Budaun News: फूड एक्ट में खामियां दूर करने की मांग, व्यापारियों ने किया प्रदर्शन, दिया ज्ञापन
बदायूं में व्यापारियों ने बृहस्पतिवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिनियम में व्याप्त खामियों को दूर करने की मांग उठाई। इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 12 सूत्रीय मांगपत्र जिला अभिहित अधिकारी को सौंपा।
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बदायूं में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम में व्याप्त खामियों को दूर करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक 12 सूत्रीय मांगपत्र जिला अभिहीत अधिकारी सी एल यादव को सौंपा। व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान मानकों से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन के जिलाध्यक्ष नवनीत गुप्ता ने बताया कि पूरे प्रदेश में यह मांगपत्र प्रेषित किया जा रहा है। उन्होंने फॉर्म 5 क को निर्माता के पते पर पंजीकृत डाक द्वारा तुरंत भेजने की मांग की। साथ ही, रिटेलर या होलसेलर द्वारा बिल प्रस्तुत करने पर ही निर्माता को सैंपल भरते समय पार्टी बनाने का सुझाव दिया। प्रांतीय युवा वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवधेश लड्डा ने कहा कि सैंपल की जांच रिपोर्ट महीनों में मिलती है, जबकि खाद्य सुरक्षा अधिनियम में 14 दिन में रिपोर्ट भेजने का प्रावधान है।
जिला महामंत्री हाजी राशिद सैफी ने केंद्रीय प्रयोगशाला से पुनः जांच के लिए भेजे जा रहे पत्रों में देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि इस देरी के कारण जांच किए जाने वाले खाद्य पदार्थ की एक्सपायरी डेट निकल जाती है। जिला उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह लाम्बा ने नमूना फेल आने पर धारा 46 (4) का का पत्र तुरंत जारी करने की बात कही।
जिला चेयरमैन चंद्रसेन माहेश्वरी ने नमूनों को मनमर्जी से असुरक्षित घोषित करने के बजाय अधोमानक और असुरक्षित में स्पष्ट अंतर करने पर जोर दिया। नगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने तुरंत न्याय के लिए मामूली वादों हेतु धारा 69 के तहत शमन की व्यवस्था लागू करने की मांग की। उन्होंने खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम की पूरी जानकारी रखने वाले न्याय निर्धारण अधिकारी की नियुक्ति की भी वकालत की।
नए मानकों और जांच प्रक्रिया में सुधार की मांग
नगर चेयरमैन दिनेश गुप्ता ने निर्माताओं द्वारा हर छह माह में एनएबीएल लैब से जांच कराकर पोर्टल पर अपलोड करने के बाद सीलबंद पैकिंग के लिए छापेमारी बंद करने का आग्रह किया। जिला कोषाध्यक्ष अमित वैश्य ने प्राइवेट लैब से जांच कर निर्माता के खिलाफ की गई कार्रवाई को गलत बताया। उन्होंने ऐसी कार्रवाई को समाप्त करने की मांग की। जिला उपाध्यक्ष मृगांक जैन ने खेतों में रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग को देखते हुए खाद्य पदार्थों के नए मानक तय करने की आवश्यकता पर बल दिया। जिला उपाध्यक्ष नरेश शंखधार ने सरकार द्वारा भरे गए सर्वे सैंपलों की रिपोर्ट सार्वजनिक करने और उनके आधार पर नए मानक तय करने का अनुरोध किया।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्य
मांगपत्र प्रेषित करने वाले प्रतिनिधिमंडल में कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल थे। जिलाध्यक्ष नवनीत गुप्ता के साथ प्रांतीय युवा वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवधेश लड्डा, जिला उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह लाम्बा और जिला चेयरमैन चंद्रसेन माहेश्वरी मौजूद थे। अन्य सदस्यों में नरेश शंखधार, दिनेश गुप्ता, हाजी राशिद सैफी, जावेद खान, अमित वैश्य, सर्वत हमीद खान, राजेश गुप्ता, राहुल सोलंकी, मृगांक जैन, राजेश सिंह, संजय रस्तोगी, संजय शर्मा, सर्वेश गुप्ता, सौरभ गुप्ता, कुलदीप वैश्य, सुरेंद्र नानक, संजीव आहूजा और दीपक सक्सेना भी मौजूद थे।