{"_id":"6a85e6c799af418c45083523","slug":"panic-among-residents-of-several-villages-after-a-leopard-was-sighted-near-the-banks-of-the-ganges-bulandshahr-news-c-133-1-bul1002-163107-2026-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: गंगा किनारे तेंदुआ देखे जाने के बाद कई गांवों के लोगों में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: गंगा किनारे तेंदुआ देखे जाने के बाद कई गांवों के लोगों में दहशत
विज्ञापन
अहार क्षेत्र के गांव चासी में गंगा किनारे जंगल में रात में तेंदुआ को ढूंढते हुए वन कर्मचारी। स्
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊंचागांव/अहार। गंगा किनारे बसे ऊंचागांव और अहार क्षेत्र के कई गांवों में तेंदुआ देखे जाने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पिछले 12 दिनों से गांव चांसी, नगला मदारीपुर और सोंझना रानी गांवों में तेंदुआ के लगातार देखे जाने का दावा किया जा रहा है। वन विभाग ने तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए हैं और लगातार तलाश की जा रही है। तेंदुआ की क्षेत्र में वन विभाग की ओर मौजूदगी की पुष्टि के बाद किसान खेत पर अकेले नहीं जा रहे और रात भी जागकर काट रहे हैं।
गांव चांसी के किसान सचिन सिंह, मोहर पाल, छीतर और भोला ने बताया कि खेतों में काम करने के लिए चार-पांच लोग इकट्ठे जाते हैं। ग्रामीण दिन छिपते ही घरों से बाहर नहीं निकले रहे हैं। वन विभाग के कर्मचारी करीब दो किलोमीटर जंगल में रात में और दिन में लगातार गश्त कर रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि तेंदुआ अब जंगली सूअर, गीदड़, आवारा कुत्तों को निवाला बना कर घने जंगल में चला जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ सुबह और शाम के समय खेतों में दिखाई दे रहा है। तेंदुआ को देखे जाने के बाद से महिलाएं और बच्चे भी घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। वन विभाग की टीम संबंधित क्षेत्रों में पिंजरे लगवा दिए हैं। वनकर्मी रात-दिन गश्त कर तेंदुआ की तलाश में जुटे हुए हैं। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले खेतों और गंगा किनारे न जाएं। तेंदुआ दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
विज्ञापन
वन दरोगा प्रमोद भारती ने बताया कि गांव चांसी समेत अन्य गांवों में गंगा किनारे जंगल में रात में तेंदुआ की तलाश जारी है। कैमरे भी लगाए गए हैं ताकि उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। डीएफओ डाॅ. हरेंद्र सिंह का कहना है कि गंगा किनारे तेंदुआ होने की पुष्टि हो गई है। इसके चलते इस क्षेत्र को तेंदुआ बाहुल्य क्षेत्र भी घोषित कर दिया है।
क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इस बार तेंदुआ देखे जाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बुगरासी, ऊंचागांव व अहार क्षेत्र में लगातार तेंदुआ देखा जा चुका है। इसलिए लोगों को सतर्क रहने और विभागीय टीम को तेंदुआ पकड़ने के लिए प्रयासरत रहने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्षेत्र में कितने तेंदुए हैं।
विज्ञापन
गांव चांसी के किसान सचिन सिंह, मोहर पाल, छीतर और भोला ने बताया कि खेतों में काम करने के लिए चार-पांच लोग इकट्ठे जाते हैं। ग्रामीण दिन छिपते ही घरों से बाहर नहीं निकले रहे हैं। वन विभाग के कर्मचारी करीब दो किलोमीटर जंगल में रात में और दिन में लगातार गश्त कर रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि तेंदुआ अब जंगली सूअर, गीदड़, आवारा कुत्तों को निवाला बना कर घने जंगल में चला जाता है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ सुबह और शाम के समय खेतों में दिखाई दे रहा है। तेंदुआ को देखे जाने के बाद से महिलाएं और बच्चे भी घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। वन विभाग की टीम संबंधित क्षेत्रों में पिंजरे लगवा दिए हैं। वनकर्मी रात-दिन गश्त कर तेंदुआ की तलाश में जुटे हुए हैं। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले खेतों और गंगा किनारे न जाएं। तेंदुआ दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
विज्ञापन
वन दरोगा प्रमोद भारती ने बताया कि गांव चांसी समेत अन्य गांवों में गंगा किनारे जंगल में रात में तेंदुआ की तलाश जारी है। कैमरे भी लगाए गए हैं ताकि उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। डीएफओ डाॅ. हरेंद्र सिंह का कहना है कि गंगा किनारे तेंदुआ होने की पुष्टि हो गई है। इसके चलते इस क्षेत्र को तेंदुआ बाहुल्य क्षेत्र भी घोषित कर दिया है।
क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इस बार तेंदुआ देखे जाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बुगरासी, ऊंचागांव व अहार क्षेत्र में लगातार तेंदुआ देखा जा चुका है। इसलिए लोगों को सतर्क रहने और विभागीय टीम को तेंदुआ पकड़ने के लिए प्रयासरत रहने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्षेत्र में कितने तेंदुए हैं।