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Bulandshahar News: कैंटर की टक्कर से किसान की मौत, इलाज न मिलने के आरोप में सीएचसी, कोतवाली में हंगामा
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गुलावठी कैंटर की टक्कर से क्षतिग्रस्त बुग्गी, घायल बेल मौके पर खड़ी कैंटर। संवाद
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गुलावठी। कोतवाली क्षेत्र में नेशनल हाईवे-334 पर गांव सेंगड़ा पीर के निकट कैंटर ने की टक्कर से बेल बुग्गी चालक किसान की मौत हो गई। वहीं, बैल घायल हो गया। सीएचसी में चिकित्सक के नहीं मिलने पर परिजनों ने हंगामा किया। सीएचसी में हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव कैथाला निवासी शिव कुमार ने बताया कि उनके छोटे भाई भोपाल सिंह (50) परिवार के साथ गुलावठी की टीचर्स कॉलोनी में रहते थे। सोमवार की शाम मूलरूप वह बेल बुग्गी से चारा लेकर गांव कैथाला से गुलावठी आ रहे थे। नेशनल हाईवे -334 गांव सैकड़ा पीर के पीछे से आ रही तेज रफ्तार कैंटर के चालक ने लापरवाही के साथ गाड़ी को चलाते हुए बेल बुग्गी में टक्कर मार दी।
जिससे उनके भाई भोपाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आरोपी चालक कैंटर को मौके पर छोड़कर भाग गया। सूचना पर वह मौके पर पहुंचे और उपचार के लिए नगर के सामुदायिक केंद्र लेकर पहुंचे। आरोप है कि सीएचसी की इमरजेंसी में मौके पर कोई भी चिकित्सक नहीं मिला। जिस पर परिजनों ने करीब 20 मिनट तक हंगामा किया।
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उसके बाद भी चिकित्सक के नहीं पहुंचने पर परिजन भोपाल सिंह को उपचार के लिए हापुड़ लेकर पहुंचे जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीएचसी गुलावठी में हंगामा का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
कोतवाली के बाहर किया हंगामा
भोपाल सिंह की मौत के बाद परिजन शव को लेकर कोतवाली पहुंचे। परिजनों का आरोप था कि सीएचसी में चिकित्सक के नहीं मिलने से समय से उपचार नहीं मिल पाया। जिससे भोपाल सिंह की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। कोतवाली प्रभारी ने लोगों को समझाकर शांत किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस जांच कर रही है। सीएचसी अधीक्षक पवन मावी बताया कि घायल के परिजन अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सक अस्पताल में मौजूद थे। चिकित्सक के इमरजेंसी में पहुंचने से पहले ही वह घायल हो लेकर चले गए।
कोतवाली क्षेत्र के गांव कैथाला निवासी शिव कुमार ने बताया कि उनके छोटे भाई भोपाल सिंह (50) परिवार के साथ गुलावठी की टीचर्स कॉलोनी में रहते थे। सोमवार की शाम मूलरूप वह बेल बुग्गी से चारा लेकर गांव कैथाला से गुलावठी आ रहे थे। नेशनल हाईवे -334 गांव सैकड़ा पीर के पीछे से आ रही तेज रफ्तार कैंटर के चालक ने लापरवाही के साथ गाड़ी को चलाते हुए बेल बुग्गी में टक्कर मार दी।
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जिससे उनके भाई भोपाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आरोपी चालक कैंटर को मौके पर छोड़कर भाग गया। सूचना पर वह मौके पर पहुंचे और उपचार के लिए नगर के सामुदायिक केंद्र लेकर पहुंचे। आरोप है कि सीएचसी की इमरजेंसी में मौके पर कोई भी चिकित्सक नहीं मिला। जिस पर परिजनों ने करीब 20 मिनट तक हंगामा किया।
उसके बाद भी चिकित्सक के नहीं पहुंचने पर परिजन भोपाल सिंह को उपचार के लिए हापुड़ लेकर पहुंचे जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीएचसी गुलावठी में हंगामा का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
कोतवाली के बाहर किया हंगामा
भोपाल सिंह की मौत के बाद परिजन शव को लेकर कोतवाली पहुंचे। परिजनों का आरोप था कि सीएचसी में चिकित्सक के नहीं मिलने से समय से उपचार नहीं मिल पाया। जिससे भोपाल सिंह की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। कोतवाली प्रभारी ने लोगों को समझाकर शांत किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस जांच कर रही है। सीएचसी अधीक्षक पवन मावी बताया कि घायल के परिजन अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सक अस्पताल में मौजूद थे। चिकित्सक के इमरजेंसी में पहुंचने से पहले ही वह घायल हो लेकर चले गए।