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Budaun News: विकास कार्यों में ऑडिट न कराने वाले प्रधान नहीं पेश कर सकेंगे पंचायत चुनाव में दावेदारी
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बदायूं। विकास कार्यों के ऑडिट में प्रधानों की लापरवाही प्रधान पद की दावेदारी में रोड़ा बन सकती है। जनपद में वर्ष 2014-15 से लेकर अब तक 368 ग्राम पंचायतों के लंबित ऑडिट पूरे नहीं हो पाए हैं। लंबित मामलों की ग्राम पंचायतों के प्रधानों को नोड्यूज न देने का निर्णय लिया गया है। इससे वह आगामी ग्राम पंचायत में अपनी दावेदारी पेश नहीं कर सकेंगे। इससे संबंधित ग्राम पंचायतों में नोटिस जारी कर दिए गए हैं, जिससे खलबली है।
गांव में होने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए ऑडिट कराया जाता है। विकास कार्य से संबंधित सचिवों से प्रत्येक कार्य से जुड़ा लेखा-जोखा व क्रय विक्रय के कागजात लिए जाते हैं। शासन स्तर से जिले में हुए पंचायती राज विभाग के विकास कार्यों के ऑडिट की समीक्षा की गई थी। इसमें डीपीआरओ को लंबित प्रकरणों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए थे।
इसके बाद डीपीआरओ ने ऑडिट न कराए जाने वाली ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान और सचिव को नोटिस जारी किए थे। इसमें कुछ ग्राम पंचायतों ने ऑडिट कराए थे। कुछ ग्राम पंचायतों से रिकवरी भी की गई थी। अब ऑडिट न कराने वाली ग्राम पंचायतों के प्रधानों और सचिव के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें आरसी जारी करने, प्राथमिकी दर्ज कराने और नोड्यूज न देने की बात कही गई है।
लंबित पड़े कार्यों के ऑडिट न कराने वाले ग्राम प्रधानों को एक माह के भीतर सभी प्रपत्र देने होंगे। ऐसा न करने वाली ग्राम पंचायतों पर रिकवरी जारी होने के साथ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। जिस प्रधान के कार्यकाल में ऑडिट लंबित होंगे, उन्हें पंचायती राज विभाग की ओर से नोड्यूज नहीं दिया जाएगा। बिना नोड्यूज के वह आगामी पंचायत में अपनी दावेदारी पेश नही कर पाएंगे।
जिन ग्राम पंचायतों में ऑडिट लंबित हैं, उन्हें नोटिस जारी कर दिए गए हैं। ऑडिट के लिए जरूरी दस्तावेज न देने पर रिकवरी व रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी, आगामी चुनाव के लिए नोड्यूज भी नहीं मिल सकेंगे।- यावर अब्बास, डीपीआरओ
साल ग्राम पंचायतें
2014-15 21
2015-16 42
2016-17 12
2017-18 135
2018-19 37
2019-20 33
2020-21 26
2021-22 18
2022-23 06
2023-24 26
2024-25 02
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गांव में होने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए ऑडिट कराया जाता है। विकास कार्य से संबंधित सचिवों से प्रत्येक कार्य से जुड़ा लेखा-जोखा व क्रय विक्रय के कागजात लिए जाते हैं। शासन स्तर से जिले में हुए पंचायती राज विभाग के विकास कार्यों के ऑडिट की समीक्षा की गई थी। इसमें डीपीआरओ को लंबित प्रकरणों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए थे।
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इसके बाद डीपीआरओ ने ऑडिट न कराए जाने वाली ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान और सचिव को नोटिस जारी किए थे। इसमें कुछ ग्राम पंचायतों ने ऑडिट कराए थे। कुछ ग्राम पंचायतों से रिकवरी भी की गई थी। अब ऑडिट न कराने वाली ग्राम पंचायतों के प्रधानों और सचिव के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें आरसी जारी करने, प्राथमिकी दर्ज कराने और नोड्यूज न देने की बात कही गई है।
लंबित पड़े कार्यों के ऑडिट न कराने वाले ग्राम प्रधानों को एक माह के भीतर सभी प्रपत्र देने होंगे। ऐसा न करने वाली ग्राम पंचायतों पर रिकवरी जारी होने के साथ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। जिस प्रधान के कार्यकाल में ऑडिट लंबित होंगे, उन्हें पंचायती राज विभाग की ओर से नोड्यूज नहीं दिया जाएगा। बिना नोड्यूज के वह आगामी पंचायत में अपनी दावेदारी पेश नही कर पाएंगे।
जिन ग्राम पंचायतों में ऑडिट लंबित हैं, उन्हें नोटिस जारी कर दिए गए हैं। ऑडिट के लिए जरूरी दस्तावेज न देने पर रिकवरी व रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी, आगामी चुनाव के लिए नोड्यूज भी नहीं मिल सकेंगे।- यावर अब्बास, डीपीआरओ
साल ग्राम पंचायतें
2014-15 21
2015-16 42
2016-17 12
2017-18 135
2018-19 37
2019-20 33
2020-21 26
2021-22 18
2022-23 06
2023-24 26
2024-25 02
