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Bulandshahar News: थाना समाधान दिवस में पहुंचे 40 फरियादी, 23 का निस्तारण
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बुलंदशहर। जनपद के सभी 27 थानों में शनिवार को थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जमीन विवाद, आपसी रंजिश और घरेलू कलह से जुड़ी शिकायतें अधिक पहुंचीं।
जिले भर में कुल 40 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 23 मामलों का मौके पर ही शांतिपूर्ण ढंग से निस्तारण कर दिया गया। शेष 17 मामलों में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम को स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। डीएम श्रुति और एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने अगौता थाने पर पहुंच कर शिकायतें सुनीं।
समाधान दिवस के आंकड़ों पर नजर डालें तो कोतवाली नगर का प्रदर्शन सबसे प्रभावी रहा, जहां आए सभी 5 प्रार्थना पत्रों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया।
वहीं, अगौता में 5 में से 3 और सिकंदराबाद में तीन में से दो व खुर्जा नगर में भी प्राप्त तीन शिकायतों में से दो का समाधान किया गया। दूसरी ओर, कोतवाली देहात, खुर्जा देहात और अरनिया थानों में एक-एक फरियादी पहुंचा, लेकिन उनकी शिकायतों का निस्तारण नहीं किया जा सका।
समाधान दिवस के दौरान सबसे अधिक मामले अवैध कब्जों और पैमाइश से संबंधित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन शिकायतों का निस्तारण शनिवार को नहीं हो पाया है, उनके लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। अधिकारियों ने कहा कि निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर होना चाहिए ताकि फरियादी को बार-बार थाने के चक्कर न लगाने पड़ें।
इस दौरान डीएम एसएसपी समेत अन्य अधिकारियों ने भी थानों के निरीक्षण के दौरान अभिलेखों का रखरखाव देखा और लंबित विवेचनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। बीट आरक्षियों को अपने क्षेत्रों में पैनी नजर रखने और छोटी समस्याओं को बड़े विवाद में बदलने से पहले ही सुलझाने की हिदायत दी गई।
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जिले भर में कुल 40 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 23 मामलों का मौके पर ही शांतिपूर्ण ढंग से निस्तारण कर दिया गया। शेष 17 मामलों में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम को स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। डीएम श्रुति और एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने अगौता थाने पर पहुंच कर शिकायतें सुनीं।
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समाधान दिवस के आंकड़ों पर नजर डालें तो कोतवाली नगर का प्रदर्शन सबसे प्रभावी रहा, जहां आए सभी 5 प्रार्थना पत्रों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया।
वहीं, अगौता में 5 में से 3 और सिकंदराबाद में तीन में से दो व खुर्जा नगर में भी प्राप्त तीन शिकायतों में से दो का समाधान किया गया। दूसरी ओर, कोतवाली देहात, खुर्जा देहात और अरनिया थानों में एक-एक फरियादी पहुंचा, लेकिन उनकी शिकायतों का निस्तारण नहीं किया जा सका।
समाधान दिवस के दौरान सबसे अधिक मामले अवैध कब्जों और पैमाइश से संबंधित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन शिकायतों का निस्तारण शनिवार को नहीं हो पाया है, उनके लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। अधिकारियों ने कहा कि निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर होना चाहिए ताकि फरियादी को बार-बार थाने के चक्कर न लगाने पड़ें।
इस दौरान डीएम एसएसपी समेत अन्य अधिकारियों ने भी थानों के निरीक्षण के दौरान अभिलेखों का रखरखाव देखा और लंबित विवेचनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। बीट आरक्षियों को अपने क्षेत्रों में पैनी नजर रखने और छोटी समस्याओं को बड़े विवाद में बदलने से पहले ही सुलझाने की हिदायत दी गई।