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Bulandshahar News: पिता की मौत से तनाव में आई किशोरी ने की खुदकुशी
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डिबाई। पिता की मौत के बाद मानसिक तनाव में आई किशोरी ने फंदे से लटक कर जान दे दी। ग्रामीणों के अनुसार वह अधिकतर शांत रहती थी और हर समय पिता को याद करती रहती थी। पुलिस आत्महत्या के साथ अन्य पहलुओं पर भी जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि थाना क्षेत्र के गांव औरंगाबाद में प्रियांशी (14) के आत्महत्या किए जाने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की। पूछताछ में परिजनों ने बताया कि उसके पिता की छह महीने पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। वह मजदूरी करते थे। चाचा अजय ने बताया कि प्रियांशी कक्षा नौ की छात्रा थी। पिता से अधिक लगाव रखती थी। पिता की मौत से उसे गहरा आघात पहुंचा था। मानसिक तनाव में रहने लगी थी।
परिवार के लोगों ने उसे मानसिक तनाव से उभारने का काफी प्रयास किया। चिकित्सक से भी उपचार कराया गया मगर उसकी मानसिक स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हुई। बुधवार को प्रियांशी की मां अपनी दोनों छोटी बेटियों के साथ जंगल में गई हुई थी। दादी पड़ोस में गई थी। प्रियांशी घर में अकेली थी। मां ने बताया कि जब वह अपनी दोनों छोटी बेटियों के साथ वापस घर पहुंचीं तो उनकी बड़ी बेटी कमरे में दुपट्टे से लटकी हुई थी।
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लोगों की मदद से बेटी को फंदे से उतारा लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि परिवार के लोगों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि थाना क्षेत्र के गांव औरंगाबाद में प्रियांशी (14) के आत्महत्या किए जाने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की। पूछताछ में परिजनों ने बताया कि उसके पिता की छह महीने पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। वह मजदूरी करते थे। चाचा अजय ने बताया कि प्रियांशी कक्षा नौ की छात्रा थी। पिता से अधिक लगाव रखती थी। पिता की मौत से उसे गहरा आघात पहुंचा था। मानसिक तनाव में रहने लगी थी।
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परिवार के लोगों ने उसे मानसिक तनाव से उभारने का काफी प्रयास किया। चिकित्सक से भी उपचार कराया गया मगर उसकी मानसिक स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हुई। बुधवार को प्रियांशी की मां अपनी दोनों छोटी बेटियों के साथ जंगल में गई हुई थी। दादी पड़ोस में गई थी। प्रियांशी घर में अकेली थी। मां ने बताया कि जब वह अपनी दोनों छोटी बेटियों के साथ वापस घर पहुंचीं तो उनकी बड़ी बेटी कमरे में दुपट्टे से लटकी हुई थी।
लोगों की मदद से बेटी को फंदे से उतारा लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि परिवार के लोगों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।