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Budaun News: प्रेरणा कैंटीन बंद, प्रसूताएं घर से मंगा रहीं खाना
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कादरचौक (बदायूं)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगातार अव्यवस्थाएं सामने आ रहीं हैं। यहां संचालित प्रेरणा कैंटीन बंद होने के कारण प्रसूताओं को भोजन नहीं मिल पा रहा है। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि मरीजों को मजबूरी में घर से खाना मंगवाना पड़ रहा है या फिर बाजार से खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है।
अस्पताल में भर्ती महिलाओं का कहना है कि प्रसव के बाद उन्हें समय पर पोषणयुक्त भोजन मिलना बेहद जरूरी होता है, लेकिन कैंटीन बंद होने से यह सुविधा पूरी तरह प्रभावित हो गई है। खासकर दूर-दराज से आने वाली महिलाओं को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उनके परिजन हर समय भोजन की व्यवस्था नहीं कर पाते।
लभारी की प्रसूता शोभा ने बताया कि अस्पताल में भोजन की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्हें अपने घर से खाना मंगवाना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त खर्च और असुविधा हो रही है। वहीं, रमजानपुर की प्रसूता रेशमा ने बताया कि उनका घर दूर है, ऐसे में उन्हें बाजार से खाना खरीदना पड़ रहा है, जो हर बार संभव नहीं हो पाता। अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और तीमारदारों ने भी इस समस्या को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से मरीजों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई हैं। स्वास्थ्य केंद्र में कैंटीन बंद होने से न केवल प्रसूताओं बल्कि अन्य मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए और कैंटीन को पुनः संचालित कराया जाना चाहिए, ताकि मरीजों को राहत मिल सके। सीएमओ डॉ. श्रीमोहन झा का कहना है कि इसको दिखवाते हैं कि किस वजह से यह कैंटीन बंद हुई हैं। उसके बाद में सक्रिय कराने की कोशिश की जाएगी।
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अस्पताल में भर्ती महिलाओं का कहना है कि प्रसव के बाद उन्हें समय पर पोषणयुक्त भोजन मिलना बेहद जरूरी होता है, लेकिन कैंटीन बंद होने से यह सुविधा पूरी तरह प्रभावित हो गई है। खासकर दूर-दराज से आने वाली महिलाओं को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उनके परिजन हर समय भोजन की व्यवस्था नहीं कर पाते।
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लभारी की प्रसूता शोभा ने बताया कि अस्पताल में भोजन की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्हें अपने घर से खाना मंगवाना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त खर्च और असुविधा हो रही है। वहीं, रमजानपुर की प्रसूता रेशमा ने बताया कि उनका घर दूर है, ऐसे में उन्हें बाजार से खाना खरीदना पड़ रहा है, जो हर बार संभव नहीं हो पाता। अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और तीमारदारों ने भी इस समस्या को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से मरीजों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई हैं। स्वास्थ्य केंद्र में कैंटीन बंद होने से न केवल प्रसूताओं बल्कि अन्य मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए और कैंटीन को पुनः संचालित कराया जाना चाहिए, ताकि मरीजों को राहत मिल सके। सीएमओ डॉ. श्रीमोहन झा का कहना है कि इसको दिखवाते हैं कि किस वजह से यह कैंटीन बंद हुई हैं। उसके बाद में सक्रिय कराने की कोशिश की जाएगी।
