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Budaun News: कोर्ट ने दातागंज एसडीएम, हल्का लेखपाल व कानूनगो के खिलाफ दिए जांच के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Wed, 25 Feb 2026 12:37 AM IST
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बदायूं। दातागंज तहसील के गांव धीरावारी में पैतृक और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका सवालों के घेरे में है। पीड़ित की शिकायत पर सीजेएम ने एसडीएम, लेखपाल और कानूनगो के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एडीएम प्रशासन को जांच कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।
मामला दातागंज तहसील के गांव धीरावारी मजरा कमा परगना का है, जहां पीड़ित प्रदुमन सिंह ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया कि गांव के ही रजनेश यादव और नरेंद्र यादव उनकी निजी भूमि और ग्राम पंचायत के तालाब पर अवैध निर्माण कर रहे हैं। आरोप है कि दातागंज के एसडीएम, लेखपाल और कानूनगो ने आर्थिक लाभ लेकर इस अवैध कब्जे में भू-माफियाओं का साथ दिया।
पीड़ित ने बताया कि पूर्व में जारी स्थगन आदेश के बावजूद राजस्व अधिकारियों ने अभिलेखों में हेराफेरी कर निर्माण कार्य जारी रखवाया। दावा है कि 21 फरवरी को विरोध करने पर आरोपियों ने उन पर फायरिंग की और जान से मारने की धमकी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीजेएम मोहम्मद तौसीफ रजा ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की जांच एडीएम प्रशासन से कराने का आदेश दिया है। न्यायालय ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 27 फरवरी की समय सीमा तय की है, जिससे स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
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मामला दातागंज तहसील के गांव धीरावारी मजरा कमा परगना का है, जहां पीड़ित प्रदुमन सिंह ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया कि गांव के ही रजनेश यादव और नरेंद्र यादव उनकी निजी भूमि और ग्राम पंचायत के तालाब पर अवैध निर्माण कर रहे हैं। आरोप है कि दातागंज के एसडीएम, लेखपाल और कानूनगो ने आर्थिक लाभ लेकर इस अवैध कब्जे में भू-माफियाओं का साथ दिया।
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पीड़ित ने बताया कि पूर्व में जारी स्थगन आदेश के बावजूद राजस्व अधिकारियों ने अभिलेखों में हेराफेरी कर निर्माण कार्य जारी रखवाया। दावा है कि 21 फरवरी को विरोध करने पर आरोपियों ने उन पर फायरिंग की और जान से मारने की धमकी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीजेएम मोहम्मद तौसीफ रजा ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की जांच एडीएम प्रशासन से कराने का आदेश दिया है। न्यायालय ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 27 फरवरी की समय सीमा तय की है, जिससे स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
