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Budaun News: पालिका कर्मचारी ने जानकारी छिपाकर जारी किया नोटिस, निलंबित
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बदायूं। कोर्ट में चल रहे जर्जर मकान स्वामी को नोटिस देना नगर पालिका लिपिक को महंगा पड़ गया। पालिकाध्यक्ष ने लिपिक को निलंबित कर दिया है। साथ ही सहायक अभियंता जल को एक सप्ताह में जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
नगर पालिकाध्यक्ष फात्मा रजा ने बताया कि अहसान उद्दीन निवासी फरशोरी टोला ने पांच जून प्रार्थना पत्र दिया था। उसमें कहा था कि मोहल्ला वेदौटोला स्थित पुराने व जर्जर भवन को गिराए जाने को वैधानिक नोटिस आठ जून को जारी किया गया। जबकि इस संपत्ति के संबंध में न्यायालय सिविल जज, जूनियर डिविजन के यहां विचाराधीन है। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी/सहायक सर्वे आयुक्त वक्फ बदायूं के कार्यालय से चार जून के तहत संपत्ति के मामले में न्यायालय के अंतिम निर्णय आने, भवन के बक्फ होने अथवा न होने संबधी अभिलेखीय जांच पूर्ण होने तक यथास्थिति बनाये रखने के निर्देश पारित किए गए हैं। लेकिन पालिका लिपिक नारायण दत्त शर्मा की ओर से तथ्यों को छुपाते हुए नोटिस जारी कराया गया है, जो सेवानियमों के प्रतिकूल है।
ऐसे में पालिकाध्यक्ष ने वास्तविक तथ्यों को छुपाने, पालिका प्रशासन को गुमराह कर अनुचित नोटिस जारी करने के आरोप में लिपिक को निलंबित कर दिया। चेयरमैन ने मामले में जांच अधिकारी सहायक अभियंता जलकल नितिन सक्सेना को बनाया है। वहीं नगर पालिका ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने पत्र जारी वैधानिक नोटिस को निरस्त कर दिया गया है। संवाद
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नगर पालिकाध्यक्ष फात्मा रजा ने बताया कि अहसान उद्दीन निवासी फरशोरी टोला ने पांच जून प्रार्थना पत्र दिया था। उसमें कहा था कि मोहल्ला वेदौटोला स्थित पुराने व जर्जर भवन को गिराए जाने को वैधानिक नोटिस आठ जून को जारी किया गया। जबकि इस संपत्ति के संबंध में न्यायालय सिविल जज, जूनियर डिविजन के यहां विचाराधीन है। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी/सहायक सर्वे आयुक्त वक्फ बदायूं के कार्यालय से चार जून के तहत संपत्ति के मामले में न्यायालय के अंतिम निर्णय आने, भवन के बक्फ होने अथवा न होने संबधी अभिलेखीय जांच पूर्ण होने तक यथास्थिति बनाये रखने के निर्देश पारित किए गए हैं। लेकिन पालिका लिपिक नारायण दत्त शर्मा की ओर से तथ्यों को छुपाते हुए नोटिस जारी कराया गया है, जो सेवानियमों के प्रतिकूल है।
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ऐसे में पालिकाध्यक्ष ने वास्तविक तथ्यों को छुपाने, पालिका प्रशासन को गुमराह कर अनुचित नोटिस जारी करने के आरोप में लिपिक को निलंबित कर दिया। चेयरमैन ने मामले में जांच अधिकारी सहायक अभियंता जलकल नितिन सक्सेना को बनाया है। वहीं नगर पालिका ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने पत्र जारी वैधानिक नोटिस को निरस्त कर दिया गया है। संवाद
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