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Bulandshahar News: अब नहीं लगानी होगी दिल्ली की दौड़, इमरजेंसी में 24 घंटे लगेगा सीरम
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बुलंदशहर। ओपीडी अवकाश के बाद गहरे जख्म वाले लोगों को अब एआरएस (एंटी रेबीज सीरम) के लिए दिल्ली की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। अब जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में 24 घंटे गहरे जख्म वाले लोगों को सीरम लगाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने वायल उपलब्ध करा दी है।
जिले में कुत्ता, बंदर, बिल्ली या अन्य जंगली जानवर के काटने से घायल लोग जिला चिकित्सालय की ओपीडी में सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक एआरएस लगवा पाते हैं। इसके बाद आने वाले लोगों को एआरएस के लिए दूसरे दिन या हायर सेंटर पर जाकर लगवानी पड़ती है। निजी में यह इंजेक्शन काफी महंगा पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा इमरजेंसी में शुरू हो गई है।
अप्रैल माह में चार इंजेक्शन लगाए गए हैं। यह इंजेक्शन एक सेंटीमीटर से अधिक घाव होने पर लगाया जाता है। इसे कुत्ते-बंदर के काटने के 24 घंटे के भीतर लगाना होता है। वहीं, एआरवी लगवानी भी जरूरी होती हैं। इससे शरीर में विषाणु फैलने की संभावना न के बराबर हो जाती है। इसकी डोज वजन के हिसाब से लगाई जाती है। नोडल अधिकारी डॉ. रमित कुमार ने बताया कि जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में एआरएस रखवा दी गई है। कुत्ता-बंदर के हमले में गहरा जख्म वाले लोगों को 24 घंटे एआरएस लग सकेगी।
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कोट...
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय में सुविधाओं में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। अब जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में एआरएस (एंटी रेबीज सीरम) लगवाने की 24 घंटे सुविधा शुरू करवा दी गई है। गहरा जख्म होने पर सीएचसी-पीएचसी से रेफर होकर आने वाले इमरजेंसी में सीरम लगवा सकेंगे। - डॉ. संजय मिश्रा, कार्यवाहक प्राचार्य, कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज
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जिले में कुत्ता, बंदर, बिल्ली या अन्य जंगली जानवर के काटने से घायल लोग जिला चिकित्सालय की ओपीडी में सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक एआरएस लगवा पाते हैं। इसके बाद आने वाले लोगों को एआरएस के लिए दूसरे दिन या हायर सेंटर पर जाकर लगवानी पड़ती है। निजी में यह इंजेक्शन काफी महंगा पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा इमरजेंसी में शुरू हो गई है।
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अप्रैल माह में चार इंजेक्शन लगाए गए हैं। यह इंजेक्शन एक सेंटीमीटर से अधिक घाव होने पर लगाया जाता है। इसे कुत्ते-बंदर के काटने के 24 घंटे के भीतर लगाना होता है। वहीं, एआरवी लगवानी भी जरूरी होती हैं। इससे शरीर में विषाणु फैलने की संभावना न के बराबर हो जाती है। इसकी डोज वजन के हिसाब से लगाई जाती है। नोडल अधिकारी डॉ. रमित कुमार ने बताया कि जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में एआरएस रखवा दी गई है। कुत्ता-बंदर के हमले में गहरा जख्म वाले लोगों को 24 घंटे एआरएस लग सकेगी।
कोट...
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय में सुविधाओं में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। अब जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में एआरएस (एंटी रेबीज सीरम) लगवाने की 24 घंटे सुविधा शुरू करवा दी गई है। गहरा जख्म होने पर सीएचसी-पीएचसी से रेफर होकर आने वाले इमरजेंसी में सीरम लगवा सकेंगे। - डॉ. संजय मिश्रा, कार्यवाहक प्राचार्य, कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज
