बीबीनगर। ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहण की गई जमीन के विरोध में किसानों का धरना जारी है। किसानों की मांग है कि अधिग्रहित की गई जमीन का एक करोड़ रुपये प्रति बीघा मिले और चकबंदी के समय उनके खेतों से काटकर बनाई गई नाली व खेत के मार्गों की जमीन को किसानों की ही माना जाए। अब इन किसानों ने शुक्रवार से अपनी मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि जब तक मांग पूरी नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरना किसान कामगार यूनियन तेवतिया के नेतृत्व में चल रहा है। तहसील अध्यक्ष मनजीत सिंह ने बताया कि किसानों का धरना समाप्त करने के लिए जिला प्रशासन किसानों को लगातार प्रताड़ित करने का प्रयास कर रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मनवीर तेवतिया आदि को 23 अप्रैल को जेल में डाल दिया। उन्हें जमानत पर रिहा कराया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की अधिग्रहित की गई जमीन का एक करोड़ रुपये प्रति बीघा नहीं मिलते और चकबंदी के समय उनके खेतों से काटकर बनाई गई नाली व खेत के मार्गों की जमीन को किसानों की ही माना जाएगा तब तक शुरू किया गया आमरण अनशन जारी रहेगा।
उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों पर यह भी आरोप लगाया कि धरना स्थल पर लगाए गए बैनर फाड़कर जला दिए। जबकि इन बैनर में किसान नेताओं के फोटो और उन्हें जलाकर किसान नेताओं का अपमान किया है। इस सत्याग्रह में अब गांव बाहपुर, बैनीपुर, बीबीनगर, चित्सौना, सेगा जगतपुर, महेशपुर, मुंडी बकापुर, चरौरा मुस्तफाबाद, याकूबपुर और धतूरी समेत उन सभी गांवों के किसान शामिल हो रहे हैं, जिनकी जमीन लिंक एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की जा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से उनकी मांग पूरी करने की पुरजोर तरीके से मांग उठाई है।