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Bulandshahar News: जिले में ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में धरना-प्रदर्शन जारी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2026 10:08 PM IST
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Protests against the e-registration system continue in the district.
सिकंदराबाद तहसीलदार को ज्ञापन सोपते अधिवक्ता व दस्तावेज के कर्मचारी
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शिकारपुर/स्याना/सिकंदराबाद। सरकार के निजी संस्थाओं के माध्यम से दस्तावेजों के ई-पंजीकरण की व्यवस्था लागू करने के फैसले के विरोध में सोमवार को भी धरना जारी रहा। धरने में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने भागीदारी की। इस व्यवस्था को वापस लेने की मांग के लिए ज्ञापन भी सौंपे।

शिकारपुर स्थित उप निबंधक (सब रजिस्ट्रार) कार्यालय में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों का संयुक्त धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब तक सरकार ने उनकी मांगों और आपत्तियों पर कोई सकारात्मक संज्ञान नहीं लिया है।
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अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने सरकार से ई-पंजीकरण संबंधी आदेश को वापस लेने और उनकी मांगों पर विचार करने की मांग की। धरने में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कांति प्रसाद गोस्वामी, महासचिव टीपी शर्मा, पप्पन गोस्वामी, गौरव गोस्वामी, धीरज शर्मा आदि अधिवक्ता व दस्तावेज लेखक उपस्थित रहे।
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स्याना में बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं व बैनामा लेखकों ने निबंधन विभाग के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में न्यायिक कार्यों से विरत रहकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम लालजी विश्वकर्मा को सौंपा। अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सरकार से प्रस्तावित व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार निबंधन विभाग की सेवाओं को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में कार्य कर रही है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो अधिवक्ता, बैनामा लेखक, मुंशी, टाइपिस्ट, फोटोग्राफर एवं रजिस्ट्री कार्य से जुड़े अन्य लोगों के समक्ष रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। इस दौरान देवेंद्र सिंह मलिक, पवित्रपाल सिंह, दुष्यंत शर्मा, विजय लोधी, अरबाज खान व खेमराज त्यागी आदि मौजूद रहे।
सिकंदराबाद तहसील में बार एसोसिएशन सिकंदराबाद व बैनामा लेखक वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े लोग सोमवार को तहसील पहुंचे। तहसीलदार को प्रदेश के निबंधन कार्यालयों में लागू की जा रही ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने चेतावनी दी कि जब तक शासन ई-पंजीकरण संबंधी आदेश वापस नहीं लेता, तब तक उनका आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी।
दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष ललित शर्मा ने कहा कि यदि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस नहीं लिया गया तो अधिवक्ताओं व दस्तावेज लेखकों को भूख हड़ताल करने के लिए विवश होना पड़ेगा। इस दौरान अधिवक्ता नीतीश मोहन सक्सेना, जगदीश प्रसाद सैनी, देवेंद्र कुमार राय, निर्मल स्वरूप राय, परमेश्वर चंद्र शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
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