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Bulandshahar News: यमुनापुरम में 24 घंटे होगी स्वच्छ पेयजल की सप्लाई, खर्च होंगे 7.91 करोड़ रुपये
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बुलंदशहर। नगर की यमुनापुरम कॉलोनी के निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें जलापूर्ति के लिए समय का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। कॉलोनी में जल्द ही केंद्र सरकार की 24 घंटे स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की अत्याधुनिक योजना शुरू की जा रही है, जिस पर 7.91 करोड़ रुपये खर्च होंगे। योजना का लाभ कॉलोनी के 1528 परिवारों को मिलेगा। आगामी अगस्त माह से इसकी आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। यमुनापुरम कॉलोनी में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा, जिसे पूरी तरह स्मार्ट तकनीक से जोड़ा गया है।
जल निगम नगरीय अधिशासी अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत पाइपलाइन, नलकूप और ओवरहेड टैंक को सेंसर सिस्टम से लैस किया जाएगा, जिससे पानी की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा या लीकेज का तुरंत पता चल सकेगा। योजना की सबसे खास बात इसका ऑटोमेटिक सेंसर सिस्टम है। ओवरहेड टैंक में पानी कम होते ही सेंसर स्वतः नलकूप को चालू कर देगा और टैंक भरते ही उसे बंद भी कर देगा। इससे न केवल निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि पानी की बर्बादी पर भी प्रभावी नियंत्रण रहेगा। पूरी परियोजना को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे पाइपलाइन के प्रेशर, लीकेज, टैंक की स्थिति और उपभोक्ताओं के जल उपयोग तक की जानकारी समय पर मिल सकेगी।
वहीं, लाइन, ओवरहेड टैंक आदि की ऑनलाइन से मॉनिटरिंग भी की जा सकेगी। हर घर में इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाए जाएंगे, जिससे पानी की खपत का सटीक आंकलन हो सकेगा। बताया कि वर्तमान समय में जहां पर स्वच्छ पेयजल योजना के तहत जलापूर्ति दी जा रही है, आपूर्ति सुबह, शाम में निर्धारित समय के लिए दी जाती है। जलापूर्ति का समय निर्धारित होने के कारण उपभोक्ता टैंक में पानी स्टोर करते हैं और ताजा पानी के लिए उसे खाली भी कर देते हैं, जिससे बड़ी मात्रा में पानी व्यर्थ जाता है। केंद्र सरकार की 24 घंटे पेयजल योजना के तहत उपभोक्ताओं को 24 घंटे जलापूर्ति दी जाएगी। वहीं, उपभोक्ताओं को जलापूर्ति करने वाले टैंक की क्षमता भी केवल 600 लीटर होगी, जिससे उपभोक्ताओं को हर समय ताजा पानी उपलब्ध होगा। उपभोक्ता को नल खोलते ही स्वच्छ एवं ताजा जल मिलेगा। ऐसे में योजना के लाभार्थियों को टैंक लगाने की आवश्यकता नहीं है, जिससे ताजा पानी के लिए टैंक को खाली करने से होने वाले पानी की बर्बादी रूकेगी।
पानी की बर्बादी रोकने के लिए योजना का होगा विस्तार
बताया कि यह केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। जिसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यमुनापुरम में शुरू किया जा रहा है। केंद्र सरकार की मंशा लोगों को 24 घंटे स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के साथ ही जल की बर्बादी को भी रोकना है। यदि योजना सफल हुई तो इसके विस्तार किए जाने की संभावना है। यह पहल न केवल जल प्रबंधन को आधुनिक बनाएगी, बल्कि नागरिकों को बेहतर और निरंतर सुविधाएं देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
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जल निगम नगरीय अधिशासी अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत पाइपलाइन, नलकूप और ओवरहेड टैंक को सेंसर सिस्टम से लैस किया जाएगा, जिससे पानी की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा या लीकेज का तुरंत पता चल सकेगा। योजना की सबसे खास बात इसका ऑटोमेटिक सेंसर सिस्टम है। ओवरहेड टैंक में पानी कम होते ही सेंसर स्वतः नलकूप को चालू कर देगा और टैंक भरते ही उसे बंद भी कर देगा। इससे न केवल निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि पानी की बर्बादी पर भी प्रभावी नियंत्रण रहेगा। पूरी परियोजना को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे पाइपलाइन के प्रेशर, लीकेज, टैंक की स्थिति और उपभोक्ताओं के जल उपयोग तक की जानकारी समय पर मिल सकेगी।
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वहीं, लाइन, ओवरहेड टैंक आदि की ऑनलाइन से मॉनिटरिंग भी की जा सकेगी। हर घर में इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाए जाएंगे, जिससे पानी की खपत का सटीक आंकलन हो सकेगा। बताया कि वर्तमान समय में जहां पर स्वच्छ पेयजल योजना के तहत जलापूर्ति दी जा रही है, आपूर्ति सुबह, शाम में निर्धारित समय के लिए दी जाती है। जलापूर्ति का समय निर्धारित होने के कारण उपभोक्ता टैंक में पानी स्टोर करते हैं और ताजा पानी के लिए उसे खाली भी कर देते हैं, जिससे बड़ी मात्रा में पानी व्यर्थ जाता है। केंद्र सरकार की 24 घंटे पेयजल योजना के तहत उपभोक्ताओं को 24 घंटे जलापूर्ति दी जाएगी। वहीं, उपभोक्ताओं को जलापूर्ति करने वाले टैंक की क्षमता भी केवल 600 लीटर होगी, जिससे उपभोक्ताओं को हर समय ताजा पानी उपलब्ध होगा। उपभोक्ता को नल खोलते ही स्वच्छ एवं ताजा जल मिलेगा। ऐसे में योजना के लाभार्थियों को टैंक लगाने की आवश्यकता नहीं है, जिससे ताजा पानी के लिए टैंक को खाली करने से होने वाले पानी की बर्बादी रूकेगी।
पानी की बर्बादी रोकने के लिए योजना का होगा विस्तार
बताया कि यह केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। जिसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यमुनापुरम में शुरू किया जा रहा है। केंद्र सरकार की मंशा लोगों को 24 घंटे स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के साथ ही जल की बर्बादी को भी रोकना है। यदि योजना सफल हुई तो इसके विस्तार किए जाने की संभावना है। यह पहल न केवल जल प्रबंधन को आधुनिक बनाएगी, बल्कि नागरिकों को बेहतर और निरंतर सुविधाएं देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
