{"_id":"69adae2b7b6773eada016aae","slug":"five-people-convicted-of-stealing-green-trees-sentenced-after-22-years-bulandshahr-news-c-133-1-bul1001-149799-2026-03-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: हरे पेड़ चोरी करने वाले पांच दोषियों को 22 साल बाद सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: हरे पेड़ चोरी करने वाले पांच दोषियों को 22 साल बाद सजा
विज्ञापन
विज्ञापन
बुलंदशहर। जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में दो दशक पूर्व नीम के हरे पेड़ चोरी करने के मामले में न्यायालय ने पांच दोषियों को सजा सुनाई है।
डीजीपी उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चल रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत बुलंदशहर पुलिस की मजबूत पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। मामले में 22 साल बाद फैसला आया है।
मामला वर्ष 2004 का है, जब जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के गांव मान करौरा, रौंडा और शेखपुर रौरा के निवासी सुरेन्द्र, बालकराम, विजयपाल, समय सिंह और लोकपाल को नीम के हरे पेड़ चोरी कर बेचते और खरीदते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। 14 जनवरी 2004 को पुलिस ने इनके वन संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 11 दिनों में ही जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी।
शुक्रवार को एसीजे एसडी न्यायाधीश अर्जुन डबास की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और मॉनीटरिंग सेल द्वारा प्रस्तुत किए गए पुख्ता सबूतों के आधार पर पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने सभी दोषियों को जेल में बिताई गई अवधि की सजा और प्रत्येक पर 1200-1200 रुपये का आर्थिक दंड लगाया है।
Trending Videos
डीजीपी उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चल रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत बुलंदशहर पुलिस की मजबूत पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। मामले में 22 साल बाद फैसला आया है।
मामला वर्ष 2004 का है, जब जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के गांव मान करौरा, रौंडा और शेखपुर रौरा के निवासी सुरेन्द्र, बालकराम, विजयपाल, समय सिंह और लोकपाल को नीम के हरे पेड़ चोरी कर बेचते और खरीदते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। 14 जनवरी 2004 को पुलिस ने इनके वन संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 11 दिनों में ही जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को एसीजे एसडी न्यायाधीश अर्जुन डबास की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और मॉनीटरिंग सेल द्वारा प्रस्तुत किए गए पुख्ता सबूतों के आधार पर पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने सभी दोषियों को जेल में बिताई गई अवधि की सजा और प्रत्येक पर 1200-1200 रुपये का आर्थिक दंड लगाया है।