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Bulandshahar News: नाले में बही कक्षा चार की छात्रा
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नाले में गिरी बच्ची की जानकारी लेने के दौरान डीएम-एसएसपी के आगे बिलखती दादी। संवाद
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बुलंदशहर। मूसलाधार बारिश के दौरान स्कूल से घर लौट रही कक्षा चार की छात्रा छह फीट गहरे नाले में बह गई। मौके पर मौजूद एक दुकानदार ने उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन तेज बहाव के कारण छात्रा का हाथ छूट गया। छात्रा के बहने की सूचना पर मौके पर पहुंचे पुलिस, प्रशासन और नगर पालिका अधिकारियों ने तलाश शुरू की लेकिन छात्रा का सुराग नहीं लग सका।
मौके पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा बारिश के दौरान भी छात्रा को अकेला घर भेज दिया जबकि नगर पालिका अधिकारियों पर आरोप लगाया कि समय पर नालों की सफाई न होने और खुले नालों को ढका न जाने के कारण हादसा हुआ है।
नगर के मोहल्ला साठा धर्मपाल वाली गली निवासी रिंकू की 11 वर्षीय बेटी चारू भूतेश्वर मंदिर के सामने स्थित सुशीला पब्लिक स्कूल में कक्षा चार की छात्रा थी। रिंकू ने बताया कि मंगलवार को मूसलाधार बारिश के दौरान दोपहर करीब 12.30 बजे स्कूल के शिक्षकों ने उसे अकेला घर भेज दिया।
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बताया कि जब बेटी करीब दो फीट गहरे पानी से होकर घर की ओर जा रही थी तो इसी दौरान वह एक दुकान के सामने खुले नाले में गिर गई और तेज बहाव के कारण बह गई।
प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक एक व्यक्ति ने चारू को बचाने का प्रयास किया लेकिन तेज बहाव के कारण चारू का हाथ उनके हाथ से छूट गया। जिसके चलते चारू को बचाने में सफलता नहीं मिली। चारू के बहने की सूचना पर मौके पर पहुंचे परिजनों और काॅलोनी के लोगों की भीड़ जमा हो गई।
वहीं, पुलिस और नगर पालिका की टीम ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया मगर सफलता नहीं मिली। जिसके बाद एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को काली नदी में तलाशना शुरू किया, लेकिन उसका सुराग नहीं लग सका।
वहां भी अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। बताया गया है कि नाले की गहराई छह फीट और चौड़ाई करीब तीन फीट से अधिक है।
साढ़े पांच बजे पहुंचे डीएम-एसएसपी
बच्ची की तलाश शुरू करने के करीब पांच घंटे बाद डीएम कुमार हर्ष व एसएसपी दिनेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से बच्ची की तलाश के लिए किए जा रहे कार्य की जानकारी ली।
इस दौरान पीड़ित पिता रिंकू ने डीएम-एसएसपी से मांग की कि स्कूल प्रबंधन और नगर पालिका की लापरवाही को लेकर कार्रवाई की जाए। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संभावित स्थलों पर बच्ची की तलाश के लिए कदम उठाए जाएं।
बेटे को भेजा था चारू को लेने, पर आई तो उसके बहने की खबर
चारू की मां दानवती ने रोते हुए कहा कि मूसलाधार बारिश के कारण उन्होंने चारू के बड़े भाई 17 वर्षीय गगन को स्कूल से लेने के लिए भेजा था। बताया कि गगन स्कूल पहुंच पाता उससे पहले ही चारू मंदिर के पास स्थित दुकान के स्लैब पर खड़ी थी।
गगन उसके पास पहुंचने वाला था लेकिन उससे पहले ही चारू अचानक से खुले नाले में गिरी और बह गई। बहन को आंखों के सामने बहता देखकर गगन ने शोर मचाया लेकिन तब तक चारू लापता हो चुकी थी।
दादी ने बताया कि वह घर पर चारू का इंतजार कर रहीं थीं लेकिन इसी दौरान मोहल्ले के लोगों ने चारू के नाले में बहने की खबर सुनाई। जिसके चलते वह दौड़ते हुए मौके पर पहुंची थीं।
हादसे की टाइमलाइन
-- --
- सुबह करीब 11.30 बजे बारिश शुरू हुई
- 12.20 बजे चारू को स्कूल से घर के लिए भेजा
- 12.25 बजे चारू भूतेश्वर मंदिर के सामने स्थित दुकान पर पहुंची
- 12.30 बजे चारू का पैर फिसला और वह नाले में बही
- 12.40 बजे मौके पर लोगों की भीड़ एकत्रित हुई और पुलिस को सूचना दी गई
- करीब 12.55 बजे पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पानी अधिक होने से बचाव कार्य शुरू होने में देरी
- 1.15 बजे नगर पालिका टीम मौके पर पहुंची और नाले में कर्मचारी उतरे
- 1.45 बजे जेसीबी के माध्यम से नाले पर डले स्लैब को हटाकर तलाश शुरू की गई
- 2.30 बजे नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे
- 2.50 बजे गलियों में भरे पानी को निकालने के लिए काम शुरू
- 3.20 बजे तहसीलदार व नगर पालिका ईओ मौके पर पहुंचे
- 3.55 बजे एसडीएम, सीओ मौके पर पहुंचे
- 4.00 बजे एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची
- 4.15 बजे एनडीआरएफ ने काली नदी में तलाश शुरू किया
- 5.30 बजे डीएम-एसएसपी मौके पर पहुंचे
कोट-- -
हादसे की जानकारी मिलने पर नगर पालिका और पुलिस को मौके पर भेजकर छात्रा की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस हादसे के लिए स्कूल प्रबंधन या नगर पालिका जो भी जिम्मेदार है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-- - कुमार हर्ष, डीएम
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मौके पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा बारिश के दौरान भी छात्रा को अकेला घर भेज दिया जबकि नगर पालिका अधिकारियों पर आरोप लगाया कि समय पर नालों की सफाई न होने और खुले नालों को ढका न जाने के कारण हादसा हुआ है।
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नगर के मोहल्ला साठा धर्मपाल वाली गली निवासी रिंकू की 11 वर्षीय बेटी चारू भूतेश्वर मंदिर के सामने स्थित सुशीला पब्लिक स्कूल में कक्षा चार की छात्रा थी। रिंकू ने बताया कि मंगलवार को मूसलाधार बारिश के दौरान दोपहर करीब 12.30 बजे स्कूल के शिक्षकों ने उसे अकेला घर भेज दिया।
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बताया कि जब बेटी करीब दो फीट गहरे पानी से होकर घर की ओर जा रही थी तो इसी दौरान वह एक दुकान के सामने खुले नाले में गिर गई और तेज बहाव के कारण बह गई।
प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक एक व्यक्ति ने चारू को बचाने का प्रयास किया लेकिन तेज बहाव के कारण चारू का हाथ उनके हाथ से छूट गया। जिसके चलते चारू को बचाने में सफलता नहीं मिली। चारू के बहने की सूचना पर मौके पर पहुंचे परिजनों और काॅलोनी के लोगों की भीड़ जमा हो गई।
वहीं, पुलिस और नगर पालिका की टीम ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया मगर सफलता नहीं मिली। जिसके बाद एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को काली नदी में तलाशना शुरू किया, लेकिन उसका सुराग नहीं लग सका।
वहां भी अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। बताया गया है कि नाले की गहराई छह फीट और चौड़ाई करीब तीन फीट से अधिक है।
साढ़े पांच बजे पहुंचे डीएम-एसएसपी
बच्ची की तलाश शुरू करने के करीब पांच घंटे बाद डीएम कुमार हर्ष व एसएसपी दिनेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से बच्ची की तलाश के लिए किए जा रहे कार्य की जानकारी ली।
इस दौरान पीड़ित पिता रिंकू ने डीएम-एसएसपी से मांग की कि स्कूल प्रबंधन और नगर पालिका की लापरवाही को लेकर कार्रवाई की जाए। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संभावित स्थलों पर बच्ची की तलाश के लिए कदम उठाए जाएं।
बेटे को भेजा था चारू को लेने, पर आई तो उसके बहने की खबर
चारू की मां दानवती ने रोते हुए कहा कि मूसलाधार बारिश के कारण उन्होंने चारू के बड़े भाई 17 वर्षीय गगन को स्कूल से लेने के लिए भेजा था। बताया कि गगन स्कूल पहुंच पाता उससे पहले ही चारू मंदिर के पास स्थित दुकान के स्लैब पर खड़ी थी।
गगन उसके पास पहुंचने वाला था लेकिन उससे पहले ही चारू अचानक से खुले नाले में गिरी और बह गई। बहन को आंखों के सामने बहता देखकर गगन ने शोर मचाया लेकिन तब तक चारू लापता हो चुकी थी।
दादी ने बताया कि वह घर पर चारू का इंतजार कर रहीं थीं लेकिन इसी दौरान मोहल्ले के लोगों ने चारू के नाले में बहने की खबर सुनाई। जिसके चलते वह दौड़ते हुए मौके पर पहुंची थीं।
हादसे की टाइमलाइन
- सुबह करीब 11.30 बजे बारिश शुरू हुई
- 12.20 बजे चारू को स्कूल से घर के लिए भेजा
- 12.25 बजे चारू भूतेश्वर मंदिर के सामने स्थित दुकान पर पहुंची
- 12.30 बजे चारू का पैर फिसला और वह नाले में बही
- 12.40 बजे मौके पर लोगों की भीड़ एकत्रित हुई और पुलिस को सूचना दी गई
- करीब 12.55 बजे पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पानी अधिक होने से बचाव कार्य शुरू होने में देरी
- 1.15 बजे नगर पालिका टीम मौके पर पहुंची और नाले में कर्मचारी उतरे
- 1.45 बजे जेसीबी के माध्यम से नाले पर डले स्लैब को हटाकर तलाश शुरू की गई
- 2.30 बजे नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे
- 2.50 बजे गलियों में भरे पानी को निकालने के लिए काम शुरू
- 3.20 बजे तहसीलदार व नगर पालिका ईओ मौके पर पहुंचे
- 3.55 बजे एसडीएम, सीओ मौके पर पहुंचे
- 4.00 बजे एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची
- 4.15 बजे एनडीआरएफ ने काली नदी में तलाश शुरू किया
- 5.30 बजे डीएम-एसएसपी मौके पर पहुंचे
कोट
हादसे की जानकारी मिलने पर नगर पालिका और पुलिस को मौके पर भेजकर छात्रा की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस हादसे के लिए स्कूल प्रबंधन या नगर पालिका जो भी जिम्मेदार है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

नाले में गिरी बच्ची की जानकारी लेने के दौरान डीएम-एसएसपी के आगे बिलखती दादी। संवाद

नाले में गिरी बच्ची की जानकारी लेने के दौरान डीएम-एसएसपी के आगे बिलखती दादी। संवाद