे ने दो मासूम बच्चों की जिंदगी में अंधेरा कर दिया। चंडीगढ़ जा रही टैक्सी कार में दीपना खत्री और विपिना सुनमगर की मौत होने से उनके बच्चों के सिर से मां की साया हट गया। जिला अस्पताल में भर्ती दो वर्षीय विनोद को शायद यह भी नहीं मालूम कि अब उसकी मां उसके पास नहीं आएगी। वह अपनी मां की गोद में बैठकर सफर कर रहा था। वह बार-बार मम्मी...मम्मी कहकर अस्पताल में रोता रहा। उसकी मासूम आवाज में मम्मी शब्द निकलता देख हर किसी की आंखें नम हो रही थीं।
आसपास मौजूद लोग और तीमारदार महिलाएं उसे गोद में लेकर दुलार करते हुए चुप कराने और खिलाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उसकी आंखें हर तरफ अपनी मां को ही तलाशती रहीं। वहीं, हादसे में दूसरी महिला (32) विपिना सुनमगर का दस वर्षीय बेटा सिमोन भी सफर कर रहा था। मां की मौत के बाद सिमोन भी अस्पताल में भर्ती है। मां को खोने का दर्द उसके चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था।
जिला अस्पताल में भर्ती सिमोन गुमसुम लेटा हुआ है। वह न तो रो रहा है, न ही किसी से बात कर रहा है। हादसे में अपनी मां को खोना उसके लिए किसी सदमे से कम नहीं। कार में अलग-अलग परिवारों के नौ लोग सवार थे। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
हर चेहरे पर दिका हादसे का दर्द
जिला अस्पताल में घायल यात्रियों के पहुंचने के बाद पूरा माहौल गमगीन हो गया। अस्पताल में तैनात स्टाफ और तीमारदार दर्दनाक हादसे की सूचना सुनकर सन्न थे। अस्पताल में भर्ती अन्य मरीज के तीमारदार में से कोई हादसे की जानकारी कर रहा था तो कोई रोते हुए बच्चे को संभाल रहा था। सबसे अधिक मार्मिक दृश्य दो वर्षीय विनोद का रहा। वार्ड में लोग उसे गोद में लेकर शांत कराने में जुटे रहे।
एआरटीओ ने घटनास्थल पर पहुंचकर की जांच
एआरटीओ हरिओम ने गंगा एक्स्प्रेस-वे के घटनास्थल का निरीक्षण किया। एआरटीओ ने बताया कि कार की स्पीड ज्यादा रही। यही वजह रही कि कुत्ता सामने आने पर चालक कार पर नियंत्रण खो बैठा और हादसा हो गया। कार की स्पीड करीब 110 से ज्यादा रही होगी। एआरटीओ ने इस संबंध में परिवहन आयुक्त को भी रिपोर्ट भेज दी है।
चंडीगढ़ में कार वाशिंग का काम करते हैं दीपना के पति
हादसे में जान गंवाने वाली दीपना खत्री के पति नेमबहादुर चंडीगढ़ में कार वाशिंग का काम करते हैं। दीपना दो वर्षीय बेटे विनोद के साथ नेपाल से चंडीगढ़ जा रही थी। दीपना के देवर हरिप्रसाद खत्री ने बताया कि दीपना एक सप्ताह पहले ही चंडीगढ़ से नेपाल परिवार से मिलने आई थी और मंगलवार की रात चंडीगढ़ को वापस जाने के लिए निकली थी।
एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि अनियंत्रित होकर पलटी अर्टिगा कार में नौ में से दो की मौके पर मौत और एक की जिला अस्पताल में मौत हुई है। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। सभी रुपैड़िया से चंडीगढ़ जा रहे थे। मृतकों का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। अभी एक मृतक के परिजन आए हैं। हादसे के कारणों की जांच कराई जा रही है।