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Bulandshahar News: 27 साल पुराने मारपीट के मामले में तीन दोषी करार, प्रोबेशन की सख्त शर्तों पर मिली रिहाई
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अनूपशहर। थाना क्षेत्र के एक गांव में खेत पर हुए विवाद और मारपीट के मामले में 27 वर्ष बाद सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक कुमार की अदालत ने तीन अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने उम्र और समय को देखते हुए उन्हें जेल भेजने की बजाय सुधार का अवसर प्रदान किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 26 जुलाई 1998 को वादी अपने परिवार के साथ खेत पर काम कर रहे थे, तभी पड़ोसी खेत वाले अपनी मक्का की नुराई की घास वादी के खेत में फेंकने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से वादी, उनकी मां और बहन पर हमला कर दिया था। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। सहायक अभियोजन अधिकारी सूर्यकुमार यादव ने बताया कि कोर्ट ने प्रेम सिंह, हरपाल और संजय उर्फ राजेश को धारा 323, 324 और 504 आईपीसी के तहत दोषी पाया। एक अन्य अभियुक्त दुर्गा की मौत के कारण मामला पहले ही खत्म हो चुका था।
कोर्ट ने तीनों को धारा 4 परिवीक्षा अधिनियम के तहत एक वर्ष की निगरानी में रखा जाएगा। दो सप्ताह के भीतर जिला प्रोबेशन अधिकारी के पास 20-20 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र जमा करना होगा। हर महीने की 10 तारीख को प्रोबेशन अधिकारी के समक्ष हाजिरी देनी होगी। साथ ही एक साल तक किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में शामिल होने पर कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार 26 जुलाई 1998 को वादी अपने परिवार के साथ खेत पर काम कर रहे थे, तभी पड़ोसी खेत वाले अपनी मक्का की नुराई की घास वादी के खेत में फेंकने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से वादी, उनकी मां और बहन पर हमला कर दिया था। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। सहायक अभियोजन अधिकारी सूर्यकुमार यादव ने बताया कि कोर्ट ने प्रेम सिंह, हरपाल और संजय उर्फ राजेश को धारा 323, 324 और 504 आईपीसी के तहत दोषी पाया। एक अन्य अभियुक्त दुर्गा की मौत के कारण मामला पहले ही खत्म हो चुका था।
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कोर्ट ने तीनों को धारा 4 परिवीक्षा अधिनियम के तहत एक वर्ष की निगरानी में रखा जाएगा। दो सप्ताह के भीतर जिला प्रोबेशन अधिकारी के पास 20-20 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र जमा करना होगा। हर महीने की 10 तारीख को प्रोबेशन अधिकारी के समक्ष हाजिरी देनी होगी। साथ ही एक साल तक किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में शामिल होने पर कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
