{"_id":"6967d0e6b28d42608708fa5a","slug":"tahir-murder-case-a-maniac-seeking-rs-1-crore-destroyed-his-family-after-killing-his-father-he-also-pointed-a-rifle-at-his-mother-bulandshahr-news-c-133-1-bul1007-146976-2026-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"ताहिर हत्याकांड: एक करोड़ की सनक ने उजाड़ दिया घर, पिता के कत्ल के बाद मां पर भी तान दी थी राइफल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताहिर हत्याकांड: एक करोड़ की सनक ने उजाड़ दिया घर, पिता के कत्ल के बाद मां पर भी तान दी थी राइफल
विज्ञापन
देहात कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया ताहिर हत्याकांड का आरोपी पुत्र अबु बकर।
विज्ञापन
बुलंदशहर। देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव अकबरपुर में मंगलवार सुबह हुए ताहिर हत्याकांड में पुलिस की जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। ग्रामीणों व प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आरोपी पुत्र अबु बकर ने पहले ही पिता की हत्या की योजना बना ली थी। बीते दिनों ही पिता ने उसे कार भी दिलाई थी। लेकिन, अब आरोपी जमीन बेचकर एक करोड़ रुपये की मांग कर रहा था, वह इस रकम से व्यापार करने की बात कह रहा था। यही नहीं, उसने पिता की हत्या के बाद चौथी गोली बीच-बचाव करने आईं अपनी मां पर चलाने की भी कोशिश की थी।
ग्रामीणों के अनुसार, मृतक ताहिर और उनके आरोपी पुत्र अबु बकर के बीच विवाद की जड़ें काफी गहरी थीं। अबु बकर कुछ समय पहले सऊदी अरब से लौटा था, लेकिन घर आने के बाद वह निठल्ला बैठा था। ताहिर चाहते थे कि उनका बेटा कुछ काम-काज करे, जिसे लेकर घर में आए दिन कहासुनी होती रहती थी। बेटे की बेरोजगारी दूर करने के लिए ताहिर ने उसे एक गाड़ी भी दिलवाई थी ताकि वह काम शुरू कर सके, लेकिन अबु बकर के मन में कुछ और ही चल रहा था। गांव के लोगों ने बताया कि अबु बकर की ख्वाहिशें उसकी मेहनत से कहीं ज्यादा बड़ी थीं। वह खुद मेहनत करने के बजाय पुश्तैनी जमीन को बेचकर बड़ा बिजनेस करने का सपना देख रहा था। इसके लिए वह अपने पिता ताहिर पर लगातार दबाव बना रहा था कि जमीन का एक हिस्सा बेच दिया जाए और उसे नकद एक करोड़ रुपये दिए जाएं। ताहिर इसके सख्त खिलाफ थे, क्योंकि जमीन ही परिवार की जीविका का मुख्य आधार थी। मंगलवार सुबह इसी मांग को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि अबु बकर ने अपनी लाइसेंसी राइफल निकाल ली।
मां की भी ले लेता जान, ग्रामीणों ने देखा खौफनाक मंजर
चश्मदीदों ने बताया कि ताहिर पर गोलियां बरसाने के बाद जब उनकी पत्नी (आरोपी की मां) बीच-बचाव करने और अपने पति को बचाने के लिए दौड़ीं, तो आरोपी की सनक सातवें आसमान पर थी। उसने राइफल अपनी मां के सीने पर भी तान दी थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर उस वक्त शोर सुनकर ग्रामीण और अन्य परिजन मौके पर न पहुंचे होते, तो अबु बकर अपनी मां की भी हत्या कर देता। लोगों की भारी भीड़ को अपनी ओर आता देख वह सहम गया और चाहकर भी चौथा फायर नहीं कर सका।
दहशत में गांव, पुलिस की सख्त कार्रवाई
अकबरपुर गांव में अभी भी सन्नाटा पसरा है। जिस पिता ने बेटे के सुनहरे भविष्य के लिए उसे विदेश भेजा और फिर गाड़ी दिलाई, उसी बेटे के हाथों पिता की मौत देख हर कोई सन्न है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ साक्ष्य जुटाने तेज कर दिए हैं। लाइसेंसी राइफल के दुरुपयोग और जघन्य हत्या को लेकर पुलिस कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है।
कोट...
- आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्राथमिक जांच में विवाद का मुख्य कारण संपत्ति और पैसों का लेनदेन ही सामने आया है। जांच के बाद जल्द ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। - दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी
Trending Videos
ग्रामीणों के अनुसार, मृतक ताहिर और उनके आरोपी पुत्र अबु बकर के बीच विवाद की जड़ें काफी गहरी थीं। अबु बकर कुछ समय पहले सऊदी अरब से लौटा था, लेकिन घर आने के बाद वह निठल्ला बैठा था। ताहिर चाहते थे कि उनका बेटा कुछ काम-काज करे, जिसे लेकर घर में आए दिन कहासुनी होती रहती थी। बेटे की बेरोजगारी दूर करने के लिए ताहिर ने उसे एक गाड़ी भी दिलवाई थी ताकि वह काम शुरू कर सके, लेकिन अबु बकर के मन में कुछ और ही चल रहा था। गांव के लोगों ने बताया कि अबु बकर की ख्वाहिशें उसकी मेहनत से कहीं ज्यादा बड़ी थीं। वह खुद मेहनत करने के बजाय पुश्तैनी जमीन को बेचकर बड़ा बिजनेस करने का सपना देख रहा था। इसके लिए वह अपने पिता ताहिर पर लगातार दबाव बना रहा था कि जमीन का एक हिस्सा बेच दिया जाए और उसे नकद एक करोड़ रुपये दिए जाएं। ताहिर इसके सख्त खिलाफ थे, क्योंकि जमीन ही परिवार की जीविका का मुख्य आधार थी। मंगलवार सुबह इसी मांग को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि अबु बकर ने अपनी लाइसेंसी राइफल निकाल ली।
विज्ञापन
विज्ञापन
मां की भी ले लेता जान, ग्रामीणों ने देखा खौफनाक मंजर
चश्मदीदों ने बताया कि ताहिर पर गोलियां बरसाने के बाद जब उनकी पत्नी (आरोपी की मां) बीच-बचाव करने और अपने पति को बचाने के लिए दौड़ीं, तो आरोपी की सनक सातवें आसमान पर थी। उसने राइफल अपनी मां के सीने पर भी तान दी थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर उस वक्त शोर सुनकर ग्रामीण और अन्य परिजन मौके पर न पहुंचे होते, तो अबु बकर अपनी मां की भी हत्या कर देता। लोगों की भारी भीड़ को अपनी ओर आता देख वह सहम गया और चाहकर भी चौथा फायर नहीं कर सका।
दहशत में गांव, पुलिस की सख्त कार्रवाई
अकबरपुर गांव में अभी भी सन्नाटा पसरा है। जिस पिता ने बेटे के सुनहरे भविष्य के लिए उसे विदेश भेजा और फिर गाड़ी दिलाई, उसी बेटे के हाथों पिता की मौत देख हर कोई सन्न है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ साक्ष्य जुटाने तेज कर दिए हैं। लाइसेंसी राइफल के दुरुपयोग और जघन्य हत्या को लेकर पुलिस कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है।
कोट...
- आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्राथमिक जांच में विवाद का मुख्य कारण संपत्ति और पैसों का लेनदेन ही सामने आया है। जांच के बाद जल्द ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। - दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी
