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Budaun News: आंधी में बदायूं-मैनपुरी रोड पर सात किमी में गिरे 30 से ज्यादा पेड़, लगा भीषण जाम
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कादरचौक-मैनपुरी रोड पर पेड़ गिरने के बाद में खड़े राहगीर। संवाद
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कादरचौक। मौसम विभाग का तेज आंधी संग बारिश होने का अलर्ट जारी के कुछ ही मिनट बाद बुधवार शाम आई तेज आंधी संग बारिश ने बदायूं-मैनपुरी मार्ग पर भारी तबाही मचाई। करीब सात किलोमीटर के दायरे में 30 से अधिक पेड़ सड़क पर गिरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। बिजली के खंभों पर पेड़ गिरने से सप्लाई बंद हो गई। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इससे कई वाहन चालकों को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और पेड़ हटाकर रास्ता खोलने में जुट गईं। टीमें देर रात तक मार्ग की बहाली में जुटी रहीं।
शाम करीब 5:19 बजे मौसम विभाग ने तेज आंधी और मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया था। करीब 15 मिनट बाद ही बदायूं से कादरचौक होते हुए मैनपुरी जाने वाले मार्ग पर तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। शर्की गांव से लौकी नगला, इस्माइलपुर, सरफुद्दीनगला और असरासी तक सड़क किनारे खड़े पीपल, नीम, जामुन और लभेरा के पेड़ तेज हवा के दबाव में एक-एक कर धराशायी हो गए। कई स्थानों पर विशाल पेड़ पूरी सड़क पर फैल गए, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहत की बात यह रही कि किसी वाहन या राहगीर के ऊपर पेड़ नहीं गिरे, जिससे जनहानि नहीं हुई।
पेड़ों के गिरने से सैकड़ों यात्री घंटों जाम में फंसे रहे। कई लोग वैकल्पिक मार्ग तलाशते रहे, जबकि कुछ वाहन चालक वापस बदायूं की ओर लौट गए। मौके पर पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से पेड़ों की कटाई और हटाने का काम शुरू कराया। भारी तनों को हटाने के लिए मशीनें भी बुलाई गईं। देर शाम तक कई स्थानों पर पेड़ हटाए जा चुके थे, लेकिन पूरी तरह यातायात बहाल होने में समय लगा।
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प्रत्यक्षदर्शी बोले- जड़ समेत उखड़े विशाल पेड़, मची अफरातफरी
प्रत्यक्षदर्शी मोहन लाल, रामस्वरूप, गिरधारी, रोशन लाल, शमसुद्दीन और मुख्तियार ने बताया कि कुछ ही मिनटों में मौसम ने विकराल रूप ले लिया। तेज हवा इतनी तेज थी कि वर्षों पुराने पीपल और नीम के पेड़ जड़ों समेत उखड़कर सड़क पर गिर गए। लोग पहले बारिश से बचने के लिए पेड़ों के नीचे खड़े थे, लेकिन पेड़ गिरने शुरू होते ही जान बचाकर इधर-उधर भागे। यदि उस समय कोई वाहन या राहगीर पेड़ों के नीचे होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
क्षतिग्रस्त पेड़ों का कराया जा रहा है आकलन : जगननाथ
पेड़ गिरने के कारण बदायूं-मैनपुरी मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। दोनों ओर ट्रक, बस, कार और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही कादरचौक पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने कटर मशीन और अन्य उपकरणों से पेड़ों की कटाई शुरू कर रास्ता साफ कराया। वन विभाग के एसडीओ जगननाथ ने बताया कि प्राथमिकता यातायात बहाल करने की रही है, जबकि क्षतिग्रस्त पेड़ों का आकलन भी कराया जा रहा है।
बदायूं डिपो की रोडवेज बस वापस गई
एक घंटे से ज्यादा इंतजार करने के बाद भी जब मार्ग नहीं खुला तो सवारियां उतरकर जाने लगीं। हल्के-हल्के पूरी बस ही खाली हो गई। ऐसे में बदायूं से गंजडुरवारा जा रही रोडवेज की बस भी वापस लौट गई। वहीं आसपास के जानकार लोग शर्की से पसेई, गौरामई, बदसिया, रमजानपुर, निजामपुर होते हुए कादरचौक के लिए निकल गए।
सात से ज्यादा बिजली के खंभे टूटे, 77 गांव अंधेरे में डूबे
बदायूं से कादरचौक मार्ग पर पेड़ टूटने से जहां यातायात बाधित हुआ। वहीं बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। इस रोड पर सात से ज्यादा बिजली के खंभे टूट गए। एचटी लाइन भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई है। ऐसे में कादरचौक फीडर को बंद करना पड़ा। इससे 77 गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है।
घर पर गिरा पेड़, कमरा ध्वस्त
शर्की निवासी धर्मपाल आंधी आने के दौरान अपनी मां शीला देवी व बच्चों के साथ घर पर थे। आंधी में एक पेड़ उनके घर पर गिरा। इसकी वजह से सुनते ही लोग कमरे में से निकलकर बाहर आ गए, लेकिन उनकी मां शीला देवी फंस गईं। गनीमत रही कि उनके ज्यादा चोट नहीं आयी, हालांकि उनका एक कमरा पूरा गिर गया।
आंधी में पेड़ गिरने की जानकारी मिली है। टीम मौके पर काम कर रही है। पेड़ों को हटाने का चल रहा है। बाद में पता चल सकेगा कि कितने पेड़ गिरे हैं। - विनीता सिंह, डीएफओ
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शाम करीब 5:19 बजे मौसम विभाग ने तेज आंधी और मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया था। करीब 15 मिनट बाद ही बदायूं से कादरचौक होते हुए मैनपुरी जाने वाले मार्ग पर तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। शर्की गांव से लौकी नगला, इस्माइलपुर, सरफुद्दीनगला और असरासी तक सड़क किनारे खड़े पीपल, नीम, जामुन और लभेरा के पेड़ तेज हवा के दबाव में एक-एक कर धराशायी हो गए। कई स्थानों पर विशाल पेड़ पूरी सड़क पर फैल गए, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहत की बात यह रही कि किसी वाहन या राहगीर के ऊपर पेड़ नहीं गिरे, जिससे जनहानि नहीं हुई।
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पेड़ों के गिरने से सैकड़ों यात्री घंटों जाम में फंसे रहे। कई लोग वैकल्पिक मार्ग तलाशते रहे, जबकि कुछ वाहन चालक वापस बदायूं की ओर लौट गए। मौके पर पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से पेड़ों की कटाई और हटाने का काम शुरू कराया। भारी तनों को हटाने के लिए मशीनें भी बुलाई गईं। देर शाम तक कई स्थानों पर पेड़ हटाए जा चुके थे, लेकिन पूरी तरह यातायात बहाल होने में समय लगा।
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प्रत्यक्षदर्शी बोले- जड़ समेत उखड़े विशाल पेड़, मची अफरातफरी
प्रत्यक्षदर्शी मोहन लाल, रामस्वरूप, गिरधारी, रोशन लाल, शमसुद्दीन और मुख्तियार ने बताया कि कुछ ही मिनटों में मौसम ने विकराल रूप ले लिया। तेज हवा इतनी तेज थी कि वर्षों पुराने पीपल और नीम के पेड़ जड़ों समेत उखड़कर सड़क पर गिर गए। लोग पहले बारिश से बचने के लिए पेड़ों के नीचे खड़े थे, लेकिन पेड़ गिरने शुरू होते ही जान बचाकर इधर-उधर भागे। यदि उस समय कोई वाहन या राहगीर पेड़ों के नीचे होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
क्षतिग्रस्त पेड़ों का कराया जा रहा है आकलन : जगननाथ
पेड़ गिरने के कारण बदायूं-मैनपुरी मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। दोनों ओर ट्रक, बस, कार और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही कादरचौक पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने कटर मशीन और अन्य उपकरणों से पेड़ों की कटाई शुरू कर रास्ता साफ कराया। वन विभाग के एसडीओ जगननाथ ने बताया कि प्राथमिकता यातायात बहाल करने की रही है, जबकि क्षतिग्रस्त पेड़ों का आकलन भी कराया जा रहा है।
बदायूं डिपो की रोडवेज बस वापस गई
एक घंटे से ज्यादा इंतजार करने के बाद भी जब मार्ग नहीं खुला तो सवारियां उतरकर जाने लगीं। हल्के-हल्के पूरी बस ही खाली हो गई। ऐसे में बदायूं से गंजडुरवारा जा रही रोडवेज की बस भी वापस लौट गई। वहीं आसपास के जानकार लोग शर्की से पसेई, गौरामई, बदसिया, रमजानपुर, निजामपुर होते हुए कादरचौक के लिए निकल गए।
सात से ज्यादा बिजली के खंभे टूटे, 77 गांव अंधेरे में डूबे
बदायूं से कादरचौक मार्ग पर पेड़ टूटने से जहां यातायात बाधित हुआ। वहीं बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। इस रोड पर सात से ज्यादा बिजली के खंभे टूट गए। एचटी लाइन भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई है। ऐसे में कादरचौक फीडर को बंद करना पड़ा। इससे 77 गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है।
घर पर गिरा पेड़, कमरा ध्वस्त
शर्की निवासी धर्मपाल आंधी आने के दौरान अपनी मां शीला देवी व बच्चों के साथ घर पर थे। आंधी में एक पेड़ उनके घर पर गिरा। इसकी वजह से सुनते ही लोग कमरे में से निकलकर बाहर आ गए, लेकिन उनकी मां शीला देवी फंस गईं। गनीमत रही कि उनके ज्यादा चोट नहीं आयी, हालांकि उनका एक कमरा पूरा गिर गया।
आंधी में पेड़ गिरने की जानकारी मिली है। टीम मौके पर काम कर रही है। पेड़ों को हटाने का चल रहा है। बाद में पता चल सकेगा कि कितने पेड़ गिरे हैं। - विनीता सिंह, डीएफओ

कादरचौक-मैनपुरी रोड पर पेड़ गिरने के बाद में खड़े राहगीर। संवाद

कादरचौक-मैनपुरी रोड पर पेड़ गिरने के बाद में खड़े राहगीर। संवाद