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Bulandshahar News: प्री मेच्योर बच्चों की रेटिना जांच के लिए खुलेगा आरओपी स्क्रीनिंग क्लीनिक
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बुलंदशहर। प्री-मेच्योर बच्चों में होने वाली रेटिना की बीमारी, रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमेच्योरिटी की जांच और इलाज के लिए आरओपी स्क्रीनिंग क्लीनिक खोला जाएगा। ताकि सही समय पर बीमारी की पहचान कर नवजात की आंखों की रोशनी बचाई जा सके।
जिला महिला चिकित्सालय तीन वर्ष से कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध चल रहा है। यहां पूर्व में प्री-मेच्योर बच्चों को रेफर किया जाता था, लेकिन अब उन्हें भर्ती कर उपचार मिल रहा है। वर्तमान में यहां आठ बेड की सुविधा है, जल्द ही यहां पर एचडीयू के संचालन के बाद 20 बेड पर नवजात को उपचार मिलने लगेगा। इसके अलावा अब यहां पर आरओपी स्क्रीनिंग क्लीनिक खोला जाएगा। जिसमें समय से पूर्व जन्म लेने वाले नवजात की आंखों के रेटिना की ब्लड वेसल्स पूरी तरह से विकसित होने में मदद मिल सके।
कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. संजय मिश्रा ने बताया कि जिला महिला चिकित्सालय के द्वितीय तल पर जल्द रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमेच्योरिटी (आरओपी) का संचालन शुरू किया जाएगा। इसके संचालन से प्रीमैच्योर बच्चों की रेटिना की जांच हो सकेगी। आरओपी स्क्रीनिंग क्लीनिक से नवजात शिशुओं की आंखों में परदा (रेटिना) की असामान्य रक्त वाहिकाओं के विकास की जांच करके स्थायी अंधेपन से बचाने में मदद मिलेगी।
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जिला महिला चिकित्सालय तीन वर्ष से कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध चल रहा है। यहां पूर्व में प्री-मेच्योर बच्चों को रेफर किया जाता था, लेकिन अब उन्हें भर्ती कर उपचार मिल रहा है। वर्तमान में यहां आठ बेड की सुविधा है, जल्द ही यहां पर एचडीयू के संचालन के बाद 20 बेड पर नवजात को उपचार मिलने लगेगा। इसके अलावा अब यहां पर आरओपी स्क्रीनिंग क्लीनिक खोला जाएगा। जिसमें समय से पूर्व जन्म लेने वाले नवजात की आंखों के रेटिना की ब्लड वेसल्स पूरी तरह से विकसित होने में मदद मिल सके।
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कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. संजय मिश्रा ने बताया कि जिला महिला चिकित्सालय के द्वितीय तल पर जल्द रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमेच्योरिटी (आरओपी) का संचालन शुरू किया जाएगा। इसके संचालन से प्रीमैच्योर बच्चों की रेटिना की जांच हो सकेगी। आरओपी स्क्रीनिंग क्लीनिक से नवजात शिशुओं की आंखों में परदा (रेटिना) की असामान्य रक्त वाहिकाओं के विकास की जांच करके स्थायी अंधेपन से बचाने में मदद मिलेगी।