{"_id":"6a3812f0a68be10431076702","slug":"the-19-kilometer-long-sikandrabad-kakod-road-will-be-10-meters-wide-bulandshahr-news-c-133-1-bul1030-157806-2026-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: 10 मीटर चौड़ा होगा 19 किलोमीटर लंबा सिकंदराबाद-ककोड़ मार्ग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: 10 मीटर चौड़ा होगा 19 किलोमीटर लंबा सिकंदराबाद-ककोड़ मार्ग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बुलंदशहर। सिकंदराबाद-ककोड़ मार्ग से होकर गुजरने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही उनका सफर सुहाना होने की उम्मीद है। लोक निर्माण विभाग ने 19 किलोमीटर के इस मार्ग की चौड़ाई अब सात मीटर से बढ़ाकर 10 मीटर करने की योजना तैयार की है। विभाग ने 60 करोड़ की लागत से मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। मार्ग के चौड़ीकरण से जहां लोगों का सफर सुहाना होगा, वहीं जेवर एयरपोर्ट, हरियाणा व मथुरा जिले में भी आसानी पहुंच सकेंगे।
सिकंदराबाद से ककोड़ मार्ग से जौली, मलपुर, दुल्हैरा, सलेमपुर जाट समेत करीब 30 गांव के एक लाख लोगों के अलावा कस्बा ककोड़ के 50 हजार लोगों के अलावा सिकंदराबाद के लोग भी गुजरते हैं। कस्बा ककोड़ समेत मार्ग से जुड़े गांव के लोग तहसील सिकंदराबाद और रजिस्ट्री कार्यालय में कार्य से आते हैं। वहीं, सिकंदराबाद बाजार में भी खरीदारी करने के लिए आते हैं। सिकंदराबाद के औद्योगिक क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मी बड़ी संख्या में इस मार्ग से होकर गुजरते हैं। वाहनों की संख्या के सापेक्ष मार्ग की चौड़ाई कम होने के कारण वाहन चालकों को जहां जाम की समस्या की समस्या का सामना करना पड़ता है वहीं, ओवरटेक करने के दौरान हादसे का भी खतरा बना रहता है। यमार्ग के चौड़ीकरण से मार्ग से होकर गुजरने वाले करीब ढाई लाख लोगों का सफर सुहाना होगा।
जेवर एयरपोर्ट पहुंचना होगा आसान, बढ़ेगा व्यापार
सिकंदराबाद-ककोड़ मार्ग जेवर एयरपोर्ट को भी जोड़ता है। ककोड़ से यह मार्ग झाझर, रबूपरा होते हुए जेवर एयरपोर्ट पहुंचता है। मार्ग के चौड़ीकरण से सिकंदराबाद क्षेत्र के लोगों के साथ ही मार्ग पर पड़ने वाले गांव के लोग आसानी से जेवर एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। सिकंदराबाद में औद्योगिक क्षेत्र और जरी कारोबार होने के कारण उद्यमी को हवाई यात्रा करनी पड़ती है। सिकंदराबाद के उद्यमी नितिन जैन, संदीप अग्रवाल, विकास शर्मा, पवन बंसल, शरद टंडन, बीएम पांडेय, रजत राही आदि ने बताया कि कार्य से उन्हें देश-विदेश की हवाई यात्रा करनी पड़ती है। वहीं, मशीनों के पार्ट्स भी बाहर से आते हैं। सिकंदराबाद- ककोड़ मार्ग के चौड़ीकरण से वह आसानी से जेवर एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। सुगम यात्रा की सुविधा उपलब्ध होने से व्यापार को फायदा होगा। वहीं, समय से मशीनों के पार्ट्स पहुंचने से उनका उत्पादन प्रभावित नहीं होगा। जरी कारोबारी आबिद अली, नौशाद मलिक, जावेद अंसारी ने बताया कि सिकंदराबाद की जरी की कारीगरी की खाड़ी देशों के अलावा, यूरोपीय देशों में भी मांग है, जिससे चलते उन्हें हवाई यात्रा करनी पड़ती है। मार्ग के चौड़ीकरण से जेवर एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंच होने से उन्हें लाभ मिलेगा और उनके व्यापार का विकास होगा।
विज्ञापन
श्रद्धालुओं को भी मिलेगा लाभ, हरियाणा तक पहुंच होगी आसान
सिकंदराबाद-ककोड़ मार्ग ककोड़ से नोएडा को होते हुए ताज एक्सप्रेस को जोड़ता है। क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मथुरा, वृंदावन दर्शनों के लिए जाते है। मार्ग के चौड़ीकरण से क्षेत्र के श्रद्धालु आसानी से सिकंदाराबाद-ककोड़ मार्ग से होते हुए आसानी के साथ ताज एक्सप्रेस से मथुरा व वृंदावन पहुंच सकते हैं। वहीं, यह मार्ग क्षेत्र को हरियाणा के पलवल और हामिदपुर से भी जोड़ता है। जिससे हरियाणा और हामिदपुर जाने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा।
कोट
सिकंदराबाद-ककोड़ मार्ग की चौड़ाई सात मीटर से बढ़ाकर दस मीटर करने की योजना है। मार्ग के चौड़ीकरण के लिए शासन को 60 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। प्रताप सिंह, एक्सईएन लोकनिर्माण विभाग
सिकंदराबाद से ककोड़ मार्ग से जौली, मलपुर, दुल्हैरा, सलेमपुर जाट समेत करीब 30 गांव के एक लाख लोगों के अलावा कस्बा ककोड़ के 50 हजार लोगों के अलावा सिकंदराबाद के लोग भी गुजरते हैं। कस्बा ककोड़ समेत मार्ग से जुड़े गांव के लोग तहसील सिकंदराबाद और रजिस्ट्री कार्यालय में कार्य से आते हैं। वहीं, सिकंदराबाद बाजार में भी खरीदारी करने के लिए आते हैं। सिकंदराबाद के औद्योगिक क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मी बड़ी संख्या में इस मार्ग से होकर गुजरते हैं। वाहनों की संख्या के सापेक्ष मार्ग की चौड़ाई कम होने के कारण वाहन चालकों को जहां जाम की समस्या की समस्या का सामना करना पड़ता है वहीं, ओवरटेक करने के दौरान हादसे का भी खतरा बना रहता है। यमार्ग के चौड़ीकरण से मार्ग से होकर गुजरने वाले करीब ढाई लाख लोगों का सफर सुहाना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जेवर एयरपोर्ट पहुंचना होगा आसान, बढ़ेगा व्यापार
सिकंदराबाद-ककोड़ मार्ग जेवर एयरपोर्ट को भी जोड़ता है। ककोड़ से यह मार्ग झाझर, रबूपरा होते हुए जेवर एयरपोर्ट पहुंचता है। मार्ग के चौड़ीकरण से सिकंदराबाद क्षेत्र के लोगों के साथ ही मार्ग पर पड़ने वाले गांव के लोग आसानी से जेवर एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। सिकंदराबाद में औद्योगिक क्षेत्र और जरी कारोबार होने के कारण उद्यमी को हवाई यात्रा करनी पड़ती है। सिकंदराबाद के उद्यमी नितिन जैन, संदीप अग्रवाल, विकास शर्मा, पवन बंसल, शरद टंडन, बीएम पांडेय, रजत राही आदि ने बताया कि कार्य से उन्हें देश-विदेश की हवाई यात्रा करनी पड़ती है। वहीं, मशीनों के पार्ट्स भी बाहर से आते हैं। सिकंदराबाद- ककोड़ मार्ग के चौड़ीकरण से वह आसानी से जेवर एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। सुगम यात्रा की सुविधा उपलब्ध होने से व्यापार को फायदा होगा। वहीं, समय से मशीनों के पार्ट्स पहुंचने से उनका उत्पादन प्रभावित नहीं होगा। जरी कारोबारी आबिद अली, नौशाद मलिक, जावेद अंसारी ने बताया कि सिकंदराबाद की जरी की कारीगरी की खाड़ी देशों के अलावा, यूरोपीय देशों में भी मांग है, जिससे चलते उन्हें हवाई यात्रा करनी पड़ती है। मार्ग के चौड़ीकरण से जेवर एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंच होने से उन्हें लाभ मिलेगा और उनके व्यापार का विकास होगा।
श्रद्धालुओं को भी मिलेगा लाभ, हरियाणा तक पहुंच होगी आसान
सिकंदराबाद-ककोड़ मार्ग ककोड़ से नोएडा को होते हुए ताज एक्सप्रेस को जोड़ता है। क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मथुरा, वृंदावन दर्शनों के लिए जाते है। मार्ग के चौड़ीकरण से क्षेत्र के श्रद्धालु आसानी से सिकंदाराबाद-ककोड़ मार्ग से होते हुए आसानी के साथ ताज एक्सप्रेस से मथुरा व वृंदावन पहुंच सकते हैं। वहीं, यह मार्ग क्षेत्र को हरियाणा के पलवल और हामिदपुर से भी जोड़ता है। जिससे हरियाणा और हामिदपुर जाने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा।
कोट
सिकंदराबाद-ककोड़ मार्ग की चौड़ाई सात मीटर से बढ़ाकर दस मीटर करने की योजना है। मार्ग के चौड़ीकरण के लिए शासन को 60 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। प्रताप सिंह, एक्सईएन लोकनिर्माण विभाग