बदायूं दोहरा हत्याकांड: एचपीसीएल प्लांट के कर्मचारियों के बयान दर्ज, केस में जल्द बढ़ेंगे कई नाम
बदायूं में एचपीसीएल के दो अफसरों की हत्या के मामले में पुलिस ने रविवार को प्लांट में जाकर कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। माना जा रहा है कि पुलिस इस मामले में जल्द ही कई अन्य आरोपियों के नाम बढ़ा सकती है।
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बदायूं के सैंजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता व सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। रविवार को पुलिस टीम ने प्लांट पर पहुंचकर रिपोर्ट लिखाने वाले जीशान समेत कुछ कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। हत्या की एफआईआर की विवेचना में मूसाझाग इंस्पेक्टर के साथ ही एसएसपी ने तीन और इंस्पेक्टर शामिल करके यह टीम बनाई है। उम्मीद जताई जा रही है कि पुलिस इस मामले में जल्द ही कई अन्य आरोपियों के नाम बढ़ा सकती है।
12 मार्च को हुई इस वारदात में मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह को जेल भेजा जा चुका है। साथ ही वारदात में साजिश रचने के आरोप में प्लांट के एक ड्राइवर व ऑपरेटर को भी जेल भेज दिया गया है। अभी छह से अधिक ऐसे लोग हैं, जो कंपनी के कर्मचारी रहे हैं और इस मामले में उनकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। वहीं दिवंगत दोनों अफसरों के परिजनों ने जो लिफाफे डीएम व एसएसपी को दिए हैं, उनमें भी कई लोगों को आरोपी बनाने की मांग की गई है। ऐसे में अब जांच के बाद इस मामले में कई लोगों के नाम केस में बढ़ाए जा सकते हैं।
पूरे मामले की निगरानी कर रहे सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय के नेतृत्व में चारों इंस्पेक्टरों की टीम रविवार को प्लांट पर पहुंची और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। इनमें वादी जीशान, एक अधिकारी और घटना के समय मौजूद सुरक्षा गार्ड समेत अन्य शामिल हैं। ऐसे अन्य सभी कर्मचारी, जो वारदात के समय मौके पर मौजूद रहे या फिर घटना के पहले इस विवाद की उन्हें जानकारी रही, पुलिस उन सभी से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में मिली अहम जानकारी व साक्ष्यों के आधार पर ही मामले में अन्य लोगों को आरोपी बनाने की तैयारी चल रही है।
निलंबित इंस्पेक्टर व दरोगा की विभागीय जांच शुरू
घटना वाले दिन ही निलंबित किए गए एसओ अजय कुमार व दरोगा धर्मेंद्र के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। जांच अधिकारी सीओ सिटी ने दोनों को नोटिस जारी कर बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभागीय जांच में यदि दोषी मिलते हैं तो उनके खिलाफ आगे कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
अलग-अलग जिलों में दबिश दे रहीं पुलिस टीमें
इस वारदात को लेकर आरोपी अजय के परिजनों व नजदीकी लोगों तक पहुंचने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें बरेली, शाहजहांपुर आदि जिलों के उन स्थानों पर दबिश दे रहीं हैं, जहां अजय के परिवार के लोगों व अन्य नजदीकियों के छिपे होने की आशंका है। हालांकि अब तक किसी अन्य आरोपी की गिरफ्तारी की अधिकारिक जानकारी सामने नहीं आ सकी है।
आरोपी के परिजनों का रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
पुलिस घटना के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के परिजनों का रिकॉर्ड खंगाल रही है। मृतकों के परिजनों ने पुलिस को कुछ ऐसे साक्ष्य दिए, जिसमें आरोपी के परिवार के कुछ अन्य लोगों को भी संदिग्ध बताया गया है। इसी के बाद से पुलिस और प्रशासन अजय के परिवार के अन्य लोगोंऔर उसके नजदीकियों का भी रिकॉर्ड खंगालने में जुट गई है।
एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि रविवार को पुलिस टीम ने एचपीसीएल प्लांट के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। पूरे मामले की जांच चल रही है। जो भी दोषी हैं, केस में जल्द ही उनके भी नाम सामने आ जाएंगे।