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शिक्षा व्यवस्था को खत्म कर रही मोदी सरकार : जियाउर्रहमान
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बुलंदशहर। नीट और प्रतियोगी परीक्षाओं के लीक होने को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया है। जिला अध्यक्ष जियाउर्रहमान ने भाजपा और आरएसएस की चुप्पी को शर्मनाक बताया। कहा कि मोदी सरकार शिक्षा व्यवस्था को खत्म कर रही है।
कार्यकर्ताओं ने लखनऊ अग्निकांड में सरकार की लापरवाही से मारे गए मासूम छात्रों को श्रद्धांजलि देते हुए बुलंदशहर में आवासीय परिसरों में हो रही व्यापारिक गतिविधियों को तत्काल रुकवाने की मांग जिला प्रशासन से की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने कहा कि वर्ष 2018, 2021, 2022, 2024, 2026 में नीट में गड़बड़ियां और पेपर लीक हुए। इसके पूर्व भी 2015 में एआईपीएमटी (वर्तमान में नीट) का भी पेपर लीक हो चुका है।
देश में युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ लगातार हो रही इस ज्यादती के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया। कांग्रेस पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग करती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली नीट परीक्षा के अलावा सीबीएसई की उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन में गड़बड़ियों के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश लेखपाल भर्ती परीक्षा, यूपीएसआई, पुलिस सिपाही भर्ती परिक्षा, आरओ-एआरओ भर्ती परीक्षा ऐसी तमाम प्रतियोगी परीक्षाएं सरकार के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई हैं।
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नीट पेपर लीक से पैदा हुए मानसिक तनाव के कारण देश के विभिन्न राज्यों से अब तक 12 छात्र अपनी जान गंवा चुके हैं। कांग्रेस पार्टी इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सरकार उत्प्रेरित हत्या मानती है। कहा कि शिक्षा व्यवस्था के बजट को आधा कर दिया है। एक दशक पहले जो 4.7 प्रतिशत था आज वह 2.4 प्रतिशत रह गया है। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, मनीष चतुर्वेदी, भजनलाल विमल, सचिन वशिष्ठ, नईम मंसूरी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यकर्ताओं ने लखनऊ अग्निकांड में सरकार की लापरवाही से मारे गए मासूम छात्रों को श्रद्धांजलि देते हुए बुलंदशहर में आवासीय परिसरों में हो रही व्यापारिक गतिविधियों को तत्काल रुकवाने की मांग जिला प्रशासन से की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने कहा कि वर्ष 2018, 2021, 2022, 2024, 2026 में नीट में गड़बड़ियां और पेपर लीक हुए। इसके पूर्व भी 2015 में एआईपीएमटी (वर्तमान में नीट) का भी पेपर लीक हो चुका है।
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देश में युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ लगातार हो रही इस ज्यादती के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया। कांग्रेस पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग करती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली नीट परीक्षा के अलावा सीबीएसई की उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन में गड़बड़ियों के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश लेखपाल भर्ती परीक्षा, यूपीएसआई, पुलिस सिपाही भर्ती परिक्षा, आरओ-एआरओ भर्ती परीक्षा ऐसी तमाम प्रतियोगी परीक्षाएं सरकार के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई हैं।
नीट पेपर लीक से पैदा हुए मानसिक तनाव के कारण देश के विभिन्न राज्यों से अब तक 12 छात्र अपनी जान गंवा चुके हैं। कांग्रेस पार्टी इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सरकार उत्प्रेरित हत्या मानती है। कहा कि शिक्षा व्यवस्था के बजट को आधा कर दिया है। एक दशक पहले जो 4.7 प्रतिशत था आज वह 2.4 प्रतिशत रह गया है। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, मनीष चतुर्वेदी, भजनलाल विमल, सचिन वशिष्ठ, नईम मंसूरी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।