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Budaun News: बड़े भाई को बचाने दौड़ा सूर्या तो दोस्ती में भविष्य ने भी खाए जख्म
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घायल आर्यन सोलंकी।
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बदायूं। द्रोपदी देवी सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में हुई चाकूबाजी की घटना में बड़े भाई को चाकू से घायल होता देख छोटा भाई सूर्या अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने दौड़ पड़ा। वहीं, दोस्त भी अपने साथी को अकेला छोड़ने के बजाय हमलावरों के सामने खड़ा हो गया। हमले में दोनों घायल हो गए।
आईसीयू में भर्ती छोटे भाई सूर्या सोलंकी ने बताया कि इंटरवल के दौरान मैं अपनी कक्षा से खेल के मैदान में आ गया था। वहां पहुंचने पर देखा कि आरोपी छात्र बड़े भाई आर्यन के साथ मारपीट करते हुए चाकू से हमला कर रहे थे। उनसे बचने के लिए वह खेल के मैदान में भागने लगा। इससे वहां पर अफरातफरी मच गई। भाई को भागते देख वह भी वहां पहुंच गया, तभी भाई का दोस्त भविष्य भी आ गया।
आरोपी छात्रों ने हम तीनों पर चाकू से हमला कर दिया। आरोपी छात्र ने आर्यन को बचाने आए भविष्य पर भी कई वार किए। हमले में सबसे ज्यादा घायल भविष्य ही हुआ है। सूर्या ने बताया कि हमलावरों ने उस पर भी हमला किया। चाकू का वार उसके सीने पर लगा, इससे वह भी दर्द से कराहते हुए जमीन पर गिर पड़ा।
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वहीं, देखते ही देखते स्कूल परिसर चीख-पुकार के साथ भगदड़ मच गई। इसके बाद बड़ी संख्या में शिक्षक और अन्य लोग घायल छात्रों को देखने के लिए जिला अस्पताल पहुंच गए। काफी देर तक अस्पताल में भीड़ जुटी रही। सूचना पर छात्रों के अभिभावक भी अस्पताल पहुंच गए। बता दें कि आर्यन और सूर्या पुत्रगण गिरीश पाल सोलंकी निवासी बरायमय खेड़ा, थाना उझानी और भविष्य पुत्र विनोद कुमार लोची नगला, थाना कोतवाली बदायूं के रहने वाले हैं।
हमले की तैयारी से स्कूल पहुंचा था आरोपी
चाकूबाजी की घटना ने द्रोपदी देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी छात्र वारदात को अंजाम देने की पूरी तैयारी के साथ स्कूल पहुंचा था। हमले के दौरान उसने अपनी जेब से चाकू निकालकर तीनों पर हमला किया था।
एसएसपी ने अस्पताल पहुंचकर जाना छात्रों का हाल
चाकूबाजी की घटना की सूचना पर एसएसपी अंकिता शर्मा ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल छात्रों से घटना के बाबत जानकारी की। डॉक्टरों से भी चाकू के घाव के संबंध में पूछा। सीओ सिटी राहुल पांडेय ने भी घायल छात्रों से घटना के संबंध में पूरी बात जानी।
चार माह पहले मोबाइल पकड़वाने के बाद से शुरू हुआ था टकराव
- बृहस्पतिवार को खेल मैदान पर पकड़े कॉलर ने चिंगारी को दी हवा
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। आरोपियों में कक्षा दस में पढ़ने वाले छात्र से पूछताछ में यह बात सामने आई कि चार महीने पहले आरोपी छात्र का मोबाइल स्कूल में पकड़वा दिया गया था। उसके बाद से आरोपी छात्र आर्यन से खुन्नस मानने लगा कि उसी ने पकड़वाया है। तब कहासुनी होने के बाद मनमुटाव शुरू हो गया। उसके बाद से दोनों पक्षों में बोलचाल भी बंद थी।
बृहस्पतिवार को स्कूल में इंटरवल के दौरान खेल मैदान पर दोनों गुट आमने-सामने आ गएए। इस दौरान खेलने को लेकर झगड़ा हुआ था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे का कॉलर पकड़ लिया था। मन ही मन में आरोपी छात्र ने आर्यन को सबक सिखाने की ठानी और शुक्रवार को घर से चाकू लेकर आ गया। पुराने विवाद के बीच खेल मैदान पर हुआ टकराव ही चाकूबाजी की मुख्य वजह बनी। इधर, शुक्रवार की रात अस्पताल में मौजूद परिजनों ने बताया कि चार माह पहले आरोपी छात्र स्कूल में मोबाइल लेकर आया था। उस मोबाइल को पकड़वाने के बाद से आर्यन से खुन्नस मानने लगा था।
स्कूल में इंटरवल में कुछ छात्रों ने तीन छात्रों पर चाकू से हमला कर दिया था। जानकारी होने पर तत्काल तीनों घायल छात्रों को स्कूल वाहन से जिला अस्पताल उपचार के लिए ले जाया गया। हमला करने वाले छात्रों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुराने विवाद की जानकारी नहीं है। - कुशलपाल शर्मा, प्रधानाचार्य
अध्यापकों से शिकायत करने पर नहीं हुई थी कार्रवाई
चाकूबाजी की घटना के बाद से स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लग रहा है। घायल छात्रों के परिजन प्रबंधन को ही घटना का जिम्मेदार बता रहे हैं। उनका कहना है कि आरोपी छात्रों की स्कूल प्रबंधन से झगड़े की शिकायत की गई थी। शिकायत को हल्के में लिया और कह दिया कि अब कोई झगड़ा नहीं होगा। कोई परेशान नहीं करेगा। शिकायत छात्रों ने ही अध्यापकों से की थी। शिकायत पर आरोपी छात्रों पर कार्रवाई की गई होती तो शुक्रवार को हुई घटना को टाला जा सकता था।
दो नामजद सहित चार छात्रों के विरुद्ध जानलेवा हमले में रिपोर्ट दर्ज
घायल सगे भाई आर्यन व सूर्या के पिता गिरीश पाल सोलंकी की ओर से सिविल लाइंस थाने में शुक्रवार की रात दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया है कि उसके पुत्र आर्यन ( 16) और सूर्या ( 14) द्रोपदी देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में पढ़ते हैं। पूर्वाह्न करीब 11:45 बजे विद्यालय से फोन पर सूचना मिलने पर वह तुरंत पहुंचे तो जानकारी हुई कि पुत्रों पर दो छात्रों ने धारदार हथियार से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। उन्हें बचाने गए तो छात्र भविष्य काे घायल कर दिया।
अस्पताल में शिक्षकों को झेलना पड़ा परिजनों का विरोध
घायल छात्रों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं स्कूल के अध्यापक और प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारी शुक्रवार रात को जिला अस्पताल में भर्ती छात्रों का हालचाल लेने पहुंचे। इसी दौरान अस्पताल परिसर में घायलों के परिजनों और रिश्तेदारों ने विरोध किया। परिजनों और रिश्तेदारों का कहना था कि इतनी बड़ी घटना हो गई, तब आपने नहीं देखा, अब आप क्या देखने आए हैं। इसी को लेकर अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा होता रहा। विरोध के चलते अध्यापक इमरजेंसी से बाहर आ गए।
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आईसीयू में भर्ती छोटे भाई सूर्या सोलंकी ने बताया कि इंटरवल के दौरान मैं अपनी कक्षा से खेल के मैदान में आ गया था। वहां पहुंचने पर देखा कि आरोपी छात्र बड़े भाई आर्यन के साथ मारपीट करते हुए चाकू से हमला कर रहे थे। उनसे बचने के लिए वह खेल के मैदान में भागने लगा। इससे वहां पर अफरातफरी मच गई। भाई को भागते देख वह भी वहां पहुंच गया, तभी भाई का दोस्त भविष्य भी आ गया।
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आरोपी छात्रों ने हम तीनों पर चाकू से हमला कर दिया। आरोपी छात्र ने आर्यन को बचाने आए भविष्य पर भी कई वार किए। हमले में सबसे ज्यादा घायल भविष्य ही हुआ है। सूर्या ने बताया कि हमलावरों ने उस पर भी हमला किया। चाकू का वार उसके सीने पर लगा, इससे वह भी दर्द से कराहते हुए जमीन पर गिर पड़ा।
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वहीं, देखते ही देखते स्कूल परिसर चीख-पुकार के साथ भगदड़ मच गई। इसके बाद बड़ी संख्या में शिक्षक और अन्य लोग घायल छात्रों को देखने के लिए जिला अस्पताल पहुंच गए। काफी देर तक अस्पताल में भीड़ जुटी रही। सूचना पर छात्रों के अभिभावक भी अस्पताल पहुंच गए। बता दें कि आर्यन और सूर्या पुत्रगण गिरीश पाल सोलंकी निवासी बरायमय खेड़ा, थाना उझानी और भविष्य पुत्र विनोद कुमार लोची नगला, थाना कोतवाली बदायूं के रहने वाले हैं।
हमले की तैयारी से स्कूल पहुंचा था आरोपी
चाकूबाजी की घटना ने द्रोपदी देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी छात्र वारदात को अंजाम देने की पूरी तैयारी के साथ स्कूल पहुंचा था। हमले के दौरान उसने अपनी जेब से चाकू निकालकर तीनों पर हमला किया था।
एसएसपी ने अस्पताल पहुंचकर जाना छात्रों का हाल
चाकूबाजी की घटना की सूचना पर एसएसपी अंकिता शर्मा ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल छात्रों से घटना के बाबत जानकारी की। डॉक्टरों से भी चाकू के घाव के संबंध में पूछा। सीओ सिटी राहुल पांडेय ने भी घायल छात्रों से घटना के संबंध में पूरी बात जानी।
चार माह पहले मोबाइल पकड़वाने के बाद से शुरू हुआ था टकराव
- बृहस्पतिवार को खेल मैदान पर पकड़े कॉलर ने चिंगारी को दी हवा
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। आरोपियों में कक्षा दस में पढ़ने वाले छात्र से पूछताछ में यह बात सामने आई कि चार महीने पहले आरोपी छात्र का मोबाइल स्कूल में पकड़वा दिया गया था। उसके बाद से आरोपी छात्र आर्यन से खुन्नस मानने लगा कि उसी ने पकड़वाया है। तब कहासुनी होने के बाद मनमुटाव शुरू हो गया। उसके बाद से दोनों पक्षों में बोलचाल भी बंद थी।
बृहस्पतिवार को स्कूल में इंटरवल के दौरान खेल मैदान पर दोनों गुट आमने-सामने आ गएए। इस दौरान खेलने को लेकर झगड़ा हुआ था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे का कॉलर पकड़ लिया था। मन ही मन में आरोपी छात्र ने आर्यन को सबक सिखाने की ठानी और शुक्रवार को घर से चाकू लेकर आ गया। पुराने विवाद के बीच खेल मैदान पर हुआ टकराव ही चाकूबाजी की मुख्य वजह बनी। इधर, शुक्रवार की रात अस्पताल में मौजूद परिजनों ने बताया कि चार माह पहले आरोपी छात्र स्कूल में मोबाइल लेकर आया था। उस मोबाइल को पकड़वाने के बाद से आर्यन से खुन्नस मानने लगा था।
स्कूल में इंटरवल में कुछ छात्रों ने तीन छात्रों पर चाकू से हमला कर दिया था। जानकारी होने पर तत्काल तीनों घायल छात्रों को स्कूल वाहन से जिला अस्पताल उपचार के लिए ले जाया गया। हमला करने वाले छात्रों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुराने विवाद की जानकारी नहीं है। - कुशलपाल शर्मा, प्रधानाचार्य
अध्यापकों से शिकायत करने पर नहीं हुई थी कार्रवाई
चाकूबाजी की घटना के बाद से स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लग रहा है। घायल छात्रों के परिजन प्रबंधन को ही घटना का जिम्मेदार बता रहे हैं। उनका कहना है कि आरोपी छात्रों की स्कूल प्रबंधन से झगड़े की शिकायत की गई थी। शिकायत को हल्के में लिया और कह दिया कि अब कोई झगड़ा नहीं होगा। कोई परेशान नहीं करेगा। शिकायत छात्रों ने ही अध्यापकों से की थी। शिकायत पर आरोपी छात्रों पर कार्रवाई की गई होती तो शुक्रवार को हुई घटना को टाला जा सकता था।
दो नामजद सहित चार छात्रों के विरुद्ध जानलेवा हमले में रिपोर्ट दर्ज
घायल सगे भाई आर्यन व सूर्या के पिता गिरीश पाल सोलंकी की ओर से सिविल लाइंस थाने में शुक्रवार की रात दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया है कि उसके पुत्र आर्यन ( 16) और सूर्या ( 14) द्रोपदी देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में पढ़ते हैं। पूर्वाह्न करीब 11:45 बजे विद्यालय से फोन पर सूचना मिलने पर वह तुरंत पहुंचे तो जानकारी हुई कि पुत्रों पर दो छात्रों ने धारदार हथियार से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। उन्हें बचाने गए तो छात्र भविष्य काे घायल कर दिया।
अस्पताल में शिक्षकों को झेलना पड़ा परिजनों का विरोध
घायल छात्रों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं स्कूल के अध्यापक और प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारी शुक्रवार रात को जिला अस्पताल में भर्ती छात्रों का हालचाल लेने पहुंचे। इसी दौरान अस्पताल परिसर में घायलों के परिजनों और रिश्तेदारों ने विरोध किया। परिजनों और रिश्तेदारों का कहना था कि इतनी बड़ी घटना हो गई, तब आपने नहीं देखा, अब आप क्या देखने आए हैं। इसी को लेकर अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा होता रहा। विरोध के चलते अध्यापक इमरजेंसी से बाहर आ गए।

घायल आर्यन सोलंकी।

घायल आर्यन सोलंकी।

घायल आर्यन सोलंकी।

घायल आर्यन सोलंकी।