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Budaun News: एआरटीओ प्रवर्तन की टीम में शामिल होंगे छह पूर्व सैनिक
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बदायूं। एआरटीओ कार्यालय की प्रवर्तन टीम के साथ कदमताल करते हुए अब रिटायर्ड फौजी दिखाई देंगे। इनको बतौर संविदा कर्मी तैनाती दिए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे यह कर्मी सड़क सेफ्टी के तमाम कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
एआरटीओ हरिओम ने बताया कि विभाग में पुलिस बल की कमी है। नई भर्तियां न होने की वजह से विभाग सालों से पुलिस बल के बिना ही काम चला रहा है। ऐसे में कई बार देखने को मिला है कि प्रवर्तन की टीम को सड़क पर वाहन चेकिंग करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
इस पर संज्ञान लेते हुए शासन ने विभाग को रिटायर्ड फौजियों की भर्ती संविदा पर करने का निर्णय लिया है। जहां कमी है वहां पर उनकी 33 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय पर तैनाती की जा रही है। जिले में छह कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इनकी तैनाती कर उनको सड़क सेफ्टी के कार्य में योगदान लिया जाएगा।
एआरटीओ का कहना है कि फौजी पूर्ण रूप से सिपाही होता है। वहां का अनुशासन अनुकरणीय होता है। सेवानिवृत्त आर्मी के जवानों की भर्ती होने से सड़क सेफ्टी में मदद मिलेगी। शासन व विभाग की गाइडलाइन के आधार पर उनकी तैनाती प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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एआरटीओ हरिओम ने बताया कि विभाग में पुलिस बल की कमी है। नई भर्तियां न होने की वजह से विभाग सालों से पुलिस बल के बिना ही काम चला रहा है। ऐसे में कई बार देखने को मिला है कि प्रवर्तन की टीम को सड़क पर वाहन चेकिंग करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
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इस पर संज्ञान लेते हुए शासन ने विभाग को रिटायर्ड फौजियों की भर्ती संविदा पर करने का निर्णय लिया है। जहां कमी है वहां पर उनकी 33 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय पर तैनाती की जा रही है। जिले में छह कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इनकी तैनाती कर उनको सड़क सेफ्टी के कार्य में योगदान लिया जाएगा।
एआरटीओ का कहना है कि फौजी पूर्ण रूप से सिपाही होता है। वहां का अनुशासन अनुकरणीय होता है। सेवानिवृत्त आर्मी के जवानों की भर्ती होने से सड़क सेफ्टी में मदद मिलेगी। शासन व विभाग की गाइडलाइन के आधार पर उनकी तैनाती प्रक्रिया पूरी की जा रही है।