{"_id":"6a32cd12ff034b6e820f396c","slug":"girl-swallows-coin-complaint-regarding-lack-of-treatment-bulandshahr-news-c-133-1-bul1004-157474-2026-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: बच्ची ने निगला सिक्का, उपचार न मिलने की शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: बच्ची ने निगला सिक्का, उपचार न मिलने की शिकायत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बुलंदशहर। सिकंदराबाद क्षेत्र निवासी आरोही (8) ने पांच रुपये का सिक्का निगल लिया। सरकारी चिकित्सालय में इलाज न मिलने पर पिता ने 13 जून को मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। पिता का आरोप है कि वैर से बुलंदशहर भेजा गया लेकिन दोनों जगह इमरजेंसी में कोई विशेषज्ञ नहीं मिला न ही बेटी को इलाज मिला। मजबूरन निजी चिकित्सालय जाना पड़ा।
सिकंदराबाद तहसील क्षेत्र के गांव अरौड़ा निवासी इंद्रजीत ने बताया कि 12 दिसंबर की शाम को आरोही पांच रुपये का सिक्का लेकर खेल रही थी। खेलने के दौरान उसने सिक्का मुंह में रख लिया। वह फिसल कर गले में चला गया।
गले में दर्द होने पर बेटी ने जानकारी दी तो उसे सबसे पहले वैर चिकित्सालय ले गए। वहां से उसे जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया। जिला चिकित्सालय पहुंचने पर इमरजेंसी में कोई भी विशेषज्ञ नहीं मिला न ही एक्सरे करवाया गया।
विज्ञापन
यहां से मेरठ या नोएडा ले जाने की बात कही। बेटी के दर्द से कराहने पर उसे नगर के एक निजी चिकित्सालय में ले गया। जांच कराने पर पेट में सिक्का होने की बात कही। कुछ दिन इलाज चलने के बाद उसे घर ले आए। करीब एक सप्ताह बाद दोबारा जांच कराने पर पेट से सिक्का गायब मिला।
सरकारी चिकित्सालयों में इलाज न मिलने की अब मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। जिला चिकित्सालय के प्रभारी सीएमएस डॉ. प्रदीप राणा ने बताया कि अभी कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है। मिलने पर जांच कराई जाएगी।
सिकंदराबाद तहसील क्षेत्र के गांव अरौड़ा निवासी इंद्रजीत ने बताया कि 12 दिसंबर की शाम को आरोही पांच रुपये का सिक्का लेकर खेल रही थी। खेलने के दौरान उसने सिक्का मुंह में रख लिया। वह फिसल कर गले में चला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
गले में दर्द होने पर बेटी ने जानकारी दी तो उसे सबसे पहले वैर चिकित्सालय ले गए। वहां से उसे जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया। जिला चिकित्सालय पहुंचने पर इमरजेंसी में कोई भी विशेषज्ञ नहीं मिला न ही एक्सरे करवाया गया।
यहां से मेरठ या नोएडा ले जाने की बात कही। बेटी के दर्द से कराहने पर उसे नगर के एक निजी चिकित्सालय में ले गया। जांच कराने पर पेट में सिक्का होने की बात कही। कुछ दिन इलाज चलने के बाद उसे घर ले आए। करीब एक सप्ताह बाद दोबारा जांच कराने पर पेट से सिक्का गायब मिला।
सरकारी चिकित्सालयों में इलाज न मिलने की अब मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। जिला चिकित्सालय के प्रभारी सीएमएस डॉ. प्रदीप राणा ने बताया कि अभी कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है। मिलने पर जांच कराई जाएगी।