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Bulandshahar News: समूह से जोड़े जा रहे 6.38 लाख कार्डधारक परिवार
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बुलंदशहर। जिले में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए इन परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जोड़ा जाएगा। इस योजना के तहत जिले में कुल 4,84,001 पात्र गृहस्थी व अंत्योदय और 1,54,690 जीरो पावर्टी परिवारों को चिह्नित किया गया है। इन परिवार की महिलाओं को समूहों से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन ग्रामीण के उपायुक्त स्वत: रोजगार सूबेदार सिंह ने बताया कि प्रत्येक पात्र परिवार की एक महिला को स्वयं सहायता समूह से जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें प्रशिक्षण, ऋण सुविधा और विपणन में सहयोग मिल सके। इससे महिलाएं सिलाई, कढ़ाई, डेयरी, मुर्गी पालन, बकरी पालन, सब्जी उत्पादन, अगरबत्ती, मसाला, पापड़ व अन्य घरेलू उद्योगों से आय अर्जित कर सकेंगी।
जिले में पात्र गृहस्थी, अंत्योदय और जीरो पावर्टी परिवारों का सर्वे करा लिया गया है। इन परिवारों को चिह्नित कर महिलाओं को एसएचजी से जोड़ा जा रहा है। इन महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर सशक्त बनाया जाना है।
सहायता समूहों से जुड़ने के बाद महिलाओं को नियमित बचत की आदत डाली जाएगी और उन्हें बैंक ऋण से जोड़ा जाएगा। समूहों के माध्यम से बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराकर छोटे-छोटे रोजगार शुरू कराए जाएंगे। इसके साथ ही उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार से भी जोड़ा जाएगा, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो सके।
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जिले में पात्र गृहस्थी, अंत्योदय और जीरो पावर्टी परिवारों का सर्वे करा लिया गया है। इन परिवारों को चिह्नित कर महिलाओं को एसएचजी से जोड़ा जा रहा है। इन महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर सशक्त बनाया जाना है।
सहायता समूहों से जुड़ने के बाद महिलाओं को नियमित बचत की आदत डाली जाएगी और उन्हें बैंक ऋण से जोड़ा जाएगा। समूहों के माध्यम से बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराकर छोटे-छोटे रोजगार शुरू कराए जाएंगे। इसके साथ ही उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार से भी जोड़ा जाएगा, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो सके।
