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Bulandshahar News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी बाल अपचारी को डेढ़ साल की सजा
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बुलंदशहर। जनपद के किशोर न्याय बोर्ड ने दुष्कर्म के एक मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए बाल अपचारी को दोषी करार दिया है। बोर्ड ने दोषी को एक वर्ष छह माह (18 महीने) के लिए बाल सुधारगृह भेजने और तीन हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
पहासू थाना क्षेत्र में 31 जुलाई 2021 को एक महिला ने थाने में तहरीर दी थी। आरोप था कि अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला एक किशोर (बाल अपचारी) उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की और किशोरी की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने किशोरी को बरामद किया। बरामदगी के बाद जब पीड़िता के बयान दर्ज किए गए तो उसने बाल अपचारी पर डरा-धमकाकर जबरन दुष्कर्म करने का आरोप लगाया।
पुलिस ने मामले में दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर बाल सुधारगृह भेज दिया था। विवेचना के बाद पुलिस ने बोर्ड के समक्ष आरोप पत्र दाखिल किया। मंगलवार को किशोर न्याय बोर्ड के मजिस्ट्रेट और अध्यक्ष देवेंद्र सिंह, सदस्य वीरेंद्र शर्मा और सुधा चौधरी की पीठ ने मामले की सुनवाई की। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बोर्ड ने किशोर को दोषी पाया। बोर्ड ने बाल अपचारी को एक साल छह माह के बाल सुधारगृह की सजा सुनाई और साथ ही 3,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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पहासू थाना क्षेत्र में 31 जुलाई 2021 को एक महिला ने थाने में तहरीर दी थी। आरोप था कि अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला एक किशोर (बाल अपचारी) उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की और किशोरी की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने किशोरी को बरामद किया। बरामदगी के बाद जब पीड़िता के बयान दर्ज किए गए तो उसने बाल अपचारी पर डरा-धमकाकर जबरन दुष्कर्म करने का आरोप लगाया।
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पुलिस ने मामले में दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर बाल सुधारगृह भेज दिया था। विवेचना के बाद पुलिस ने बोर्ड के समक्ष आरोप पत्र दाखिल किया। मंगलवार को किशोर न्याय बोर्ड के मजिस्ट्रेट और अध्यक्ष देवेंद्र सिंह, सदस्य वीरेंद्र शर्मा और सुधा चौधरी की पीठ ने मामले की सुनवाई की। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बोर्ड ने किशोर को दोषी पाया। बोर्ड ने बाल अपचारी को एक साल छह माह के बाल सुधारगृह की सजा सुनाई और साथ ही 3,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
