बुलंदशहर में कांग्रेस का हल्लाबोल: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर दर्ज FIR के विरोध में प्रदर्शन, दी ये चेतावनी
कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने इसे हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया। उन्होंने संविधान के धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लेख किया।
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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज पर एफआईआर के विरोध में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। भाजपा की योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कांग्रेसियों ने 'शंकराचार्य का अपमान-नहीं सहेगा हिंदुस्तान' के नारे लगाए।
जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का उत्पीड़न और अपमान योगी सरकार के इशारे पर राजनीतिक द्वेषवश किया जा रहा है, जिससे हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 एवं 26 धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करते हैं और शंकराचार्य का पद सनातन परंपरा में सर्वोच्च आध्यात्मिक पदों में से एक है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इस मामले में शीघ्र न्यायोचित कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगी। पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, मनीष चतुर्वेदी, सचिन पंडित और भजनलाल विमल ने कहा कि पीएम मोदी को सनातन के सम्मान और देशहित में तत्काल यूपी में दखल देकर शंकराचार्य का अपमान करने और उन पर झूठी एफआईआर करने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
जिला उपाध्यक्ष प्रशांत बाल्मिकी, आदर्श देव शर्मा और राजेंद्र कश्यप ने कहा कि भाजपा खुद को हिंदूवादी कहती है लेकिन उसके काम सब हिंदू विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि सनातन समाज के लोगों को जागरूक होकर शंकराचार्य के अपमान के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। इस अवसर पर राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर प्रदीप सरोहा, भजनलाल विमल, पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार, किशन चौधरी, ऋषि गौतम, वीरेंद्र सैनी, अनिल शर्मा, चंद्रपाल सिंह, साजिद गाजी, नरेंद्र बाल्मिकी, सादिक सैफी और उम्मेद सूर्यवंशी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।