{"_id":"6a21c2b2a5a1062bae087087","slug":"sub-inspectors-body-found-hanging-inspector-sent-to-reserve-lines-amidst-allegations-of-harassment-badaun-news-c-123-1-bdn1037-165439-2026-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: फंदे से लटका मिला दरोगा का शव, प्रताड़ना के आरोप पर इंस्पेक्टर लाइन हाजिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: फंदे से लटका मिला दरोगा का शव, प्रताड़ना के आरोप पर इंस्पेक्टर लाइन हाजिर
विज्ञापन
पोस्टमार्टम हाउस पर बिलखते दरोगा के परिजन संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बदायूं। जिला न्यायालय सुरक्षा में तैनात मेघश्याम गौतम (59) का शव बृहस्पतिवार सुबह उनके किराये के कमरे में फंदे से लटका मिला। मथुरा से आए परिजनों ने सुरक्षा प्रभारी इंस्पेक्टर शाहिद अली पर उन्हें ड्यूटी के दौरान तिलक लगाने के कारण प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। इस पर एसएसपी अंकिता शर्मा ने शाहिद अली को लाइन हाजिर कर जांच के आदेश दिए हैं।
मथुरा के गोविंदनगर इलाके के गांव सकना निवासी मेघश्याम यहां एक साल से न्यायालय सुरक्षा में तैनात थे। वहां यहां सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की मधुबन कॉलोनी में विकेश के मकान में किराये पर रह रहे थे। विकेश ने पुलिस को बताया कि बृहस्पतिवार सुबह मेघश्याम का फोन रिसीव न होने पर बेटी से उनकी बात कराने के लिए उन्होंने अपनी पत्नी प्रीति को ऊपर कमरे पर भेजा। बार-बार दरवाजा खटखटाने पर भी कोई जवाब न मिलने पर पुलिस को सूचना दी।
सिविल लाइंस थाना प्रभारी ने पहुंचकर कमरे के दरवाजा को तोड़ा तो मेघश्याम का शव कमरे में ऊपर बने रोशनदान की सरिया में डाले गए फंदे से लटका मिला। सूचना पर एसएसपी, एसपी सिटी और सीओ सिटी भी मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
ये लगाए आरोप
पत्नी विमलेश, बेटे ब्रजनंद गौतम और मेघश्याम के साढ़ू के बेटे अंकुर ने पुलिस अफसरों को बताया कि इंस्पेक्टर शाहिद से मेघश्याम बहुत परेशान थे। उन्होंने अंकुर को बताया था कि कहता है कि तिलक क्यों लगाते हो, ड्यूटी पर तिलक नहीं चलता। मैं राम-कृष्ण को नहीं मानता।
तंग आकर बदायूं से स्थानांतरण की कोशिश में जुटे थे मेघश्याम
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। अपने कमरे में फंदे से लटके मिले दरोगा मेघश्याम काफी समय से परेशान थे। इसलिए वह यहां से अपना स्थानांतरण कराने के प्रयास में जुटे हुए थे।
पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचीं विमलेश ने बताया कि उनके पति मेघश्याम गौतम बताते रहते थे कि न्यायालय सुरक्षा प्रभारी शाहिद अली उन्हें उनके धर्म को लेकर प्रताड़ित करता है। वह कहता था कि तुम ये तिलक क्यों लगाते हो। बड़े बेटे ब्रजनंद गौतम उर्फ विनीत ने बताया कि पिता अपना स्थानांतरण कराने के लिए प्रयासरत थे। उन्होंने ट्रांसफर के लिए अलीगढ़ के सांसद से भी पत्र लिखवाया था। इस बार छुट्टी से लौटते वक्त वह पत्र भी साथ लेकर बदायूं आए थे। बेटे ने बताया कि वह जब पापा को मथुरा में रेलवे स्टेशन छोड़ने साथ आया तो उन्होंने कहा था कि सही से रहना और भाई का ध्यान रखना।
वहीं भांजे अंकुर ने बताया- प्रताड़ना संबंधी कुछ कॉल रिकॉर्डिंग उनके पास हैं। बताया कि कुछ समय पहले एक होमगार्ड ने खुदकुशी कर ली थी। मौसा को डर था कि इसका आरोप उन पर न आ जाए।
एक दिन पहले ही छुट्टी से लौटे थे
दरोगा मेघश्याम बुधवार रात ही घर से लौटे थे। सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय ने बताया कि मेघश्याम दो दिन का अवकाश लेकर 25 मई को गए थे। इसके बाद वह तीन जून को लौटे। बृहस्पतिवार को उन्हें ड्यूटी के लिए आमद दर्ज करानी थी, उससे पहले ही बृहस्पतिवार सुबह उनका शव उनके कमरे में फंदे के सहारे लटकता मिला।
जमीन पर टिके मिले पैर
दरोगा के पैर जमीन पर टिके हुए और मुड़े हुए थे। इसे लेकर भी बेटे ने संदेह जाहिर किया। बेटे ने कहा कि जब कोई फंदा लगाकर खुदकुशी करता है तो उसके पैर और जमीन के बीच फासला रहना चाहिए। हालांकि जिस कमरे में दरोगा रहते थे, उसके दोनों दरवाजे अंदर से बंद थे। पुलिस ने ही दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकलवाया।
पोस्टमॉर्टम में आत्महत्या की बात
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में एंटीमोर्टम हैंगिग से मौत होने की पुष्टि हुई है। यह संकेत आत्महत्या ही बताता है। मृतक के परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच हो रही है। परिवार की तरफ से तहरीर प्राप्त होते ही मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। -अंकिता शर्मा, एसएसपी
मथुरा के गोविंदनगर इलाके के गांव सकना निवासी मेघश्याम यहां एक साल से न्यायालय सुरक्षा में तैनात थे। वहां यहां सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की मधुबन कॉलोनी में विकेश के मकान में किराये पर रह रहे थे। विकेश ने पुलिस को बताया कि बृहस्पतिवार सुबह मेघश्याम का फोन रिसीव न होने पर बेटी से उनकी बात कराने के लिए उन्होंने अपनी पत्नी प्रीति को ऊपर कमरे पर भेजा। बार-बार दरवाजा खटखटाने पर भी कोई जवाब न मिलने पर पुलिस को सूचना दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिविल लाइंस थाना प्रभारी ने पहुंचकर कमरे के दरवाजा को तोड़ा तो मेघश्याम का शव कमरे में ऊपर बने रोशनदान की सरिया में डाले गए फंदे से लटका मिला। सूचना पर एसएसपी, एसपी सिटी और सीओ सिटी भी मौके पर पहुंचे।
Trending Videos
ये लगाए आरोप
पत्नी विमलेश, बेटे ब्रजनंद गौतम और मेघश्याम के साढ़ू के बेटे अंकुर ने पुलिस अफसरों को बताया कि इंस्पेक्टर शाहिद से मेघश्याम बहुत परेशान थे। उन्होंने अंकुर को बताया था कि कहता है कि तिलक क्यों लगाते हो, ड्यूटी पर तिलक नहीं चलता। मैं राम-कृष्ण को नहीं मानता।
तंग आकर बदायूं से स्थानांतरण की कोशिश में जुटे थे मेघश्याम
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। अपने कमरे में फंदे से लटके मिले दरोगा मेघश्याम काफी समय से परेशान थे। इसलिए वह यहां से अपना स्थानांतरण कराने के प्रयास में जुटे हुए थे।
पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचीं विमलेश ने बताया कि उनके पति मेघश्याम गौतम बताते रहते थे कि न्यायालय सुरक्षा प्रभारी शाहिद अली उन्हें उनके धर्म को लेकर प्रताड़ित करता है। वह कहता था कि तुम ये तिलक क्यों लगाते हो। बड़े बेटे ब्रजनंद गौतम उर्फ विनीत ने बताया कि पिता अपना स्थानांतरण कराने के लिए प्रयासरत थे। उन्होंने ट्रांसफर के लिए अलीगढ़ के सांसद से भी पत्र लिखवाया था। इस बार छुट्टी से लौटते वक्त वह पत्र भी साथ लेकर बदायूं आए थे। बेटे ने बताया कि वह जब पापा को मथुरा में रेलवे स्टेशन छोड़ने साथ आया तो उन्होंने कहा था कि सही से रहना और भाई का ध्यान रखना।
वहीं भांजे अंकुर ने बताया- प्रताड़ना संबंधी कुछ कॉल रिकॉर्डिंग उनके पास हैं। बताया कि कुछ समय पहले एक होमगार्ड ने खुदकुशी कर ली थी। मौसा को डर था कि इसका आरोप उन पर न आ जाए।
एक दिन पहले ही छुट्टी से लौटे थे
दरोगा मेघश्याम बुधवार रात ही घर से लौटे थे। सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय ने बताया कि मेघश्याम दो दिन का अवकाश लेकर 25 मई को गए थे। इसके बाद वह तीन जून को लौटे। बृहस्पतिवार को उन्हें ड्यूटी के लिए आमद दर्ज करानी थी, उससे पहले ही बृहस्पतिवार सुबह उनका शव उनके कमरे में फंदे के सहारे लटकता मिला।
जमीन पर टिके मिले पैर
दरोगा के पैर जमीन पर टिके हुए और मुड़े हुए थे। इसे लेकर भी बेटे ने संदेह जाहिर किया। बेटे ने कहा कि जब कोई फंदा लगाकर खुदकुशी करता है तो उसके पैर और जमीन के बीच फासला रहना चाहिए। हालांकि जिस कमरे में दरोगा रहते थे, उसके दोनों दरवाजे अंदर से बंद थे। पुलिस ने ही दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकलवाया।
पोस्टमॉर्टम में आत्महत्या की बात
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में एंटीमोर्टम हैंगिग से मौत होने की पुष्टि हुई है। यह संकेत आत्महत्या ही बताता है। मृतक के परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच हो रही है। परिवार की तरफ से तहरीर प्राप्त होते ही मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। -अंकिता शर्मा, एसएसपी

पोस्टमार्टम हाउस पर बिलखते दरोगा के परिजन संवाद

पोस्टमार्टम हाउस पर बिलखते दरोगा के परिजन संवाद

पोस्टमार्टम हाउस पर बिलखते दरोगा के परिजन संवाद