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Bulandshahar News: भारी पुलिस बल के साथ ग्रीन बेल्ट पर बनी मजार प्रशासन ने ध्वस्त की
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लोनी में अवैध निर्माण को ध्वस्त करती टीम। संवाद
- फोटो : gbd
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लोनी (गाजियाबाद)। ट्रोनिका सिटी थानाक्षेत्र के अंसल कॉलोनी स्थित ग्रीम बेल्ट में बनी अवैध मजार रविवार को प्रशासन की टीम ने ध्वस्त कर दी। इस दौरान भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। जनवरी माह में यूपीसीडा की तरफ से मजार हटाने के लिए नोटिस भी जारी किए गए थे। ऐसा न होने पर प्रशासन की टीम ने मजार पर रविवार को बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की।
यूपीसीडा के वरिष्ठ प्रबंधक सिविल एनके जैन ने बताया कि ट्रोनिका सिटी सेक्टर सी 1 में स्थित ग्रीन बेल्ट में मजार बनी है। मजार की देख रेख करने वालों को जनवरी में नोटिस देकर दस्तावेज मांगे गए थे। लोगों का कहना था कि दस्तावेज तो नहीं हैं, लेकिन यह मजार करीब एक दशक से है। इसके बाद प्रशासन की टीम ने जांच की तब पता चला कि मजार सरकारी संपत्ति पर कब्जा कर बनाई गई थी। उप जिलाधिकारी लोनी दीपक सिंघनवाल ने बताया कि अवैध निर्माण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में मजार के अवैध होने की पुष्टि हुई और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। बताया कि सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण करने वाले चिह्नित किए जा रहे हैं। उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जब मजार बनी तब नहीं थी ग्रीन बेल्ट
मजार की देखरेख करने वाले मोहम्मद जफर ने बताया कि यह मजार करीब 95 वर्ष से भी अधिक पुरानी है। यह हजरत शहीद चिश्ती बाबा के नाम से प्रसिद्ध है। कहा कि प्रशासन ने जब नोटिस दिया था तब हमने आसपास के बुजुर्गों जो लंबे समय से इसकी जानकारी रखते हैं उनसे कागज पर लिखवाकर अधिकारियों को दिए थे। जमीन के दस्तावेज हमारे पास नहीं थे। कहा कि जब मजार बनी थी तब यहां ग्रीनबेल्ट नहीं थी। मीरपुर, नवादा, बदरपुर और खानपुर जाने के लिए यह रास्ता था। रास्ते की जड़ में यह मजार थी। तब पक्की सड़क भी नहीं थी। बाद में इसके दोनों तरफ सड़क बनी। कहा कि हमने यह मजार नहीं बनाई कई वर्षों पहले की ही मजार है।
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यूपीसीडा के वरिष्ठ प्रबंधक सिविल एनके जैन ने बताया कि ट्रोनिका सिटी सेक्टर सी 1 में स्थित ग्रीन बेल्ट में मजार बनी है। मजार की देख रेख करने वालों को जनवरी में नोटिस देकर दस्तावेज मांगे गए थे। लोगों का कहना था कि दस्तावेज तो नहीं हैं, लेकिन यह मजार करीब एक दशक से है। इसके बाद प्रशासन की टीम ने जांच की तब पता चला कि मजार सरकारी संपत्ति पर कब्जा कर बनाई गई थी। उप जिलाधिकारी लोनी दीपक सिंघनवाल ने बताया कि अवैध निर्माण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में मजार के अवैध होने की पुष्टि हुई और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। बताया कि सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण करने वाले चिह्नित किए जा रहे हैं। उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जब मजार बनी तब नहीं थी ग्रीन बेल्ट
मजार की देखरेख करने वाले मोहम्मद जफर ने बताया कि यह मजार करीब 95 वर्ष से भी अधिक पुरानी है। यह हजरत शहीद चिश्ती बाबा के नाम से प्रसिद्ध है। कहा कि प्रशासन ने जब नोटिस दिया था तब हमने आसपास के बुजुर्गों जो लंबे समय से इसकी जानकारी रखते हैं उनसे कागज पर लिखवाकर अधिकारियों को दिए थे। जमीन के दस्तावेज हमारे पास नहीं थे। कहा कि जब मजार बनी थी तब यहां ग्रीनबेल्ट नहीं थी। मीरपुर, नवादा, बदरपुर और खानपुर जाने के लिए यह रास्ता था। रास्ते की जड़ में यह मजार थी। तब पक्की सड़क भी नहीं थी। बाद में इसके दोनों तरफ सड़क बनी। कहा कि हमने यह मजार नहीं बनाई कई वर्षों पहले की ही मजार है।