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Bulandshahar News: ध्रुव चरित्र की कथा सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
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नगर में श्रीमद् भागवत कथा सुनाते कथा वाचक। संवाद
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बुलंदशहर। नगर के डीएम रोड स्थित शिवम लॉज में चल रही श्रीमद्भागवत कथा तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। इस दौरान कथा वाचक सुमेधानंद महाराज ने ध्रुव चरित्र व प्रह्लाद चरित्र समेत कई कथा के प्रसंग सुनाए, जिन्हें सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
उन्होंने कहा कि ध्रुव ने मात्र साढ़े पांच वर्ष की आयु में कठोर तपस्या कर भगवान की कृपा प्राप्त की। उनके जीवन से यह शिक्षा मिलती है कि ईश्वर की भक्ति के लिए उम्र की कोई बाधा नहीं है। सच्ची श्रद्धा, समर्पण और दृढ़ संकल्प से भगवान की कृपा अवश्य प्राप्त होती है।
प्रह्लाद चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी प्रह्लाद ने भगवान विष्णु की भक्ति नहीं छोड़ी। इससे यह संदेश मिलता है कि सच्चे भक्त को भक्ति मार्ग से कोई डिगा नहीं सकता। इस दौरान सतीश चंद्र वर्मा, अशोक वर्मा, राजकुमार वर्मा, दिनेश वर्मा, मनोज वर्मा, विकास वर्मा, हेमंत वर्मा और अनुज वर्मा आदि व्यवस्था और सेवा में जुटे रहे।
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उन्होंने कहा कि ध्रुव ने मात्र साढ़े पांच वर्ष की आयु में कठोर तपस्या कर भगवान की कृपा प्राप्त की। उनके जीवन से यह शिक्षा मिलती है कि ईश्वर की भक्ति के लिए उम्र की कोई बाधा नहीं है। सच्ची श्रद्धा, समर्पण और दृढ़ संकल्प से भगवान की कृपा अवश्य प्राप्त होती है।
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प्रह्लाद चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी प्रह्लाद ने भगवान विष्णु की भक्ति नहीं छोड़ी। इससे यह संदेश मिलता है कि सच्चे भक्त को भक्ति मार्ग से कोई डिगा नहीं सकता। इस दौरान सतीश चंद्र वर्मा, अशोक वर्मा, राजकुमार वर्मा, दिनेश वर्मा, मनोज वर्मा, विकास वर्मा, हेमंत वर्मा और अनुज वर्मा आदि व्यवस्था और सेवा में जुटे रहे।